'बाबा गोरखनाथ, पूर्वांचल का मरीन ड्राइव और शहीद स्मारक पसंदीदा पर्यटन स्थल'
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विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर अमर उजाला के मानस पर्यटन की अनूठी पहल को जन समर्थन मिल रहा है। जनपदवासियों ने अपनी-अपनी प्रविष्टियों को भेजकर घर आने वाले अतिथियों को घुमाने वाले पर्यटक स्थलों की जानकारी देनी शुरू कर दी है। प्राप्त प्रविष्टियों के मुताबिक, जनपदवासियों की पहली पसंद बाबा गोरखनाथ मंदिर और वहां चलने वाला लाइट एंड सांउड शो है। पूर्वांचल के मरीन ड्राइव के नाम से मशहूर रामगढ़ताल पर भी तमाम लोगों ने अपने जज्बात लुटाए। बिस्मिल, चौरीचौरा शहीद स्मारकों के साथ गीता प्रेस, तरकुलहा देवी, बुढ़िया माई मंदिर और विनोद वन को भी लोगों ने अपना-अपना पसंदीदा पर्यटन स्थल बताया।
क्या बोले प्रतिभागी
तीर्थ से कम नहीं बिस्मिल का शहीद स्थल
खजनी के चनहर निवासी भीमसेन सिंह उज्जवल ने बताया कि पंडित रामप्रसाद बिस्मिल देश की आजादी के लिए 19 दिसंबर 1927 को जिला जेल गोरखपुर में फांसी पर चढ़ गए। पं. रामप्रसाद बिस्मिल जी की प्रतिमा, बलिदान स्थल और जिस कोठरी में उन्हें रखा गया था, ये सब हमारे लिए किसी तीर्थ स्थल से कम नहीं हैं। पर्यटन की दृष्टि से गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर, रामगढ़ ताल, गीता प्रेस सहित बहुत से अन्य स्थान है, लेकिन मैं अपने अतिथि को बिस्मिल जी के स्मारक स्थल का दर्शन कराने ले जाना पसंद करूंगा।
बाबा गोरखनाथ मंदिर मेरी पहली पसंद
गोरखपुर के जीतपुर निवासी अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि वैसे तो गोरखपुर में घूमने लायक कई जगह है। लेकिन कोई अतिथि मेरे घर आए तो मैं उन्हें सबसे पहले गोरखनाथ मंदिर लेकर जाऊंगा। यह मंदिर न केवल शांति का भान कराता है, बल्कि अपनी ऐतिहासिकता के लिए प्रसिद्ध है। इसी से अपने शहर का नामकरण भी हुआ है। इसके बाद प्रकृति की गोद में बसे विनोद वन तथा बुढ़िया माई मंदिर, गीता प्रेस, वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला, रामगढ़ ताल का लाइड एंड साउंड शो, मुंशी प्रेमचंद पार्क, चौरीचौरा शहीद स्मारक को दिखाने की तरजीह दूंगा।
बाबा गोरखनाथ, कबीर और बुद्ध के निर्वाण स्थल का कराऊंगा दर्शन
धर्मशाला बाजार के अशोक जायसवाल ने बताया कि पूर्वांचल अपनी ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के लिए प्रख्यात है। गोरखपुर इसकी हृदयस्थली है। बाबा गोरखनाथ के मंदिर में मौजूद देवी देवताओं के साथ ब्रह्मलीन महंत गंभीरनाथ, दिग्विजयनाथ और अवेद्यनाथ के समाधि स्थलों पर आशीर्वाद लेने के बाद मेहमान को तरकुलहा, बुढ़िया माई और गीता प्रेस का भ्रमण कराऊंगा। रामगढ़ताल की विहंगम छटा के साथ खलीलाबाद स्थित कबीर स्थल और कुशीनगर में महात्मा बुद्ध के भव्य निर्वाण स्थल भी आकर्षण का केंद्र हैं। देश-विदेश से सैलानी इन धरोहरों को देखने के लिए आते हैं। यहां भी घुमाने ले जाऊंगा।
गीता प्रेस का भ्रमण कराऊंगा
इंदिरानगर के करुनेश ओझा ने बताया कि विश्व की सर्वाधिक हिंदू धार्मिक पुस्तकें प्रकाशित करने वाली संस्था गीता प्रेस ख्यातिलब्ध है। अपने अतिथि को सबसे पहले इसका भ्रमण कराना पसंद करूंगा। इसके अलावा गोरखनाथ मंदिर, रेलवे म्यूजियम, नौका विहार, व्ही पार्क, बौद्ध संग्रहालय, नक्षत्रशाला घूमने के लिए मनोरम स्थल हैं। खासकर शाम के वक्त लेक व्यू प्वाइंट वीकेंड की छुट्टियां बिताने की पसंदीदा जगह बन गई है।
जैतपुर की नगवां निवासी दीपाली श्रीवास्तव ने बताया कि कुसम्ही जंगल की हरियाली मन को सुकून देती है। अतिथि को वहां विनोद वन ले जाना और बुढ़िया माई के मंदिर का दर्शन कराना मेरी प्राथमिकता में होगा। साथ ही गोरखपुर में पुरातात्विक धरोहरों की भरमार है, राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर पुरातात्विक संग्रहालय में रखी हजारों वर्ष पुरानी धरोहरों का दर्शन कराऊंगी। रामगढ़ताल, गोरखनाथ मंदिर, तरकुलहा माई ले जाना भी नहीं भूलूंगी।
जीतिए इनाम, बताएं पसंदीदा टूरिस्ट प्लेस का नाम
विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर अमर उजाला आपको शहर के उन स्थानों की याद दिला रहा है, जहां आप कोरोना से पहले अक्सर आया और जाया करते थे। खासतौर से जब आपके मेहमान आते थे तो उनको वहां घुमाने जरूर ले जाते थे। कोराना महामारी की वजह से आप घर पर हैं, अभी कोई अतिथि आपके घर नहीं आ रहा है। ऐसे में हमें बताएं अगर आपका कोई अतिथि गोरखपुर आए तो पर्यटन के लिहाज से आप उसे कहां और क्यों ले जाना पसंद करेंगे। संक्षेप में रोचक ढंग से लिखें। अपनी संक्षिप्त जानकारी नाम, पता, फोन नंबर के साथ 26 सितंबर की दोपहर 2 बजे तक मोबाइल नंबर 7617566160 और 9451457633 पर व्हाट्सएप कर दें। यदि आप कोरोना से पहले किसी बाहरी पर्यटन स्थल पर गए हैं तो उसकी ग्रुप फोटो रोचक स्मृतियों के साथ भेज सकते हैं। सर्वश्रेष्ठ 10 प्रविष्टियों को 27 सितंबर के अंक में प्रकाशित करने के साथ ही उन्हें भेजने वालों को आकर्षक उपहार प्रदान किए जाएंगे।