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गोरखपुर में इस खास जिम्मेदारी को संभालेगा महिलाओं का समूह, जानिए किसको मिलेगा ये मौका

Thu, 23 Jul 2020 02:29 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 23 Jul 2020 02:29 PM IST
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Women will Allotment for be handled 42 quota shops in gorakhpur
फाइल फोटो। - फोटो : Social media

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की रिक्त पड़ी कोटे की दुकानों के आवंटन में महिला स्वयं सहायता समूहों को वरीयता मिलेगी। इसके लिए संबंधित समूहों को जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में आवेदन करना होगा। मास्क, पीपीई किट के साथ ही स्कूली बच्चों की ड्रेस तैयार करने और फिर सामुदायिक शौचालयों की देखरेख के बाद कोटे की दुकानों के संचालन में महिलाओं के समूह की अहम भूमिका होगी। उन्हें मौका देने के पीछे की मंशा शासन द्वारा स्वयं सहायता समूह को सुदृढ़ बनाने के साथ ही महिलाओं का सशक्तिकरण करना भी है।

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जिले में 42 कोटे की दुकानें निरस्त चल रही हैं। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने 21 जुलाई को सभी एसडीएम और जिला पूर्ति कार्यालय को पत्र जारी किया। इसमें कहा है कि 15 दिन के भीतर चयन प्रक्रिया पूरी कर लें।
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नियम के मुताबिक दुकान निरस्त होने की तिथि से एक महीने के भीतर उसका आवंटन हो जाना चाहिए ताकि संबद्धता जल्द से जल्द समाप्त की जा सके। जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार सिंह के मुताबिक ग्राम विकास विभाग में पंजीकृत सहायता समूहों को ही योजना का लाभ मिलेगा। इन दुकानों से होने वाली आय से समूह सुदृढ़ होंगे।

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ऐसे होगा दुकानों का आवंटन

जिला पूर्ति अधिकारी के मुताबिक ग्रामसभा का प्रस्ताव पारित कराने के बाद तहसील स्तरीय चयन समिति के माध्यम से उचित मूल्य की दुकान की नियुक्ति की कार्यवाही होगी। ग्रामसभा की खुली बैठक के समय सोशल डिस्टेंसिंग एवं कोविड-19 के प्रोटोकॉल का अनुपालन कराया जाएगा।

कोटे की रिक्त ऐसी दुकानें जहां अनुकंपा के आधार पर आवंटित किया जाना है, वे दुकानें महिला समूहों को नहीं आवंटित की जा सकेंगी। स्वयं सहायता समूहों के द्वारा आवेदन नहीं करने अथवा आवंटन के लिए योग्य नहीं पाए जाने की स्थिति में पूर्व में कार्यरत फुटकर मिट्टी तेल के विक्रेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
 
एक से अधिक स्वयं सहायता समूहों के आवेदन करने पर, उस स्वयं सहायता समूह को वरीयता मिलेगी, जिस समूह के क्रियाशील सदस्यों की संख्या अधिक हो। क्रियाशील सदस्यों की संख्या का निर्धारण उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के उपायुक्त स्वत: रोजगार की अनुशंसा से किया जाएगा।

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