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Gorakhpur News: छाता और रेनकोट के सहारे स्कूल पहुंचे बच्चे
Tue, 22 Aug 2023 11:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Tue, 22 Aug 2023 11:58 PM IST
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गोरखपुर। बारिश से स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों को दुश्वारियां झेलनी पड़ीं। सुबह स्कूल जाने और दोपहर में छुट्टी के समय हल्की बारिश होती रही। ऐसे में बच्चों और उनके अभिभावकों को छाता और रेनकोट का सहारा लेना पड़ा।
दोपहर करीब 12:30 बजे हल्की बारिश के बीच सिविल लाइंस स्थित लगभग एक दर्जन स्कूलों में छुट्टी का सिलसिला शुरू हुआ। इस बीच कक्षा दो के छात्र आकाश को लेने उनके पिता सुनील श्रीवास्तव रैनकोट और छतरी लेकर पहुंचे थे। शिवांश स्कूल से बाहर निकला तो बिना रेनकोट पहने ही चलने लगा। इसके बाद अनिल ने शिवांश को डांट लगाते रेनकोट पहनाया और खुद को बारिश से बचाने के लिए छतरी लगाते हुए घर के लिए निकल गए।
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कोट
बारिश में बच्चों को स्कूल छोड़ने और घर ले जाने में बहुत दिक्कत होती है। बच्चे को बारिश से बचाने के लिए रेनकोट और छाता दोनों लेकर आती हूं।
-शालिनी, आर्यनगर
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बारिश में बच्चों को स्कूल न भेजने पर उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। मजबूरी में उन्हें स्कूल भेजना पड़ता है। ज्यादा बारिश होने पर स्कूल बंद हो जाने चाहिए।
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-श्याम नयन, बेतियाहाता
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बारिश के समय कार लेकर आना पड़ता है। छुट्टी के समय जाम लग जाता है। बारिश से बचकर कार तक पहुंचने के लिए छाता भी लाई हूं।
-शोभा गुप्ता, तारामंडल
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पिछली बार जब बारिश हुई थी तो मेरा बच्चा भीगकर बीमार पड़ गया था। आज बच्चे को रेनकोट पहना कर लाई हूं, ताकि वह बारिश में भीगने से बच सके।
-आंचल, बशारतपुर
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दोपहर करीब 12:30 बजे हल्की बारिश के बीच सिविल लाइंस स्थित लगभग एक दर्जन स्कूलों में छुट्टी का सिलसिला शुरू हुआ। इस बीच कक्षा दो के छात्र आकाश को लेने उनके पिता सुनील श्रीवास्तव रैनकोट और छतरी लेकर पहुंचे थे। शिवांश स्कूल से बाहर निकला तो बिना रेनकोट पहने ही चलने लगा। इसके बाद अनिल ने शिवांश को डांट लगाते रेनकोट पहनाया और खुद को बारिश से बचाने के लिए छतरी लगाते हुए घर के लिए निकल गए।
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कोट
बारिश में बच्चों को स्कूल छोड़ने और घर ले जाने में बहुत दिक्कत होती है। बच्चे को बारिश से बचाने के लिए रेनकोट और छाता दोनों लेकर आती हूं।
-शालिनी, आर्यनगर
बारिश में बच्चों को स्कूल न भेजने पर उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। मजबूरी में उन्हें स्कूल भेजना पड़ता है। ज्यादा बारिश होने पर स्कूल बंद हो जाने चाहिए।
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-श्याम नयन, बेतियाहाता
बारिश के समय कार लेकर आना पड़ता है। छुट्टी के समय जाम लग जाता है। बारिश से बचकर कार तक पहुंचने के लिए छाता भी लाई हूं।
-शोभा गुप्ता, तारामंडल
पिछली बार जब बारिश हुई थी तो मेरा बच्चा भीगकर बीमार पड़ गया था। आज बच्चे को रेनकोट पहना कर लाई हूं, ताकि वह बारिश में भीगने से बच सके।
-आंचल, बशारतपुर