{"_id":"603dd1b7d1aecd08dc2dea85","slug":"verification-of-gun-in-ravi-gun-house-at-gorakhpur","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी: यहां गन हाउस की सील तोड़कर शुरू हुआ असलहों का सत्यापन, डीएम की सख्ती के बाद जारी हुआ सर्च वारंट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: यहां गन हाउस की सील तोड़कर शुरू हुआ असलहों का सत्यापन, डीएम की सख्ती के बाद जारी हुआ सर्च वारंट
Tue, 02 Mar 2021 11:20 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 02 Mar 2021 11:20 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले से चर्चा में आई गोरखपुर के टाउनहाल स्थित शस्त्र की दुकान रवि गन हाउस में रखे असलहों का सत्यापन शुरू हो गया है। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कमेटी ने दुकान की सील तोड़कर एक-एक शस्त्र का सत्यापन शुरू कर दिया है। तीन से चार दिन में कमेटी अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप देगी।
विज्ञापन
दरअसल, पिछले विधानसभा आदि चुनावों के दौरान कई लोगों ने अपने शस्त्र रवि गन हाउस में जमा किए थे। 16 अगस्त 2019 को फर्जी शस्त्र लाइसेंस का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने दुकान सील कर दी थी। तभी से तमाम लोग अपना असलहा निकलवाने के लिए कलेक्ट्रेट स्थित शस्त्र कार्यालय से लेकर डीएम दफ्तर तक के चक्कर लगा रहे थे।
विज्ञापन
इनमें वे लाइसेंसधारी सर्वाधिक परेशान थे, जिनके लाइसेंस के नवीनीकरण की तिथि समाप्त हो गई थी या होने वाली है। जनवरी 2020 से ही प्रशासन, ऐसे लोगों के असलहे निकालने के लिए कई बार कमेटी गठित कर चुका है। कमेटी की तरफ से दुकान के प्रोपराइटर को उपस्थित होने के लिए कई बार नोटिस और रिमाइंडर भेजा गया, मगर वह या उनके घर से कोई भी उपस्थित नहीं हो रहा था।
विज्ञापन
असलहा जमा करने के लिए 104 लाइसेंसधारी आगे आए
अब डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने सख्ती दिखाई है। उन्होंने कमेटी को सात दिन के भीतर सत्यापन का काम पूरा कर रिपोर्ट देने की हिदायत दी है। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट से सर्च वारंट जारी हुआ, तब जाकर कमेटी ने सोमवार को पुलिस की मौजूदगी में दुकान का सील तोड़कर भीतर रखे सभी असलहों का सत्यापन शुरू किया। सत्यापन होने के बाद जिनके भी असलहे वहां जमा मिलेंगे, उन्हें दूसरे शस्त्र विक्रेताओं की दुकान पर जमा करा दिया जाएगा। पंचायत चुनाव के बाद जरूरी दस्तावेज दिखाकर, संबंधित लाइसेंसधारी अपना असलहा छुड़ा सकेंगे।
प्रभारी अधिकारी शस्त्र/ सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने बताया है कि बार-बार की नोटिस के बाद भी दुकान के मालिक उपस्थित नहीं हो रहे थे। डीएम की तरफ से सत्यापन के लिए गठित कमेटी की अपील पर सर्च वारंट जारी किया गया है। सत्यापन का काम शुरू हो गया।
जिले में तीन असलहे रखने वाले अब तक 104 शस्त्र लाइसेंसधारियों ने अपना एक असलहा जमा करने के लिए आवेदन किया है। सभी के सत्यापन के लिए प्रशासन की तरफ से पुलिस को सूची भेजी गई है, मगर इनमें से अभी तक सिर्फ एक की ही रिपोर्ट आई, जिसपर उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। करीब 103 लोगों की रिपोर्ट आनी अभी भी बाकी है।
रिपोर्ट आने में हो रहे विलंब पर सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने सोमवार को शस्त्र लिपिकों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि रिपोर्ट शासन को जानी है, लिहाजा सभी थानाध्यक्षों को फोन कर एक से दो दिन में सत्यापन रिपोर्ट मंगा ली जाए। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित का एक लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा और असलहों को जमा करा लिया जाएगा। बता दें कि शासन की तरफ से पिछले साल दिसंबर 2020 में ही तीन असलहे रखने वालों के एक-एक असलहे जमा कराने का निर्देश था।
प्रभारी अधिकारी शस्त्र/ सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने बताया है कि बार-बार की नोटिस के बाद भी दुकान के मालिक उपस्थित नहीं हो रहे थे। डीएम की तरफ से सत्यापन के लिए गठित कमेटी की अपील पर सर्च वारंट जारी किया गया है। सत्यापन का काम शुरू हो गया।
जिले में तीन असलहे रखने वाले अब तक 104 शस्त्र लाइसेंसधारियों ने अपना एक असलहा जमा करने के लिए आवेदन किया है। सभी के सत्यापन के लिए प्रशासन की तरफ से पुलिस को सूची भेजी गई है, मगर इनमें से अभी तक सिर्फ एक की ही रिपोर्ट आई, जिसपर उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। करीब 103 लोगों की रिपोर्ट आनी अभी भी बाकी है।
रिपोर्ट आने में हो रहे विलंब पर सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने सोमवार को शस्त्र लिपिकों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि रिपोर्ट शासन को जानी है, लिहाजा सभी थानाध्यक्षों को फोन कर एक से दो दिन में सत्यापन रिपोर्ट मंगा ली जाए। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित का एक लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा और असलहों को जमा करा लिया जाएगा। बता दें कि शासन की तरफ से पिछले साल दिसंबर 2020 में ही तीन असलहे रखने वालों के एक-एक असलहे जमा कराने का निर्देश था।