Gorakhpur: गोरखपुर में यूपी सचिव ने दी यातायात व्यवस्था पर नसीहत तो सफाई पर तारीफ
आयुक्त कहा कि शासन की योजनाओं की प्रगति से वे संतुष्ठ हैं। थोड़ी बहुत कुछ कमियां है मगर उसे वे विस्तार से साझा नहीं करेंगे। ये विश्वास दिलाते हैं कि इन्हें भी सही कर लिया जाएगा। इससे संबंधित अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं।
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शहर की विकास योजनाओं की पड़ताल करने आए मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र को अधिकतर जगहों पर सबकुछ अच्छा मिला। पहले दिन उन्होंने बीआरडी मेडिकल कॉलेज और एम्स की व्यवस्था को सराहा। दूसरे दिन उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था को दस में से दस नंबर देने की बात कही। कहा कि दो दिन के दौरे में उन्हें शहर से लेकर देहात तक में कहीं गंदगी नहीं मिली। इसी बीच उन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था में और सुधार की अधिकारियों को नसीहत भी दे गए। कुछ निर्माण कार्योँ में वह संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली से भी नाखुश दिखे।
मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था (ट्रैफिक सिस्टम) और बेहतर बनाया जाए। किसी भी दशा में सड़कों पर पार्किंग नहीं होनी चाहिए। दो सप्ताह में कार्ययोजना बनाकर दें। यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराएं। जिस भी सड़क पर जाम की समस्या है, सर्वे करके उसे दूर करें। शहरवासियों को जाम की समस्या से निजात दिलाना प्राथमिकता में होना चाहिए।
दो दिवसीय दौरे के आखिरी दिन बृहस्पतिवार को मुख्यसचिव ने कमिश्नर सभागार में गोरखपुर मंडल के विकास कार्यों की समीक्षा की है। गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज व कुशीनगर के आला अफसरों की मौजूदगी में मुख्य सचिव ने कहा कि यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए। रेहड़ी, पटरी दुकानदारों से संवाद कर उनका व्यवस्थित पुनर्वास कराया जाए। स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता में है। स्कूली वाहनों की फिटनेस सही रहे, इसकी सतत निगरानी करें। फिटनेस गड़बड़ मिले तो सख्त कार्रवाई करें। सफाई व्यवस्था और बेहतर करने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि गीला एवं सूखा कचरा अलग-अलग रखने के लिए लोगों को जागरूक किया जाए। जागरूकता से ही काम आसान होगा।
दस करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि सभी परियोजनाओं को समय से पूरा किया जाए। इंसेफेलाइटिस को समाप्त करने के लिए मरीजों की संख्या को शून्य करना है। किसान सम्मान निधि की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि ऐसे किसान जिनका आधार उनके बैंक खाते से लिंक नहीं है, उसे ठीक कराते हुए योजना का लाभ दिया जाए।
निर्माण कार्यों को लेकर स्थिति स्पष्ट न कर पाने पर मुख्य अभियंता पर जताई नाराजगी
निर्माण कार्यों के बारे में स्थिति स्पष्ट न कर पाने पर मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता से नाराजगी जताई। निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों की नियमित रूप से निगरानी की जाए। गोवंश के लिए भूसा की पर्याप्त उपलब्धता रखने के साथ ही उन्होंने हर घर नल योजना का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचाने को कहा। मुख्य सचिव ने पंचायत भवनों, सामुदायिक शौचालय, व्यक्तिगत शौचालय, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण आदि योजनाओं की समीक्षा करते हुए तेजी लाने का निर्देश दिया।
योजनाओं का पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन
मुख्य सचिव के सामने विकास योजनाओं का पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन दिया गया। सभी जिलों के डीएम ने एक-एक विकास योजना की प्रगति बताई। इन योजनाओं में निराश्रित सहभागिता योजना, आयुष्मान भारत योजना, आयुष्मान भारत योजना के तहत उपचारित मरीज, कोविड, अमृत योजना, स्मार्ट सिटी, स्वच्छ भारत मिशन, सामुदायिक शौचालय निर्माण, स्वच्छ भारत मिशन नगरीय, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा, आपरेशन कायाकल्प, गन्ना मूल्य भुगतान, गेहूं क्रय, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला आदि योजनाएं शामिल रहीं।
शहर की सफाई व्यवस्था बहुत अच्छी, 10 में 10 नंबर देता हूं : मुख्य सचिव
मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र शहर की सफाई व्यवस्था से गदगद दिखे। उन्होंने कहा कि दो दिन के दौरे में शहर से लेकर देहात तक के विभिन्न इलाकों में गया, कहीं गंदगी नहीं मिली। इसके लिए जिला प्रशासन और नगर निगम की प्रशंसा करते हैं। सफाई के मामले में प्रशासन और नगर निगम को 10 में 10 नंबर देते हैं।
मुख्य सचिव ने बृहस्पतिवार को कमिश्नर के सभाकक्ष में पत्रकारों से बात की और दो दिनों के दौरे के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एम्स, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, आयुष विश्वविद्यालय, चिड़ियाघर के निरीक्षण में सब कुछ सही मिला है। शासन की योजनाओं की प्रगति से संतुष्ट हैं। कुछ कमियां हैं, मगर उसे विस्तार से साझा नहीं करेंगे। जो कमियां हैं, उसे जल्द दुरुस्त कर लिया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सिर्फ एक कमी का जिक्र किया और कहा कि एम्स के बाहर दीवारों और बिजली के खंभों पर लगे पोस्टर इमारत की खूबसूरती खराब कर रहे हैं।
इंसेफेलाइटिस से मौतें 95 फीसदी कम
मुख्य सचिव ने कहा कि इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौतों में 95 प्रतिशत तक कमी आई है। बीमारी का प्रकोप 90 प्रतिशत कम हुआ है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के परिसर में स्थित रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) में जीनोम सिक्वेंसिंग की व्यवस्था हो गई है। इससे मरीजों की नई सहित आनुवांशिक बीमारियों का पता लगाया जा सकेगा। उन्होंने, मेडिकल कॉलेज प्रशासन की प्रशंसा की और कहा 21 साल बाद मेडिकल कॉलेज जाने का मौका मिला है। कॉलेज कैंपस से लेकर वार्ड तक में बदलाव साफ दिख रहा है। मरीजों को बेहतर इलाज और सुविधाएं मिल रही हैं। मुख्य सचिव ने चिड़ियाघर की सुविधाओं को बेहतरीन बताया है।
मेट्रो परियोजना को मिली पीईबी की मंजूरी
मुख्य सचिव ने कहा कि मेट्रो रेल परियोजना को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (पीईबी)से मंजूरी मिल चुकी है। मेट्रो परियोजना पूरी होने के बाद शहर नई ऊंचाइयों की ओर जाएगा। जल्द ही मेट्रो का काम धरातल पर आएगा।
गोरखनाथ मंदिर की गोशाला का प्रबंधन अच्छा
मुख्य सचिव ने कहा कि गोरखनाथ मंदिर गए। गोशाला देखी। गोरखनाथ मंदिर की गोशाला का प्रबंधन बहुत अच्छा है। अस्पताल की व्यवस्था भी काफी अच्छी है। उन्होंने कहा कि मैंने वहां जाकर काफी कुछ सीखा है। अधिकारियों के साथ मिलकर इसे पूरे प्रदेश में लागू करने को कहेंगे।
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