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Gorakhpur: गोरखपुर में नहीं बनवाया शौचालय, हड़प लिए 11.68 लाख रुपये
Thu, 26 May 2022 04:24 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 26 May 2022 04:24 PM IST
सार
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने कहा कि मामले की तीन सदस्यीय कमेटी से जांच कराई गई थी। रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने पूर्व प्रधान, उनके पति और संबंधित बैंक कर्मियों के खिलाफ एफआईआर कराने का निर्देश दिया है। तहरीर तैयार कराई जा रही है। जल्द ही मुकदमा भी दर्ज करा दिया जाएगा।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
बिना निर्माण कराए लाखों रुपये हड़प लेने का सहजनवां ब्लॉक का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि ऐसा ही घोटाला भटहट ब्लॉक के करमहां बुजुर्ग गांव में भी पकड़ लिया गया। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 112 शौचालयों का बिना निर्माण कराए ही 11.68 लाख रुपये का भुगतान करा लिया गया।
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डीएम विजय किरन आनंद ने इस मामले में पूर्व महिला प्रधान गुड्डी देवी, उसके पति मनोज कुमार और आरोपी पाए गए इंडियन बैंक की भटहट शाखा में तैनात तत्कालीन कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही तत्कालीन पंचायत सचिव फिरदौस जहां के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई के लिए डीपीआरओ को कहा है।
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डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने बताया कि शिकायत पर तीन सदस्यीय कमेटी से मामले की जांच कराई गई थी। जांच कमेटी में एडीओ पंचायत पिपरौली, जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिलापूर्ति अधिकारी शामिल रहे। कमेटी ने 17 मई 2022 को जांच रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट के मुताबिक, घोटाले की पुष्टि हुई है। ग्राम निधि-6 के खाता संख्या से 11.68 लाख रुपये निकाल लिए गए और मौके पर शौचालय का निर्माण कराया ही नहीं कराया गया। ये सभी भुगतान 112 चेकों के माध्यम से किए गए।
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जांच में पता चला कि जिन 112 लाभार्थियों के नाम पर शौचालय की धनराशि हड़पी गई, उसमें से करीब 60 ऐसे हैं, जो उस गांव के निवासी ही नहीं हैं। भुगतान में बैंककर्मियों की भी मिलीभगत सामने आई है। साथ ही तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव, समय-समय पर रोकड़ बही और बैंक स्टेटमेंट की नियमित निगरानी नहीं करने की दोषी पाई गईं। जिसपर डीएम ने संबंधित के खिलाफ एफआईआर और विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिए हैं।
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने कहा कि मामले की तीन सदस्यीय कमेटी से जांच कराई गई थी। रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने पूर्व प्रधान, उनके पति और संबंधित बैंक कर्मियों के खिलाफ एफआईआर कराने का निर्देश दिया है। तहरीर तैयार कराई जा रही है। जल्द ही मुकदमा भी दर्ज करा दिया जाएगा। इसी तरह तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव पर भी विभागी कार्रवाई की जाएगी।