सुविधा शुल्क प्रकरण: गोरखपुर में बैंक का कनेक्शन काटे जाने पर तीन अफसर निलंबित, एसई को चेतावनी
एमडी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम शंभू कुमार ने कहा कि सुविधा शुल्क लेने की बात ही निगम के आचरण प्रणाली के खिलाफ है। इससे निगम की छवि धूमिल हुई है। आरोप लगते ही मामले की जांच करवाई गई। इसमें दोषी पाए गए तीनों अभियंताओं को निलंबित कर दिया गया है। संविदाकर्मियों पर केस दर्ज करवाया गया है। इसके अलावा अधीक्षण अभियंता शहरी को भी चार्जशीट दी गई है।
विस्तार
आईसीआईसीआई बैंक की मोहद्दीपुर शाखा में सुविधा शुल्क नहीं देने पर उपभोक्ता का कनेक्शन काटना अभियंताओं पर भारी पड़ा। मामले में पहले एसडीओ और जेई की तहरीर पर तीनों आरोपी लाइनमैनों पर केस दर्ज हुआ। शाम तक एमडी पूर्वांचल ने पूरे मामले में मोहद्दीपुर खंड के अधिशासी अभियंता वीके चौधरी, एसडीओ नीरज दूबे और अवर अभियंता वीरेंद्र को पर्यवेक्षणीय काम में लापरवाही पाए जाने पर निलंबित कर दिया। इसके अलावा अधीक्षण अभियंंता शहरी लोकेंद्र बहादुर सिंह को चेतावनी देते हुए आरोप पत्र जारी किया गया है। इस कार्रवाई से बिजली निगम में हड़कंप मच गया है।
मोहद्दीपुर में आईसीआईसीआई बैंक की नई शाखा खुली है। बैंक प्रबंधन की तरफ से वेंडर कबीर खान ने 15 किलोवाट के बिजली कनेक्शन का आवेदन किया था। जांच-पड़ताल के बाद क्षेत्र के एसडीओ व जेई ने अपनी रिपोर्ट लगाकर नगरीय वितरण खंड तृतीय के एक्सईएन कार्यालय भेज दी। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद बैंक ने 29 अगस्त को कनेक्शन फीस के मद में 20,848 रुपये जमा कर दिए। उसके बाद बैंक शाखा के जिम्मेदार कनेक्शन व मीटर लगने का इंतजार करने लगे।
वेंडर कबीर खान ने बताया कि रुपये जमा करने के बाद भी कनेक्शन जोड़ने में विलंब हो रहा था। अभियंताओं से जाकर कनेक्शन फीस, मीटर फीस और अन्य दस्तावेजों को दिखाकर कनेक्शन लगाने के लिए अनुरोध किया गया। अभियंताओं की सलाह पर बैंक के वेंडर ने सीधे परीक्षण खंड उपखंडीय कार्यालय में संपर्क कर मीटर लगाने की बात कही।
इसे भी पढ़ें: स्वास्थ पेशे की बीमार तस्वीर: एंबुलेंस माफिया का खेल खुला तो नौकरी से गए सरकारी एंबुलेंस के दो कर्मी
परीक्षण खंड का निजी कर्मचारी 14 सितंबर की शाम 5 बजे मीटर लगाने पहुंचा। उसने मीटर की टेस्टिंग करवाने के बाद परिसर में ही मीटर टांग दिया। इसके बाद बिजली विभाग की ओर से आए लाइनमैन ने बिजली के खंभे से पहले लाइन जोड़ दी और सुविधा शुल्क की मांग की। उसे सुविधा शुल्क दे दिया गया लेकिन उसकी मांग ज्यादा थी। मनमाना सुविधा शुल्क नहीं मिलने पर उसन दोबारा कनेक्शन को काट दिया।
कनेक्शन काटने का वीडियो किसी ने बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। मामले काे संज्ञान में लेकर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लि. के एमडी ने रविवार को ही देर शाम मोहद्दीपुर उपकेंद्र के एक्सईन, एसडीओ और जेई को निलंबित कर दिया। जबकि तीनों लाइनमैन रामानंद, बालकृष्ण और वेद प्रकाश पांडेय के खिलाफ कैंट थाने में केस दर्ज करवाया गया है।
रुपये देने के बाद भी कनेक्शन कटवा दिए, ये गलत किया
बिजली कनेक्शन लेने गए बैंक के अधिकृत वेंडर कबीर खान ने बताया कि कनेक्शन के आवेदन से लेकर स्वीकृत किए जाने तक सारे काम नियमानुसार हुए। कनेक्शन जोड़ने आए लाइनमैनों ने सुविधा शुल्क की मांग की। दो हजार रुपये मांग रहे थे उसे 500 रुपये दिलवा दिए। फिर भी 15 मिनट बाद आकर उसने कनेक्शन काट दिया।
इसे भी पढ़ें: ताल जहदा सीलिंग मामला: हम तैयार तो कर दिया केस...जो नहीं छोड़ रहे कब्जा उन पर मेहरबानी
किसी ने यह सूचना कनेक्शन काटने के दौरान ही फोन पर दी और वीडियो बनाने की सलाह भी दी। कनेक्शन काटने का वीडियो बनाने के बाद ही कार्रवाई संभव हो सकी। वीडियो में साफ दिख रहा है कि लाइनमैन खंभे पर चढ़कर बिजली काट रहे हैं।
जुलाई में आवेदन किया, सितंबर में कनेक्शन लगा
रिपोर्ट में लिखा था कि बिजली के खंभे से कनेक्शन दिया जा सकता है। अधिभारित फीडर नहीं है। इस रिपोर्ट के बाद 29 अगस्त को बैंक की तरफ से कनेक्शन धनराशि स्वीकृत की गई। धन जमा करने के 13 दिन बाद कनेक्शन का अनुबंध किया गया। 14 सितंबर को मीटर का इंडेंड काटकर कनेक्शन स्वीकृत किया गया। कनेक्शन की इसी प्रक्रिया में अगर अभियंताओं ने तत्परता दिखाई होती तो शायद इतनी बड़ी कार्रवाई की जद में नहीं आते।
इसे भी पढ़ें: सीएम योगी ने मूक बधिर विद्यालय में बच्चों से की मुलाकात, प्रदर्शनी को देखकर की सराहना
इनपर हुई कार्रवाई
- वीके चौधरी( एक्सईन) निलंबित, प्रबंध निदेशक कार्यालय से संबद्ध
- नीरज दूबे( एसडीओ) - मुख्य अभियंता बस्ती कार्यालय से संबद्ध
- जेई( वीरेंद्र कुमार)- आजमगढ़ मुख्य अभियंता कार्यालय से संबद्ध
एमडी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम शंभू कुमार ने कहा कि सुविधा शुल्क लेने की बात ही निगम के आचरण प्रणाली के खिलाफ है। इससे निगम की छवि धूमिल हुई है। आरोप लगते ही मामले की जांच करवाई गई। इसमें दोषी पाए गए तीनों अभियंताओं को निलंबित कर दिया गया है। संविदाकर्मियों पर केस दर्ज करवाया गया है। इसके अलावा अधीक्षण अभियंता शहरी को भी चार्जशीट दी गई है।