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Gorakhpur LockDown: सोशल मीडिया का प्रयोग करने से पहले हो जाएं सावधान, खानी पड़ सकती है जेल की हवा
Wed, 25 Mar 2020 03:28 PM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 25 Mar 2020 03:28 PM IST
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कोरोना वायरस।
- फोटो : पीटीआई
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कोरोना के संबंध में भय और भ्रांतियां भी सोशल मीडिया के माध्यम से तेजी से फैल रहीं हैं। जो इस महामारी के बीच फैले हुए डर, अनिश्चितता और उहापोह की स्थिति को और बढ़ा रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फेक मैसेज को लेकर जिला प्रशासन सख्त है। ऐसे लोगों की निगरानी की जा रही है और मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी भी हो रही है।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन और सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने कहा है कि फेक वीडियो, फोटो व सूचना को प्रचारित-प्रसारित करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। सीएमओ ने स्पष्ट किया है कि कोरोना का संदिग्ध या पॉजीटिव केस के बारे में सिर्फ जिलाधिकारी का वक्तव्य भरोसेमंद है। इसके अलावा किसी भी प्रकार के अफवाह से सतर्क रहें।
सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है कि ‘मौसम का तापमान बढ़ने के साथ ही कोराना का प्रकोप कम हो जाएगा।’ इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के महानिदेशक प्रो. बलराम भार्गव के हवाले से स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. बीके वर्मा ने बताया है कि तापमान बढ़ने का कोई असर कोरोना वायरस पर होता है या नहीं इसका अब तक कोई प्रमाण नहीं मिला है।
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डीएम के. विजयेंद्र पांडियन और सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने कहा है कि फेक वीडियो, फोटो व सूचना को प्रचारित-प्रसारित करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। सीएमओ ने स्पष्ट किया है कि कोरोना का संदिग्ध या पॉजीटिव केस के बारे में सिर्फ जिलाधिकारी का वक्तव्य भरोसेमंद है। इसके अलावा किसी भी प्रकार के अफवाह से सतर्क रहें।
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सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है कि ‘मौसम का तापमान बढ़ने के साथ ही कोराना का प्रकोप कम हो जाएगा।’ इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के महानिदेशक प्रो. बलराम भार्गव के हवाले से स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. बीके वर्मा ने बताया है कि तापमान बढ़ने का कोई असर कोरोना वायरस पर होता है या नहीं इसका अब तक कोई प्रमाण नहीं मिला है।
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ऐसे फैलता है कोरोना
बताया कि कोरोना वायरस दुनिया भर में 168 देशों में फैल चुका है। इनमें ग्रीनलैंड जैसे ठंडे देश तो दुबई जैसे गर्म शहर भी, मुंबई जैसे ह्यूमिड शहर और दिल्ली जैसे सूखे शहर भी हैं। इसके अलावा कोरोना वायसर को खत्म करने के लिए यह भी वायरल किया जा रहा है कि पीने और नहाने के लिए गर्म पानी का प्रयोग करें। बताया कि यूनिसेफ के लिए काम कर रहीं चार्लेट गोर्निज्क ने एक निजी समाचार एजेंसी को दिए अपने साक्षात्कार में इस दावे को पूरी तरह से खारिज किया है।
सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि जब कोरोना वायरस से संक्रमित कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है तो उसके थूक के बेहद बारीक 3,000 से अधिक कण यानी ड्रॉपलेट्स शरीर से बाहर आकर हवा में फैल जाते हैं। इन्हीं नन्हें कणों के जरिए कोरोना वायरस फैलता है।
संक्रमित व्यक्ति के नजदीक होने पर ये कण सांस के रास्ते दूसरके व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। इसके अलावा कभी कभी ये कण कपड़ों, दरवाजों के हैंडल और आपके सामान पर गिरते हैं। उस जगह पर किसी का हाथ पड़े और फिर वो व्यक्ति उसी संक्रमित हाथ से अपनी आंख, नाक या मुंह छूता है तो उसे कोरोना वायरस संक्रमण हो सकता है।
एल्कोहल और क्लोरीन के स्प्रे से नहीं मरता है कोरोना वायरस
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार शरीर पर एल्कोहल अथवा क्लोरीन के स्प्रे से कोरोना वायरस मरता नहीं है। इसके अलावा हाथ को सूखाने वाली मशीन (हैंड ड्रायर) और हीटर के प्रयोग से कोरोना वायरस नहीं मरता है। लहसुन का सेवन सेहत के लिए अच्छा है, लेकिन इससे कोरोना से बचाव नहीं हो सकता है। सैलाइन से नाक साफ करने से जुकाम में जल्द आराम मिलता है, लेकिन इससे कोरोना से बचाव नहीं हो सकता है।
सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि जब कोरोना वायरस से संक्रमित कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है तो उसके थूक के बेहद बारीक 3,000 से अधिक कण यानी ड्रॉपलेट्स शरीर से बाहर आकर हवा में फैल जाते हैं। इन्हीं नन्हें कणों के जरिए कोरोना वायरस फैलता है।
संक्रमित व्यक्ति के नजदीक होने पर ये कण सांस के रास्ते दूसरके व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। इसके अलावा कभी कभी ये कण कपड़ों, दरवाजों के हैंडल और आपके सामान पर गिरते हैं। उस जगह पर किसी का हाथ पड़े और फिर वो व्यक्ति उसी संक्रमित हाथ से अपनी आंख, नाक या मुंह छूता है तो उसे कोरोना वायरस संक्रमण हो सकता है।
एल्कोहल और क्लोरीन के स्प्रे से नहीं मरता है कोरोना वायरस
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार शरीर पर एल्कोहल अथवा क्लोरीन के स्प्रे से कोरोना वायरस मरता नहीं है। इसके अलावा हाथ को सूखाने वाली मशीन (हैंड ड्रायर) और हीटर के प्रयोग से कोरोना वायरस नहीं मरता है। लहसुन का सेवन सेहत के लिए अच्छा है, लेकिन इससे कोरोना से बचाव नहीं हो सकता है। सैलाइन से नाक साफ करने से जुकाम में जल्द आराम मिलता है, लेकिन इससे कोरोना से बचाव नहीं हो सकता है।
बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ख्याल
सीएमओ ने अपील की है कि कि इस समय बच्चों और बुजुर्गों का विशेष तौर पर ध्यान रखें। उन्हे सुमन के तरीके से बार-बार हाथ धुलने के लिए प्रेरित करें। अभिभावक उनके साथ मनोरंजन का माहौल बनाए। खेल-खेल में उन्हे हाथ धुलने के बारें में बताएं। बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए उन्हे पोषण युक्त भोजन कराए, उनपर किसी भी तरह का दवाब न बनाए और न ही चिल्लाएं।
जाने सुमन का हाथ धुलने का फार्मूला
जाने सुमन का हाथ धुलने का फार्मूला
- एस- सीधा हाथ
- यू- उल्टा हाथ
- म- मुट्ठी
- ए- अंगूठा
- एन- नाखून
- के- कलाई