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कोरोना की तीसरी लहर: निजी अस्पतालों को करने होंगे इलाज के पुख्ता इंतजाम, शासन ने दिया ये खास निर्देश
Wed, 07 Jul 2021 12:36 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 07 Jul 2021 12:36 PM IST
सार
50 से अधिक बेड वाले निजी अस्पतालों को शासन ने भेजे निर्देश। ऑक्सीजन व अन्य सुविधाओं की करनी होगी व्यवस्था। शहर में 24 हॉस्पिटलों में है 50 से अधिक बेड की सुविधा।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
कोरोना की संभावित तीसरी लहर से पहले शासन ने निजी अस्पतालों में इंतजाम पूरी तरह से चाक चौबंद करने के निर्देश दिए हैं। 50 या उससे अधिक बेड वाले निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन, आईसीयू बेड सहित पीडियाट्रिक वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे निजी अस्पतालों को ऑक्सीजन प्लांट लगाना होगा। इसके अलावा 50 बेड से कम वाले निजी अस्पतालों को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और सिलिंडर की व्यवस्था करनी होगी। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने सभी सीएमओ को पत्र भेजा है।
जिले में 15 मार्च को कोरोना मरीजों की संख्या शून्य हो गई थी। विभाग इसे देखते हुए जिले को कोरोना मुक्त करने की फिराक में था। लेकिन अचानक अप्रैल, मई व जून में मरीजों की संख्या इतनी बढ़ गई कि बेड और ऑक्सीजन के लिए मारा-मारी होने लगी। हर तरफ लोगों के बीच डर का माहौल हो गया। स्थिति ऐसी हो गई है कि निजी अस्पताल से लेकर सरकारी अस्पताल में बेड फुल हो गए।
इस बीच निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत से मरीजों की जान भी चली गई। इसे देखते हुए शासन ने सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाना शुरू कर दिया है। पांच सीएचसी पर प्लांट लगाए भी जा चुके हैं। इसके बाद अब निजी अस्पतालों में प्लांट लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आईसीयू बेड, पीडियाट्रिक बेड बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है जिससे आने वाले समय में मरीजों को कोई दिक्कत न होने पाएं।
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जिले में 15 मार्च को कोरोना मरीजों की संख्या शून्य हो गई थी। विभाग इसे देखते हुए जिले को कोरोना मुक्त करने की फिराक में था। लेकिन अचानक अप्रैल, मई व जून में मरीजों की संख्या इतनी बढ़ गई कि बेड और ऑक्सीजन के लिए मारा-मारी होने लगी। हर तरफ लोगों के बीच डर का माहौल हो गया। स्थिति ऐसी हो गई है कि निजी अस्पताल से लेकर सरकारी अस्पताल में बेड फुल हो गए।
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इस बीच निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत से मरीजों की जान भी चली गई। इसे देखते हुए शासन ने सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाना शुरू कर दिया है। पांच सीएचसी पर प्लांट लगाए भी जा चुके हैं। इसके बाद अब निजी अस्पतालों में प्लांट लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आईसीयू बेड, पीडियाट्रिक बेड बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है जिससे आने वाले समय में मरीजों को कोई दिक्कत न होने पाएं।
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चार निजी अस्पतालों में लगा है प्लांट
जिले में 50 या उससे अधिक बेड के 24 निजी अस्पताल हैं। इनमें चार निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट पहले से लगा हुआ है। सीएमओ ने बताया कि बाकी में भी प्लांट लगाने का निर्देश दिया गया है।
100 बेड का पीडियाट्रिक वार्ड बनकर है तैयार
तीसरी लहर विशेषज्ञों के मुताबिक बच्चों के लिहाज से ज्यादा खतरनाक हो सकती है। इसे देखते हुए बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 100 बेड के पीडियाट्रिक वार्ड बनकर तैयार कर दिए गए हैं। इनमें एनआईसीयू से लेकर आईसीयू तक की सुविधा उपलब्ध है जबकि जिला अस्पताल में 17 बेड का पीडियाट्रिक वार्ड बना है। इसे 50 बेड तक करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके अलावा चौरी-चौरा, गगहा और पिपरौली के पीएचसी में तीन-तीन आईसीयू बेड हैं। यहां पर दो-दो बेड बढ़ाने की तैयारी चल रही है।
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि 50 से अधिक बेड वाले निजी अस्पतालों को ऑक्सीजन प्लांट लगाने का निर्देश शासन ने दिया है। इससे कम बेड वाले अस्पतालों को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर या सिलिंडर की पर्याप्त व्यवस्था करने को भी कहा गया है।
100 बेड का पीडियाट्रिक वार्ड बनकर है तैयार
तीसरी लहर विशेषज्ञों के मुताबिक बच्चों के लिहाज से ज्यादा खतरनाक हो सकती है। इसे देखते हुए बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 100 बेड के पीडियाट्रिक वार्ड बनकर तैयार कर दिए गए हैं। इनमें एनआईसीयू से लेकर आईसीयू तक की सुविधा उपलब्ध है जबकि जिला अस्पताल में 17 बेड का पीडियाट्रिक वार्ड बना है। इसे 50 बेड तक करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके अलावा चौरी-चौरा, गगहा और पिपरौली के पीएचसी में तीन-तीन आईसीयू बेड हैं। यहां पर दो-दो बेड बढ़ाने की तैयारी चल रही है।
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि 50 से अधिक बेड वाले निजी अस्पतालों को ऑक्सीजन प्लांट लगाने का निर्देश शासन ने दिया है। इससे कम बेड वाले अस्पतालों को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर या सिलिंडर की पर्याप्त व्यवस्था करने को भी कहा गया है।