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Gorakhpur News: पिटबुल-रॉटविलर की अब नहीं होगी ब्रीडिंग, बिना शपथ पत्र रखने पर अर्थदंड- जानें क्या है नियम

Wed, 21 Aug 2024 03:04 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Wed, 21 Aug 2024 03:04 PM IST
सार

शहर में पिटबुल-रॉटविलर जैसी खूंखार प्रजाति वाले कुत्तों का पंजीकरण और ब्रीडिंग प्रतिबंधित कर दी गई है। यदि किसी के पास ऐसे कुत्ते हैं तो उनको नगर निगम में शपथ पत्र देना होगा। अन्यथा उनपर निगम अर्थदंड लगा सकता है।

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In Gorakhpur, There will be no breeding of Pitbull-Rottweiler... fine for keeping without affidavit
पिटबुल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शहर में पिटबुल-रॉटविलर जैसी खूंखार प्रजाति वाले कुत्तों का पंजीकरण और ब्रीडिंग प्रतिबंधित कर दी गई है। यदि किसी के पास ऐसे कुत्ते हैं तो उनको नगर निगम में शपथ पत्र देना होगा। अन्यथा उनपर निगम अर्थदंड लगा सकता है।
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नगर निगम ने श्वान संबंधी अनुज्ञप्ति, नियंत्रण और विनियमन उपविधि 2023 के प्रकाशन के साथ ही पालतू श्वानों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। इसमें पिटबुल, रॉटविलर, डोगो अर्जेंटीनो जैसे आक्रामक श्वानों का पंजीकरण और ब्रीडिंग प्रतिबंधित की गई है। अब इन श्वानों को कोई पाल नहीं पाएगा।
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यदि किसी के पास पहले से है तो उसे नगर निगम को शपथ पत्र देकर बताना होगा कि इनकी अब आगे ब्रीडिंग नहीं होगी। ऐसा न करने और नियमों की अवहेलना पर प्रति श्वान 5000 रुपये अर्थदंड चुकाना पड़ेगा।
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इस सत्र में केवल 34 पंजीकरण
शहर में पालतू कुत्तों को रखने के लिए उनका पंजीकरण अनिवार्य है। इसके लिए प्रति श्वान 200 रुपये शुल्क लगते हैं। साथ ही इनका हर साल नवीनीकरण होता है। इसके लिए 100 रुपये चुकाने पड़ते हैं। अप्रैल 2024 से अभी तक महज 34 श्वानों का ही पंजीकरण हुआ है।

पिछले सत्र में यह संख्या 113 थी। अब पालतू श्वानों के पंजीकरण के लिए किसी वैध पशु चिकित्सक द्वारा निर्गत एंटी रेबीज टीकाकरण और बंध्याकरण प्रमाण पत्र अनिवार्य है। आवेदन करने वालों को उनके द्वारा पाले जा रहे श्वानों से पब्लिक न्यूसेंस न करने संबंधी शपथ पत्र भी देना होगा।


नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि शहर में पालतू श्वानों को रखने के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। इससे संबंधित उपविधि का प्रकाशन हो गया है। अब टीम बनाकर लोगों को पहले जागरूक किया जाएगा कि वे अपने श्वान का पंजीकरण कराएं और प्रतिबंधित प्रजातियों को न रखें।


 
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