शिक्षा: गोरखपुर विश्वविद्यालय में विद्यार्थी सीख सकेंगे जर्मन, फ्रेंच व स्पेनिश, 30-30 सीटों पर होगा प्रवेश
सर्टिफिकेट कोर्स के तौर पर 30-30 सीटों पर होगा प्रवेश, अभ्यर्थी 22 जुलाई तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय जल्द ही विदेशी और देशी भाषाओं की पढ़ाई के हब के रूप में विकसित होगा। रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के अंतर्गत फ्रेंच, स्पेनिश और जर्मन के साथ ही हिंदी, संस्कृत और उर्दू भाषाओं के सर्टिफिकेट कोर्स भी विद्यार्थी कर सकेंगे।
विश्वविद्यालय में सर्टिफिकेट कोर्स के लिए 30-30 सीटें निर्धारित की गई हैं। भाषा विशेषज्ञों को विवि से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। सत्र 2021-22 में इन पाठ्यक्रर्मों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुका है। इसके साथ ही विवि की ओर से पंडित दीनदयाल उपाध्याय पर केंद्रित दो क्रेडिट का कोर्स तैयार किया है।
राष्ट्रगौरव पर भी दो क्रेडिट का कोर्स डिजाइन किया है। दोनों ही कोर्स को स्नातक में पढ़ने वाले हर विद्यार्थी को तीन साल की पढ़ाई के दौरान पास करना अनिवार्य है। इच्छुक अभ्यर्थी 22 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश से जुड़ी समस्त जानकारी www.ddugu.ac.in पर हासिल की जा सकती है।
विवि में होगी नाथपंथ की पढ़ाई
विवि में सत्र 2021-22 से नाथ पंथ पर पढ़ाई भी होगी। इसे लेकर सीबीसीएस पैटर्न पर दो क्रेडिट का कोर्स विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से तैयार कराया गया है। स्नातक स्तर में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थी को नाथपंथ पर दो क्रेडिट के कोर्स को पढ़ने का मौका मिलेगा।
भाषा, हेल्थ, आईटी स्किल के लिए भी कोर्सेज
च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) पैटर्न के रूप में तैयार कोर्स के तहत पूरे कोर्स को मेजर कोर्सेज, माइनर इलेक्टिव, माइनर वोकेशनल, माइनर को करिकुलम में विभाजित किया गया है। मेजर कोर्स के साथ अभ्यर्थियों को पहले सेमेस्टर में माइनर इलेक्टिव कोर्स के अंतर्गत भाषा में इंग्लिश, बेसिक ऑफ हिंदी, बेसिक ऑफ संस्कृत, बेसिक ऑफ उर्दू के साथ इंट्रोडक्शन टू पंडित दीनदयाल उपाध्याय, बेसिक्स ऑफ राष्ट्रगौरव, इंट्रोडक्शन ऑफ नाथपंथ, माइनर को-करीकुलम में एनसीसी, एनएसएस, रोवर्स रेंजर्स, खेल, कल्चरल एक्टिविटी, फूड न्यूट्रिशन एंड हेल्थ आदि का विकल्प मिलेगा।
संवाद कौशल व व्यक्तित्व विकास पर भी फोकस
द्वितीय सेमेस्टर में इलेक्टिव कोर्स में बेसिक्स ऑफ आईटी स्किल, बेसिक्स ऑफ जीरो वेस्ट मैनेजमेंट, कम्युनिकेशन ऑफ फॉरेन लैंग्वेज, को- करिकुलम में प्राइमरी ट्रीटमेंट एंड हेल्थ, तृतीय सेमेस्टर के इलेक्टिव कोर्स में बेसिक्स ऑफ पाली, को-करिकुलम में फिजिकल एजुकेशन एंड योगा, चौथे सेमेस्टर के इलेक्टिव कोर्स में बेसिक्स ऑफ नेपाली, इंट्रोडक्शन टू बुद्धिस्ट लैंग्वेज, माइनर को करिकुलम में ह्यूमन वैल्यूज एंड एनवायर्नमेंटल स्टडीज, पांचवें सेमेस्टर के इलेक्टिव में बेसिक्स ऑफ स्पेनिश, एनालिटिकल क्वालिफिकेशन एंड डिजिटल अवेरनेस, छठवें सेमेस्टर के इलेक्टिव कोर्स में बेसिक्स ऑफ जर्मन, को-करिकुलम में संवाद कौशल एवं व्यक्तित्व विकास कोर्स का विकल्प भी चुन सकेंगे।