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आविष्कार प्रदर्शनी: मंगलग्रह पर उतरने वाले भारतीय मार्स ऑर्बिटर के करिए दीदार, यहां खास स्टाल

Sat, 25 Dec 2021 03:20 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 25 Dec 2021 03:20 PM IST
सार

सर्किट हाउस स्थित एनेक्सी परिसर में लगी आविष्कार प्रदर्शनी में देश के अग्रणी विज्ञान संस्थानों के स्टाल लगे हैं। यहां टेलीस्कोप से शनि ग्रह के छल्ले देख सकते हैं। यह प्रदर्शनी 26 दिसंबर तक चलेगी। यहां विद्यार्थियों के सीखने के लिए बहुत कुछ हैं।

 

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Stalls of leading science institutes of country in invention exhibition held in annexe campus
एनेक्सी परिसर में लगी आविष्कार प्रदर्शनी - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

क्या आपने कभी सात करोड़ वर्ष पुराना डायनासोर का अंडा देखा है? भविष्य में मंगलग्रह का अध्ययन करने वाले भारत निर्मित मार्स ऑर्बिटर मिशन के बारे में जाना है? अगर नहीं तो इन्हें देखने समझने का यह सुनहरा मौका है। अब आप इन्हें और इन जैसी कौतूहल वाली अनेक सामग्री सर्किट हाउस स्थित एनेक्सी परिसर में लगी तीन दिवसीय विज्ञान प्रदर्शनी में देख सकते हैं। प्रदर्शनी में देश के प्रमुख वैज्ञानिक संगठनों के साथ ही उद्यम, हस्तशिल्प क्षेत्र के भी स्टाल लगे हैं।
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उज्ज्वल उत्तर प्रदेश गोरखपुर-2021 प्रदर्शनी का आयोजन आविष्कार एग्जिबिशन एंड प्रमोशन प्राइवेट लिमिटेड ने किया है। तीन दिवसीय प्रदर्शनी का अनौपचारिक शुभारंभ शुक्रवार को हो चुका है। शनिवार को प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन सदर सांसद रवि किशन करेंगे। प्रदर्शनी रविवार तक चलेगी। प्रदर्शनी में पहले दिन अलग-अलग मॉडल प्रदर्शित किए गए। आयोजक कंपनी के वाइस प्रेसीडेंट मनी तिवारी ने बताया कि प्रदर्शनी में चंद्रयान, मंगल मिशन और पीएसएलवी रॉकेट के मॉडल देखे जा सकते हैं। युवा, विद्यार्थी और महिलाएं हिस्सा ले सकती हैं। आईसीएमआर की तरफ से मच्छर जनित बीमारियों की जानकारी दी जा रही है।    
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देखिए भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान की उपलब्धियां

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की विपणन शाखा न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) के स्टाल पर अंतरिक्ष में भारत की उपलब्धियां मॉडल के साथ प्रदर्शित की गईं हैं। पृथ्वी की कक्षा में सेटेलाइट स्थापित करने वाले प्रेक्षण यान जीएसएलवी-1, भू-स्थैतिक उपग्रह जीसैट के मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं। भविष्य में मंगल ग्रह का अध्ययन करने वाला भारत निर्मित मार्स ऑर्बिटर का मॉडल भी दर्शाया गया है। यान, उपग्रह और ऑर्बिटर किस तरह काम करते हैं इसकी जानकारी दी जा रही है।   
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टेलीस्कोप से देखिए उपग्रह, एशिया के सबसे बड़े टेलीस्कोप को जानिए

प्रदर्शनी में आर्य भट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) के स्टाल पर लगाए गए गैलीलियो कैसेग्रेन टेलीस्कोप से अंतरिक्ष खंगालने का रोमांच महसूस कर सकते हैं। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शशिभूषण पांडेय ने बताया कि टेलीस्कोप से चंद्रमा की सतह, शुक्र ग्रह, शनि के वलय (रिंग) और बृहस्पति के उपग्रहों को देखा जा सकता है। स्टाल में एशिया के सबसे बड़े टेलीस्कोप देवस्थल नैनीताल की जानकारी मिलेगी। कई देशों के संयुक्त प्रयास से 2032 में स्थापित होने वाले विश्व के सबसे बड़े 30 मीटर टेलीस्कोप (टीएमटी) का चित्रमय चार्ट प्रदर्शित किया गया है। सुदूर स्थित तारे, आकाशगंगा, ब्लैक होल आदि की जानकारी दी जा रही है।  
 

डायनासोर के अंडे का जीवाश्म मौजूद

भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के स्टाल पर डायनासोर, टाइटैनोसोरस के अंडे का सात करोड़ वर्ष पुराना जीवाश्म प्रदर्शित किया गया है। कश्मीर से मिले 35 करोड़ से 29 करोड़ वर्ष पुराने पेड़ के तने का जीवाश्म, शैवाल का जीवाश्म और हाथी दांत का जीवाश्म देखने को मिलेंगे। जीएसआई की वरिष्ठ भू वैज्ञानिक अवंतिका त्रिपाठी, देवाशीष शुक्ला जीवाश्म बनने की प्रक्रिया के साथ ही धरती से मिलने वाले खनिज तत्वों का प्रदर्शन कर जानकारी दे रहे हैं।
 

भारत में मिलने वाले खनिजों को जानिए

मिनरल एक्सप्लोरेशन कारपोरेशन लिमिटेड (एमईसीएल) के स्टाल पर एल्युमिनियम, लोहा आदि धातुओं के खनिज पदार्थों का प्रदर्शन किया जा रहा है। एमईसीएल के महाप्रबंधक योगेश शर्मा और प्रबंधक अखिलेश श्रीवास्तव भारत में निगम की ओर से की जा रही खनिज क्षेत्रों की पहचान और दोहन की जानकारी दे रहे हैं।
 

हस्तशिल्प का भी आनंद लीजिए

स्टाल में विज्ञान प्रदर्शनी के साथ ही हस्तशिल्प के स्टाल लगाए गए हैं। खादी, हथकरघा, मिट्टी की कला, जूट आदि से बने रेडीमेड कपड़े और उत्पाद भी प्रदर्शित किए जा रहे हैं। श्रम विभाग की ओर से लगाए स्टाल में संगठित, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को दी जाने वाली सुविधाएं और कल्याण योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
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