एक शख्स की चाहत ने कई लोगों के सपनों को लगाया पंख, विदेश से आकर कर रहा ये काम
एक तरफ कोरोना जैसे घातक वायरस के अप्रत्याशित आगमन से पूरे देश में व्यवसायिक गतिविधियां ठप्प हो गईं और मजदूरों को महानगरों से गांवों में आने के लिए बाध्य होना पड़ा। इस दौरान गांव लौटे मजदूरों के सामने बड़े पैमाने पर बेरोजगारी की समस्या खड़ी हुई लेकिन तहसील क्षेत्र के अहिरौली बघेल निवासी किसान शौकत अंसारी के शौक ने क्षेत्रीय किसानों में न केवल नई ऊर्जा का संचार किया है बल्कि सब्जी की व्यवसायिक खेती के लिए प्रेरित भी किया है।
लंबे समय तक खाड़ी देश सउदी अरब में नौकरी करने वाले शौकत अंसारी कहते हैं कि काफी समय से सोच रहा था कि जो किसान सबका पेट भरता है उसकी स्थिति आर्थिक स्तर पर क्यों नहीं सुधरती। जबकि चीनी मिल नजदीक होने से कैश क्रॉप के रूप में बड़ी संख्या में किसान गन्ने की खेती करते हैं।
अपने रिश्तेदार नाजिम से जब यह समस्या साझा की तब नाजिम कुशीनगर जनपद में सब्जी की व्यवसायिक खेती करने वाले किसानों से मिलवाने ले गए। लौटने पर मामूली जोत वाले किसान शौकत अंसारी ने गांव के ही बड़े किसान राजू सिंह से सहयोग मांगा। राजू सिंह के सहयोग से आठ बीघे खेत में करेला, नेनुआ, बैंगन और लौकी की बड़े पैमाने पर खेती शुरू की।
लॉकडाउन में नुकसान तो अनलॉक ने उम्मीदों को लगाए पंख
व्यवसायिक किसान शौकत बताते हैं कि शादी विवाह में ताजी हरी सब्जियों की क्षेत्र और स्थानीय बाजारों में बड़ी मांग रहती है लेकिन लॉकडाउन की वजह से सब्जियों की बड़ी मात्रा में उत्पादन से बेचने की समस्या खड़ी हो गई। शुरू में अपेक्षा के अनुरूप आमदनी तो नहीं हुई लेकिन जैसे ही अनलॉक की घोषणा हुई सब्जियों के बाहरी खरीददार आने लगे।
गांव में ही मिल जाती है विशेषज्ञ की सलाह
किसान शौकत अंसारी बताते हैं कि सब्जियों में कौन सी दवा या उर्वरक-कीटनाशक का कितनी मात्रा में उपयोग करना है इसे गांव निवासी कृषि विशेषज्ञ संतोष सिंह निःशुल्क बताते हैं और फार्म पर भी आते हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से कृषि परास्नातक संतोष सिंह कहते हैं कि अच्छे बीज का चुनाव और सही ढंग से उपचारित करने से अच्छे उत्पादन की उम्मीद रहती है।
बड़े पैमाने पर किसान कर रहे व्यवसायिक खेती की तैयारी
शौकत अंसारी के प्रयास को देखते हुए गांव के सैकड़ों किसान सब्जी की व्यवसायिक खेती की ओर उन्मुख हो रहे हैं और आत्मनिर्भर होने की तैयारी में लगे हैं।