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विश्व गर्भनिरोधक दिवस: आठ साधनों का करें चुनाव, बनें परिवार नियोजन के प्रति जिम्मेदार

Sun, 26 Sep 2021 02:45 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 26 Sep 2021 02:45 AM IST
सार

महिला के 20 वर्ष की उम्र होने तक नव दंपती अपना सकते हैं पसंद के साधन, पहला बच्चा होने के बाद तीन साल तक अस्थायी साधनों का विकल्प चुने।

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Special on World Contraception Day news story
परिवार नियोजन। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

परिवार नियोजन के आठ प्रमुख साधन हैं, जो पूरी तरह सुरक्षित भी हैं। इन साधनों में से दंपती कोई भी मनपसंद साधन अपना सकते हैं। परिवार नियोजन कार्यक्रम से जुड़े जिला स्तरीय प्रशिक्षक डॉ. संजय त्रिपाठी ने बताया कि नव दंपती जब तक बच्चा न चाहें तब तक अस्थायी साधनों का इस्तेमाल कर सकते हैं। पहला बच्चा होने के बाद तीन साल तक अस्थायी साधनों का विकल्प चुना जा सकता है। गर्भसमापन या गर्भपात के बाद भी छह माह तक परिवार नियोजन का साधन अपनाया जा सकता है। गर्भ निरोधक के बारे में जागरूकता बढ़ाने और लोगों को परिवार नियोजन के संबंध में जागरूक करने के लिए हर साल 26 सितंबर को विश्व गर्भनिरोधक दिवस मनाया जाता है।

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डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि सभी साधन सुरक्षित हैं। परिवार नियोजन के स्थायी साधन यानी नसबंदी को पुरुष और महिलाएं दोनों अपना सकते हैं। उन पुरुषों को नसबंदी करवानी चाहिए जो शादी-शुदा हो और जिनकी उम्र 60 वर्ष से कम हो। उनके पास कम से कम एक बच्चा होना चाहिए जिसकी उम्र एक वर्ष से अधिक हो। पुरुष नसबंदी तभी करवानी चाहिए जब पत्नी ने नसबंदी न करवाई हो। पुरुष नसबंदी कभी भी करवाई जा सकती है।
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सर्जन डॉ. बुसरा का कहना है कि महिला नसबंदी प्रसव के सात दिन के भीतर, माहवारी शुरू होने के सात दिन के भीतर और गर्भपात होने के तुरंत बाद या सात दिन के अंदर करवाई जा सकती है। वह महिलाएं इस साधन को अपना सकती हैं जिनकी उम्र 22 वर्ष से अधिक और 49 वर्ष से कम हो। दंपती के पास कम से कम एक बच्चा हो जिसकी उम्र एक वर्ष से अधिक हो। पति ने पहले नसबंदी न करवाई हो और सुनिश्चित कर लें कि महिला गर्भवती न हो और प्रजनन तंत्र में संक्रमण न हो। महिला की सहमति भी नितांत जरूरी है।
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प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक पंकज आनंद ने बताया कि महिला नसबंदी पर 1400 रुपये, प्रसव पश्चात नसबंदी पर 2200 रुपये, पुरुष नसबंदी पर 2000 रुपये, प्रसव बाद पीपीआईयूसीडी लगवाने पर 300 रुपये और गर्भपात के बाद आईयूसीडी लगवाने पर 300 रुपये लाभार्थी के खाते में देने का नियम है।

 

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