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पार्टी के रंग में रेलवे अस्पताल का यूरिनल देख बिफरे थे सपा कार्यकर्ता, पोती कालिख, रेलवे प्रशासन ने लगवाया सफेद पेंट

Fri, 30 Oct 2020 09:15 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 30 Oct 2020 09:15 AM IST
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SP party objected to color of party toilets in Gorakhpur railway hospital
रेल प्रशासन ने टॉयलेट पर सफेद पेंट कराया। - फोटो : अमर उजाला।

पूर्वोत्तर रेलवे के ललित नारायण मिश्र चिकित्सालय का यूरिनल पार्टी के झंडे के रंग का देख बृहस्पतिवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता बिफर गए। जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी की अगुवाई में रेलवे के जीएम दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, फिर अपर महाप्रबंधक को ज्ञापन दिया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और यूरिनल में काला पेंट लगा दिया। सपा नेताओं ने एसपी को पत्र देकर मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। उधर, विवाद बढ़ता देख रेलवे प्रशासन ने दोपहर में ही यूरिनल में सफेद पेंट लगवा दिया।


 



 

SP party objected to color of party toilets in Gorakhpur railway hospital
रेलवे अस्पताल का शौचालय। - फोटो : Twitter@Samajwadi Party

रेलवे के अपर महाप्रबंधक और एसपी दक्षिणी विपुल श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपने के दौरान पार्टी के जिलाध्यक्ष ने कहा कि यूरिनल में सपा के झंडे के रंग का इस्तेमाल करने से तमाम लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। भाजपा, समाज में नफरत फैलाने की राजनीति करती रहती है। इस कृत्य को अंजाम देने वाले दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी कार्यकर्ता उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से जय प्रकाश यादव, अमित सिंह सैंथवार ,संजय सिंह एडवोकेट, कालीशंकर, सुनील आजाद, मनोज यादव, नंदलाल कन्नौजिया, विनोद राजभर, सुनील सिंह, रणजीत पासवान, बिंदा सैनी, अख्तर जहां, राजेश यादव पहलवान, मनीष पांडेय, सत्येंद्र नाथ गुप्ता, कमल किशोर यादव, गौरव प्रकाश आदि शामिल रहे।

SP party objected to color of party toilets in Gorakhpur railway hospital
सपा नेताओं ने शौचालयों पर कालिख मोबिल लगाया - फोटो : अमर उजाला।

ट्विटर पर पोस्ट से गरमाया मामला
रेलवे अस्पताल के यूरिनल की तस्वीर के साथ समाजवादी पार्टी की तरफ से किए गए पोस्ट से मामला गरमा गया। पोस्ट होने के बाद कार्यकर्ता एकत्रित हो गए और फिर विरोध की रणनीति बनाई। इस पोस्ट में कहा गया कि शौचालय की दीवारों को सपा के रंग में रंगना लोकतंत्र को कलंकित करने वाली शर्मनाक घटना है। एक प्रमुख राजनीतिक पार्टी के ध्वज के रंगों का अपमान घोर निंदनीय है। इसे संज्ञान में लेकर कार्यवाही की जानी चाहिए।

जून 2018 में यूरिनल का हुआ सुंदरीकरण
रेलवे अस्पताल में असुरन जाने वाली सड़क की ओर से प्रवेश द्वार के पास बना यूरिनल करीब 30 वर्ष पुराना है लेकिन जून 2018 में इसका सुंदरीकरण किया गया। यूरिनल में टाइल्स लगाया गया और नए यूरिनल लगवाए गए।

 

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SP party objected to color of party toilets in Gorakhpur railway hospital
सपा नेताओं का प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला।

थीम था संकेत का, सपा झंडे पर ध्यान ही नहीं गया
सपा के झंडे के रंग की टाइल्स लगाने को लेकर बृहस्पतिवार को सड़क से लेकर सोशल मीडिया पर जमकर हंगामा चला लेकिन रंग का चुनाव भी एक खास थीम को लेकर हुआ था। रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि एक नए इंजीनियर ने यह थीम प्रस्तुत किया था। इसमें लाल रंग का मतलब था रेड जोन। इस जोन में यूरिन न करें, और हरा रंग ग्रीन जोन पर आधारित था। लेकिन इसे फाइनल करते समय किसी का ध्यान नहीं गया कि यह रंग जब आकार लेगा तो सपा के झंडे का हो जाएगा।

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SP party objected to color of party toilets in Gorakhpur railway hospital
सपा नेताओं का प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला।

एनईआर सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत गोरखपुर रेलवे अस्पताल के यूरिनल में लगी टाइल्स वर्षों पुरानी है। इन टाइल्स को लगाने का उद्देश्य बेहतर साफ सफाई सुनिश्चित करना है। इसका किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। आइए साथ मिलकर स्वच्छ भारत मिशन में सहयोग करें।
 

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