पुलिस की पाठशाला: हेलमेट व सीट बेल्ट न लगाने वालों को टोकें, नियम बताएं
एसपी सिटी ने आरपीएम एकेडमी में विद्यार्थियों को कानून का पाठ भी पढ़ाया। अमर उजाला फाउंडेशन की अनूठी मुहिम के तहत पुलिस की पाठशाला लगी।
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जैसे ही आप नया फोन लेते हैं, उसकी सुरक्षा पर ध्यान देते हैं। कवर लगवाते हैं। जब मोबाइल की सुरक्षा का इतना ध्यान रखते हैं तो अपनी सुरक्षा का क्यों नहीं। मोबाइल हम दूसरा खरीद सकते हैं, लेकिन जीवन अमूल्य है। लिहाजा, सीट बेल्ट लगाकर कार और हेलमेट लगाकर दोपहिया वाहन चलाने की आदत डालनी होगी।
यह कहना है एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई का। एसपी सिटी अमर उजाला फाउंडेशन की अनूठी मुहिम के तहत बुधवार को आरपीएम एकेडमी सिविल लाइंस में आयोजित पुलिस की पाठशाला में छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद कर रहे थे।
पुलिस की पाठशाला में आए एसपी सिटी शिक्षक की भूमिका में दिखे। 300 छात्र-छात्राओं के बीच उन्होंने कहा कि आप सब अपने माता-पिता को जागरूक करें। बिना सीट बेल्ट व हेलमेट लगाए घर से बाहर निकलें तो जरूर टोकें। आपकी छोटी पहल से बड़ा बदलाव आएगा। जो लोग 18 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके हैं, वे भी हेलमेट लगाकर ही दो पहिया वाहन चलाएंगे। ऐसा नहीं हुआ तो जुर्माना भरना पड़ेगा।
एसपी सिटी ने कहा कि उत्पीड़न कभी बर्दाश्त नहीं करना चाहिए। स्कूल आने या फिर जाने के दौरान किसी छात्रा को कोई लफंगा परेशान करे या धमकाए तो खुलकर बताएं। चुप्पी से लफंगों का मन बढ़ता है। 1090 वूमेन पॉवर लाइन और डायल 112 पर फोन करके तत्काल राहत पाई जा सकती है। थाना पुलिस भी हर समय मदद के लिए तत्पर रहती है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के इस्तेेमाल में सतर्कता बरतनी चाहिए। कोई अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजता है तो कतई स्वीकार न करें। कोई भी सामग्री शेयर करने से पहले सोचें। कई बार मजाक में शेयर किए गए संदेश आप को परेशानी में डाल सकते हैं। आईटी एक्ट के तहत मुकदमा तक दर्ज हो सकता है।
एसपी सिटी ने हर सवाल का दिया सटीक जवाब
- छेड़खानी के मामलों की शिकायत के बाद पुलिस कार्रवाई में हीलाहवाली करती है। ऐसा क्यों- ओम मिश्रा
- ऐसी समस्या कभी आए तो जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में लाएं। मेरा मोबाइल नंबर 9454401054 है। आपकी किसी शिकायत पर कड़ी कार्रवाई होगी। पुलिस का मकसद सबको सुरक्षा व सम्मान दिलाना है।
- छात्राओं की सुरक्षा का पैमाना क्या है।- रिनी गुप्ता
- जब कोई भी बेटी या बहन अपने घर से रात 11 बजे तक बिना डरे निकले तो सुरक्षा अच्छी मानी जाएगी। गोरखपुर में सुरक्षा का अच्छा माहौल है। कभी नौकायन केंद्र जाकर देखिए। रात 11 बजे तक भीड़ लगी रहती है।
- फोन न हो और शोहदे परेशान करें तो क्या कदम उठाएं।- पलक गुप्ता
- खुद को मजबूत बनाएं और समस्या का डटकर मुकाबला करें। पुलिस की पिकेट अब हर जगह रहती है। जानकारी मिली तो छह मिनट में मदद मिल जाएगी। मेरी सलाह है कि हर बेटी जूडो-कराटे का प्रशिक्षण जरूर ले। सुरक्षा के लिहाज से पेपर स्प्रे लेकर चलें।
- सोशल मीडिया पर तस्वीरों का गलत इस्तेमाल कर लिया जाता है। इसको कैसे रोका जाए।- जान्ह्वी और मुस्कान
- अनजान लोगों से मित्रता न स्वीकार करें। फोटो या वीडियो शेयर करते वक्त अतिरिक्त सतर्कता बरतें। कोई गड़बड़ी लगने पर तुरंत शिकायत करें।
बोली बेटियां
एसपी सिटी ने हेल्पलाइन नंबर बताए हैं। समस्या पर पुलिस की मदद लेंगे। -अंशिका गुप्ता, कक्षा बाहरवीं
महिला सुरक्षा व कानून को लेकर अच्छी जानकारी मिली है। अब किसी भी चुनौती से निपटा जा सकेगा। -मानवी, कक्षा बारहवीं
सोशल मीडिया का इस्तेमाल सतर्कता से करना है। किसी अनजाने को मित्र नहीं बनाना है। -सौम्या त्रिपाठी, कक्षा बारहवीं
यातायात नियमों के पालन की सीख मिली है। हेलमेट और सीट बेल्ट न लगाने वालों कोे टोकने की आदत डालनी है। -निशात सिद्दीकी, कक्षा बारहवीं
कानून की जानकारी अहम
आरपीएम ग्रुप ऑफ स्कूल के चेयरमैन अजय शाही ने कहा कि पुलिस की पाठशाला सरीखे आयोजन विद्यार्थियों को कानून की जानकारी दिलाने में मील का पत्थर साबित होंगे। सही मायने में इससे कानून का सम्मान और कानून से जीवन आसान होने के लक्ष्य को हासिल किया जा सकेगा। इससे पहले चेयरमैन ने एसपी सिटी का स्वागत किया। इस मौके पर अमित श्रीवास्तव, डीके सिंह, शिखा श्रीवास्तव, अमित गुप्ता, बृजपाल सिंह और वेदांत कश्यप मौजूद रहे।