UP Election 2022: गोरखपुर शहर में बड़ा करिश्मा नहीं दिखा पाए छोटे राजनीतिक दल, एक हजार वोट को भी रहे मोहताज
वर्ष 2012 और 2017 में 22 दलों के प्रत्याशियों ने किस्मत आजमाई है, लेकिन मतदाताओं ने उन पर भरोसा नहीं जताया। किसी भी प्रत्याशी की जमानत नहीं बची।
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पूर्वांचल में छोटे राजनीतिक दलों की बड़ी भूमिका रही है। लेकिन, गोरखपुर शहर विधानसभा की बात करें तो यहां छोटे राजनीति दल कभी, कोई बड़ा करिश्मा नहीं दिखा पाए हैं। आंकडे़ गवाह हैं कि पिछले दो चुनावों में पीस पार्टी को छोड़कर छोटे दलों के प्रत्याशी एक हजार वोट भी नहीं पा सके हैं।
वर्ष 2017 में नौ छोटे राजनीति दलों के प्रत्याशियों ने किस्मत आजमाई थी। जिसमें सिर्फ पीस पार्टी के प्रत्याशी अरुण कुमार श्रीवास्तव को 2,252 मत मिले थे। कुल 24 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। इस चुनाव में सातवें स्थान पर नोटा था। इसी प्रकार वर्ष 2012 में भी छोटे राजनीतिक दल, मतदाताओं की पसंद नहीं बन सके। कुल 13 छोटे दलों ने प्रत्याशी उतारे थे। सबसे ज्यादा 2,187 मत पीस पार्टी को ही मिले थे। अन्य राजनीतिक दलों के प्रत्याशी एक हजार मत भी नहीं पा सके थे।
दो चुनावों में 22 छोटे दलों ने आजमाई किस्मत
शहर विधानसभा क्षेत्र में छोटे राजनीतिक दलों ने ज्यादा प्रत्याशी उतारे हैं। वर्ष 2012 और 2017 में 22 दलों के प्रत्याशियों ने किस्मत आजमाई है, लेकिन मतदाताओं ने उन पर भरोसा नहीं जताया। किसी भी प्रत्याशी की जमानत नहीं बची।
वर्ष 2017 में शहर विधानसभा चुनाव के परिणाम
राजनीति दल मतपीस पार्टी 2,252
राष्ट्रीय लोक दल 946
सत्य क्रांति पार्टी 385
सर्वोदय भारत पार्टी 334
बहुजन मुक्ति पार्टी 305
भारतीय शक्ति चेतना पार्टी 291
गोंडवाना समाज पार्टी 269
जन अधिकारी पार्टी 205
राष्ट्रीय जनाधार पार्टी 172