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Gorakhpur News: 16 जून से खुलेंगे स्कूल, बच्चों को न कॉपी-किताब मिली न यूनिफार्म के पैसे
Wed, 15 Jun 2022 12:18 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 15 Jun 2022 12:18 PM IST
सार
गोरखपुर जिले के 2514 परिषदीय विद्यालयों में 3.23 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। सत्र 2022-23 का यूनिफार्म और कॉपी-किताब का वितरण नहीं हुआ है।
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स्कूल। (सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर जिले के परिषदीय विद्यालय 26 दिनों के ग्रीष्मावकाश के बाद 16 जून से फिर खुलेंगे। लेकिन, बच्चों को बिना कॉपी-किताब और यूनिफार्म के ही स्कूल जाना पड़ेगा। दरअसल, अप्रैल में नए सत्र की शुरुआत होने के तकरीबन डेढ़ माह बाद भी सत्र 2022-23 के लिए न तो यूनिफार्म की धनराशि मिली है और न ही कॉपी-किताबों का वितरण हो सका है।
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जिले के 2514 परिषदीय विद्यालयों में 3.23 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिन्हें यूनिफार्म, स्कूल बैग, जूता और मोजा की मद में सरकार की ओर से 1100 रुपये प्रति छात्र की धनराशि अभिभावकों के खाते में डीबीटी के तहत भेजी जाती है। पिछले सत्र से सरकार की ओर से धनराशि भेजी जा रही है। मगर अभी तक लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सका है। वहीं, कॉपी-किताब भी मुख्यालय से गोरखपुर जिले को नहीं मिली है।
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इधर, महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरण आनंद ने 16 जून से शुरू होने वाले परिषदीय विद्यालयों के संचालन के संबंध में प्रदेश भर के बेसिक शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि पहले दिन सभी शिक्षक अनिवार्य रूप से स्कूल में उपस्थित रहें। ऐसा किया जाना सुनिश्चित करने के लिए अधिकारी पहले दिन सभी स्कूलों का निरीक्षण करवाएं। अधिक से अधिक बच्चों का स्कूल में आना सुनिश्चित करें।
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प्रेरणा पोर्टल पर शत-प्रतिशत बच्चों का आधार नामांकन कराकर सत्यापन कराएं। स्कूल खुलने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी हर शनिवार को खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर स्कूलों की दिक्कतों पर चर्चा करें और उन्हें दूर करने का प्रयास करें। निपुण भारत अभियान पर विशेष फोकस किया जाए।
बीएसए आरके सिंह ने कहा कि नए सत्र में कॉपी-किताब और यूनिफार्म का वितरण कराना शासन की प्राथमिकता में है। इस संबंध में मुख्यालय को सूचना दी गई है। जब तक वितरण नहीं हो रहा है, तब तक बच्चों को पुरानी किताबों से पढ़ाया जा रहा है। किसी बच्चे का साल बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा।