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Gorakhpur News: चौंकिए मत! यहां बर्फ की चादर नहीं झाग है साहब
Sun, 30 Jul 2023 12:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sun, 30 Jul 2023 12:24 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। रामगढ़ताल में मोहद्दीपुर पुल के पास शनिवार की सुबह पानी में झाग देखकर लोगों के पैर खुद ही ठिठकते रहे। दूर से देखने पर ऐसा लग रहा था कि जैसे बर्फ की चादर बिछी है। लेकिन, करीब जाने पर यह झाग था। लोगों ने इसका वीडियो और फोटो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। विशेषज्ञों के मुताबिक सरफेक्टेंट और डिटर्जेंट की वजह से बना हुआ झाग था। जो अक्सर ही बारिश के बाद नजर आता है।
पर्यावरणविद् प्रोफेसर डॉ. गोविंद पांडेय के अनुसार घरों सहित अन्य जगहों पर इस्तेमाल होने वाला डिटर्जेंट और सर्फेक्टेंट पानी में घुला रहता है। पुल के पास ताल में बनी दीवार से जब पानी गिरता है। तो वहां पर भंवर बनने जैसी स्थिति होती है, जिससे पानी में घुले डिटर्जेंट और सर्फेक्टेंट से झाग उत्पन्न हो जाता है। प्रोफेसर ने बताया कि सर्फेक्टेंट को सतह-सक्रिय अभिकर्ता कहा जाता है। इसे डिटर्जेंट या अन्य किसी पदार्थ में मिलाने से उसके फैलने और गीला करने के गुण बढ़ जाते हैं। यह डिटर्जेंट को समान रूप से कपड़े में घुसने में मदद करता है। पानी में घुले हुए ये तत्व जब ताल में बने दीवार से नीचे गिरकर पानी में मिलते हैं। भंवर की वजह से पानी में झाग बन जाता है।
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गोरखपुर। रामगढ़ताल में मोहद्दीपुर पुल के पास शनिवार की सुबह पानी में झाग देखकर लोगों के पैर खुद ही ठिठकते रहे। दूर से देखने पर ऐसा लग रहा था कि जैसे बर्फ की चादर बिछी है। लेकिन, करीब जाने पर यह झाग था। लोगों ने इसका वीडियो और फोटो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। विशेषज्ञों के मुताबिक सरफेक्टेंट और डिटर्जेंट की वजह से बना हुआ झाग था। जो अक्सर ही बारिश के बाद नजर आता है।
पर्यावरणविद् प्रोफेसर डॉ. गोविंद पांडेय के अनुसार घरों सहित अन्य जगहों पर इस्तेमाल होने वाला डिटर्जेंट और सर्फेक्टेंट पानी में घुला रहता है। पुल के पास ताल में बनी दीवार से जब पानी गिरता है। तो वहां पर भंवर बनने जैसी स्थिति होती है, जिससे पानी में घुले डिटर्जेंट और सर्फेक्टेंट से झाग उत्पन्न हो जाता है। प्रोफेसर ने बताया कि सर्फेक्टेंट को सतह-सक्रिय अभिकर्ता कहा जाता है। इसे डिटर्जेंट या अन्य किसी पदार्थ में मिलाने से उसके फैलने और गीला करने के गुण बढ़ जाते हैं। यह डिटर्जेंट को समान रूप से कपड़े में घुसने में मदद करता है। पानी में घुले हुए ये तत्व जब ताल में बने दीवार से नीचे गिरकर पानी में मिलते हैं। भंवर की वजह से पानी में झाग बन जाता है।
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