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रामगढ़ ताल: नया सवेरा प्रोजेक्ट की सूरत में होगा और सुधार, जारी किए 4.83 करोड़ रुपये
Fri, 15 Apr 2022 12:59 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 15 Apr 2022 12:59 PM IST
सार
नगर आयुक्त ने बताया कि राष्ट्रीय झील संरक्षण कार्यक्रम के तहत 4.83 करोड़ की दूसरी किस्त मिल गई है। नगर निगम इस रकम को जलनिगम को ट्रांसफर कर रहा है। इसी क्रम में नगर आयुक्त ने जलकुंभी हटाने के लिए जलनिगम से ड्रेजिंग मशीन की मांग की।
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रामगढ़ ताल।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर जिले के रामगढ़ ताल किनारे विकसित हो रहे नया सवेरा की सूरत और बेहतर होगी। इसके लिए शासन ने दूसरी किस्त के रूप में 4.83 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। इससे मुख्य गेट का नए सिरे से सुंदरीकरण होगा। गेट पर फसाड लाइटिंग होगी। साथ ही गेट पर प्राचीन कलाकृतियों का अक्स भी नजर आएगा।
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नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने बृहस्पतिवार को नगर निगम के अधिकारियों के साथ नया सवेरा का निरीक्षण किया। इन दौरान जल निगम के एक्सईएन रतनसेन सिंह भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान निर्णय हुआ कि मुख्य गेट पर फसाड लाइटिंग की जाएगी। गेट तीन रंग में दिखेगा। इसके साथ ही योग मुद्रा की कलाकृति भी मुख्य गेट पर बनाई जाएगी।
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नगर आयुक्त ने बताया कि राष्ट्रीय झील संरक्षण कार्यक्रम के तहत 4.83 करोड़ की दूसरी किस्त मिल गई है। नगर निगम इस रकम को जलनिगम को ट्रांसफर कर रहा है। इसी क्रम में नगर आयुक्त ने जलकुंभी हटाने के लिए जलनिगम से ड्रेजिंग मशीन की मांग की। जल्द ही गोड़धोईया नाले की जलकुंभी की सफाई ड्रेजिंग मशीन से होगी।
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सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का मानचित्र नहीं दिखा सके अधिकारी
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने बृहस्पतिवार को सुथनी स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की प्रगति को लेकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने प्लांट का मानचित्र मांगा जिसे इंजीनियर उपलब्ध नहीं कर सके। जिसके बाद नगर आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए कहा कि दोबारा ऐसी स्थिति नहीं आनी चाहिए। बड़े साइज में मानचित्र साइट पर रखें। नगर आयुक्त ने इंजीनियर ओपी यादव से कहा कि निर्माण से पहले आगरा या कानपुर के प्लांट का निरीक्षण कर लें। जिससे मदद मिलेगी।