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करोड़पति बनने के लालच में इंजीनियर ने गंवा दिए 18.53 लाख रुपये, जानिए कैसे

Sat, 31 Oct 2020 05:17 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, देवरिया।
अमर उजाला ब्यूरो, देवरिया। Published by: vivek shukla Updated Sat, 31 Oct 2020 05:17 PM IST
सार

  • फेसबुक मैसेंजर के जरिए जालसाज ने आरबीआई मुंबई की महिला अधिकारी बनकर लिया झांसे में
  • पत्नी व मित्रों से कर्ज लेकर दिया, ठगी का शिकार होने पर लगाई एसपी से गुहार

 

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Private engineer lost 18.53 lakh rupees due to greed to become millionaire
बैंक धोखाधड़ी। (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : pixabay

विस्तार

करोड़पति बनने के चक्कर में जालसाजों के झांसे में आकर निजी कंपनी में कार्यरत एक इंजीनियर ने 18.53 लाख रुपये गंवा दिए। वह तीन महीने में करोड़पति बनने के चक्कर में आ गया और मैसेंजर पर ही उसे चूना लगा दिया गया। जब मामले का उसे पता चला तो उसके पैरों तले जमीन ही खिसक गई। पीड़ित ने एसपी से शिकायत कर जालसाजों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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खुखुंदू थाना क्षेत्र के चोरभरिया निवासी सत्यप्रकाश (30) पुत्र महेंद्र बीटेक करने के बाद पश्चिम बंगाल में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। शनिवार को एसपी को दिए शिकायती पत्र के अनुसार बीते 25 जून को मैसेंजर पर एलिजावेथ लिली मार्कस नाम से संदेश उसके मोबाइल नंबर पर आया। चैट के जरिए उसने अपने को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया मुंबई का अधिकारी बताया और मोबाइल नंबर मांग लिया।
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इसके बाद उससे व्हाट्सएप पर और फोन पर नियमित बात होने लगी। इसी दौरान उसने बताया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के साथ मिलकर व्यवसाय कीजिए तो एक महीने में करोड़पति बन जाएंगे। इस ऑफर के संबंध में तीन महीनों तक बातचीत होती रही। जब वह आश्वस्त हो गया तो 26 सिंतबर को मार्केटिंग व्यवसाय के जुड़ने के लिए फाइल बनाने के नाम पर 38 हजार रुपये मांग लिए।
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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नाम से भेजा एटीएम

उसने एसबीआई सलेमपुर के अपने बैंक खाता संख्या 30978362411 से महिला के खाते में 28 अक्तूबर को ऑनलाइन भुगतान कर दिया। 2 अक्तूबर को वहां से बताया गया कि आपके नाम से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नाम से एटीएम कोरियर से भेज दिया गया है। आपके बैंक खाते के नाम से एक करोड़ का चेक आया है। चेक लेने के लिए 18 लाख का टैक्स लगेगा।

वह उसके झांसे में आ गए और दस दिनों के अंदर पत्नी सहित सात मित्रों से कर्ज लेकर रुपये इकट्ठा किए और ऑनलाइन मुंबई स्थित महिला अधिकारी के खाते में क्रम से पैसा भेजता गया। 12 अक्तूबर को रिजर्व बैंक के नाम से एटीएम आया। खाते में पैसे आए कि नहीं, जांच करने के लिए वह 13 अक्तूबर को उसी एटीएम से 10 हजार निकाला।

अब उसे विश्वास हो गया कि उसके खाते में 1 करोड़ रुपये आ गए हैं। अगले दिन फिर एटीएम से पैसा निकालने गया तो पिन ही गलत बताया जाने लगा। इसके बाद उन्होंने जालसाज को फोन किया तो पांच लाख रुपया और मांगा तो उनका माथा ठनका। अब उन्हें यह महसूस होने लगा कि मामला कुछ गड़बड़ है। एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि मामले को जांच के लिए साइबर क्राइम को सौपा जाएगा।
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