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गोरखपुर का हाल: इंतजाम पूरे किए बिना शहर से बाहर कर दीं प्राइवेट बसें, अंधेरे में रातभर भटके रहे यात्री

Mon, 02 Oct 2023 12:44 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Mon, 02 Oct 2023 12:44 PM IST
सार

एसपी ट्रैफिक श्यामदेव ने कहा कि अभी नंदानगर में निजी बसों के लिए स्टैंड शुरू हो पाया है। महराजगंज के लिए चयनित स्थल की साफ सफाई नहीं हो सकी है। पार्किंग स्थल पर यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के संबंध में नगर निगम के अधिकारियों से बातचीत की गई है। उनको इस समस्या से अवगत कराया जाएगा।

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Private buses were taken out of the city without completing the arrangements in gorakhpur
नंदानगर में बने बस स्टैंड में दोपहर 12 बजे खड़ी हुई बसें।शाम को लग गया रेला।

विस्तार

गोरखपुर शहर में जाम से निजात दिलाने के लिए आधी-अधूरी तैयारियों के बीच रविवार को दोपहर बाद निजी बसों को शहर से बाहर कर दिया गया। कुशीनगर, देवरिया और बिहार रूट पर जाने वाली बसों को नंदानगर टीवी अस्पताल के पास चिह्नित स्टैंड पर खड़ा कर दिया गया। लेकिन शाम ढलते ही यात्रियों को अंधेरे में भटकना पड़ा।

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नगर निगम की ओर से न तो रोशनी का इंतजाम किया गया था और न ही पीने के पानी की व्यवस्था थी। लोगों ने बोतल का पानी खरीद कर प्यास बुझाई। वहीं महराजगंज जाने वाली बसें पहले की तरह असुरन के पास से चलती रहीं। यात्रियों का कहना था कि अगर बारिश हो गईं तो कहीं छिपने की जगह भी नहीं है।
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नंदानगर में बने बस पार्किंग स्थल पर कोई इंतजाम नहीं किया गया है। रविवार की रात 08.30 बजे पडरौना जाने के लिए बस पकड़ने पहुंचे रामाशीष ने बताया कि अंधेरे की वजह से बस खोजने में दिक्कत हो रही है। सड़क पर जल रही लाइट से आगे के हिस्से में उजाला है। यहां जिसको बस नहीं मिलेगी, उन्हें पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ेगी।
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गोपालगंज जाने के लिए बस तलाश रहे राजेश दुबे ने बताया कि पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। ठेले पर ठंडा पानी की बोतल बिक रही हैं, जिसे खरीदकर पीना पड़ रहा है। यह भी बताया कि यहां पर शौचालय की व्यवस्था नहीं है। उनकी बात सुनकर बेतिया जाने वाले चालक दिव्य प्रकाश ने कहा कि पानी बरस जाए तो सब लोग भींग जाएंगे। यहां शेड भी बनाया जाना चाहिए। दिन में धूप से भी बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी होगी।

शहर में निजी बसों और ऑटो से होने वाले जाम को रोकने के लिए पार्किंग की व्यवस्था बनाई जा रही है। 21 सितंबर को एडीजी अखिल कुमार, कमिश्नर अनिल ढींगरा, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोंगरवाल सहित अन्य अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी चौक रोडवेज बस डिपो का निरीक्षण करके मास्टर प्लान तैयार किया। तब तय हुआ कि एक अक्तूबर से प्राइवेट बसों को शहर के बाहर से चलाया जाएगा। इस दौरान रेलवे बस स्टेशन परिसर में जमीन को समतल कराने, अनावश्यक निर्माणों को ध्वस्त कराने के निर्देश दिए गए।

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इसके अलावा बसों के संचालन वाली जगहों पर शौचालय और पानी की व्यवस्था कराने का निर्देश अधिकारियों ने दिया गया। अधिकारियों ने नंदानगर के पास से देवरिया, कुशीनगर व बिहार की बसों को और महराजगंज रूट की बसों का मेडिकल कॉलेज के पास से संचालन करने को कहा। लेकिन, पहले दिन ही रविवार को यह निर्देश फुस्स हो गया।

सुबह चरती रही भैंसे, दोपहर बाद खड़ी हुईं बसें
नंदानगर के पास बनाए गए स्टैंड पर विश्वविद्यालय चौराहे के पास बने बस स्टैंड से दोपहर 12 बजे के बाद बसों को भेजा गया। इस स्टैंड पर रविवार की सुबह 10 बजे तक कोई इंतजाम नहीं किया गया था। पूरा परिसर खाली पड़ा था। टीबी अस्पताल की ओर से भैंसें चरती नजर आईं। बाद में यातायात पुलिस को याद आया कि बिहार की बसों को नंदानगर में खड़ा किया जाना है। इसके बाद यातायात पुलिसकर्मी हरकत में आए। दोपहर बसों को आनन फानन में नंदानगर की ओर भेजा गया।

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200 से अधिक बसें, पांच हजार से अधिक यात्री करते सफर
बिहार के अधिकांश यात्री गोरखपुर जंक्शन पर ट्रेनों से सफर करते हैं। कुशीनगर और बिहार के गोपालगंज, बेतिया, छपरा सहित अन्य जगहों के यात्री बसों से आते जाते हैं। बस ड्राइवर दिनेश ने बताया कि गोरखपुर से करीब 200 बसें बिहार के लिए पिपराइच, कप्तानगंज, नौरंगिया, छितौनी होते हुए बगहा तक चलती है। गोरखपुर से कसया, पडरौना होते हुए बेतिया तक कुछ बसें जाती हैं। यहां गोपालगंज से मुजफ्फरपुर और सीवान तक तक जाती हैं। औसतन बसें दो चक्कर लगाते हैं। एक अनुमान के अनुसार इन बसों से रोजाना पांच हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं।

बोले यात्री
जब बस में सभी सीटें भर जाती हैं तब चलाई जाती है। इसमें दो से तीन घंटे तक लग जाता है। पीने के पानी का कोई इंतजाम नहीं है। शौचालय की व्यवस्था नहीं हुई है। सुरक्षा को लेकर भी कोई व्यवस्था नहीं नजर आई।-पवन यादव, यात्री।

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गोपालगंज के लिए बस रात में नौ बजे जाएगी। हम लोग यहां पर छह बजे से परेशान हैं। पूरे परिसर में अंधेरा हो गया है। यहां पर रोशनी का इंतजाम नहीं है। यदि रात में किसी को रुकना पड़ा तो रेलवे स्टेशन जाना पड़ेगा।-राजेश दुबे, यात्री।

पडरौना जाने के लिए बस की तलाश कर रहे हैं। चालक ने बताया है कि एक घंटे के बाद जाएंगे। तब से यहां से वहां भटक रहे हैं। बैठने की व्यवस्था नहीं है। लोग सड़क किनारे खड़े होकर समय काट रहे हैं। -महंत कृष्ण मुरारीदास, यात्री।

ट्रेन से उतरकर आटो पकड़कर यहां तक आए हैं। यहां से मोतीहारी जाएंगे। यहां पर खाली जगह है। प्रशासन की ओर से यात्रियों के लिए कम से शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था की जानी चाहिए।-कलीमुल्लाह, यात्री।

एसपी ट्रैफिक श्यामदेव ने कहा कि अभी नंदानगर में निजी बसों के लिए स्टैंड शुरू हो पाया है। महराजगंज के लिए चयनित स्थल की साफ सफाई नहीं हो सकी है। पार्किंग स्थल पर यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के संबंध में नगर निगम के अधिकारियों से बातचीत की गई है। उनको इस समस्या से अवगत कराया जाएगा। पहला दिन होने से कुछ समस्या आई है।
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