मुंगेर को मात दे रही है बस्ती की तमंचा फैक्ट्री, छह महीने में 107 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में धड़ाधड़ पकड़े जा रहे अवैध तमंचों से साबित होता है कि पुलिस उनके ताकत के आगे बेबस है। यदि ऐसा न होता तो बार-बार असलहों के बड़े धंधेबाज के पकड़े जाने के बावजूद इस पर अंकुश क्यों नही लग पाया? पुलिस बार-बार दावा तो करती है कि उसने पूरी चेन को तोड़ दिया है, मगर वास्तव में ऐसा नहीं है।
छह महीने के दौरान अवैध शस्त्र के साथ 107 लोगों की गिरफ्तारी इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। पंद्रह सौ से पांच हजार रुपये तक के तमंचे जब चाहें, जिले में उपलब्ध है। आसानी से उपलब्ध हो रहे तमंचों के कारण आए दिन फायरिंग, हत्या व धमकी की घटनाएं सामने आ रही हैं।
27 जुलाई-2018 को लालगंज थाने के भक्तूपुर में सड़क के किनारे झोपड़ी में तमंचा-कारतूस की फैक्ट्री पकड़ी गई थी। इस झोपड़ी में कोयले की भट्टी लगाकर असलहा बनता था, जिसकी गोरखपुर समेत अन्य जिलों में सप्लाई होती थी।
इस नेटवर्क का मास्टर माइंड गोरखपुर के बेलघाट थानाक्षेत्र में एकौना बुजुर्ग निवासी विवेक कुमार सिंह था, जो बिहार के गोपालगंज निवासी गोलू के साथ धंधा चलाता था। इससे पहले 12 फरवरी-2017 को कप्तानगंज में एक किराए के अर्धनिर्मित मकान में असलहा फैक्ट्री पकड़ी गई थी। वहां से भारी मात्रा में निर्मित-अर्धनिर्मित तमंचा व बनाने का उपकरण बरामद किए गए थे। दस बदमाश पकड़े गए थे, जो बावरिया गिरोह से जुड़े बताए जा रहे थे।
मेड इन चीन का बोलबाला
लाखों रुपये कीमत की चोरी के जेवरात व अन्य उपकरण भी बरामद किए गए थे। दो दिन पहले परशुरामपुर थाने के बस्थनवां में लोहार के घर में असलहे की फैक्ट्री पकड़ी गई। सुभाष लोहार नाम के कारीगर और उसके सहयोगियों के कब्जे से भारी मात्रा में तमंचा, कारतूस, बर्मा मशीन, ग्राइंडर, आयरन कटर, डाइमेकर आदि के साथ 47 अर्द्धनिर्मित तमंचा बरामद किया गया था।
एसपी हेमराज मीणा का कहना है कि पुलिस लगातार अभियान चलाकर अवैध असलहों का प्रचलन रोक रही है। 105 अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं। बाकी के लिए टीमें जुटी हैं।
देसी असलहे के अलावा मेड इन चीन या जापान लिखा हुआ विदेशी मॉडल असलहे की खासी डिमांड है, जिसे मुंगेर से लाकर बेचा जाता हैं। पिस्टल, रिवाल्वर, तमंचा बारह बोर, तीन सौ पंद्रह, अद्धी शामिल है। सबसे अधिक विदेशी मॉडल के माउजर और पिस्टल की डिमांड है, जो बीस से लेकर चालीस हजार के बीच बिकते हैं।