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मुफ्त अनाज वितरण शुरू हुआ तो घट गए कार्डधारक
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मुफ्त अनाज वितरण शुरू हुआ तो घट गए कार्डधारक
बढ़ गई यूनिट की संख्या, पात्रता के दायरे में आने वाले 94. 56 प्रतिशत लोग उठा रहे लाभ
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत बंट रहा निशुल्क अनाज
दोनों योजनाओं में हर माह करीब 13 हजार मीट्रिक टन अनाज को हो रहा वितरण
शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत निशुल्क अनाज वितरण शुरू होते ही जिले में कार्ड धारकों की संख्या घट गई और यूनिट बढ़ गई। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, पात्रता के दायरे में आने वाले 94. 56 प्रतिशत लोग योजना का लाभ उठा रहे हैं।
जिले में पहले 3,30,845 कार्ड धारक और यूनिट की संख्या 12.67 लाख थी। मार्च 2020 में कोरोना संक्रमण के बाद लोगों को भोजन की दिक्कत न हो इसके लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना शुरू की गई। मई 2021 से योजना का द्वितीय चरण शुरू हुआ। योजना प्रति यूनिट तीन किलोग्राम गेहूं और दो किलोग्राम चावल का वितरण निशुल्क किया जा रहा है।
सत्यापन में जिले में कार्ड धारकों की संख्या 3,30,745 हो गई। जबकि यूनिट की संख्या 12,65,819 हो गई। मुफ्त अनाज का वितरण जब यूनिट के आधार पर शुरू हुआ तो कार्ड धारकों की संख्या घटकर 3,24,116 हो गई। वहीं यूनिट की संख्या बढ़कर 13,24,427 हो गई। इससे साफ है कि 6629 कार्ड धारक घट गए और करीब 58 हजार यूनिट बढ़ गई।
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जिले की आबादी करीब 18 लाख है। जबकि मुफ्त अनाज लेने वालों की संख्या 13,24,427 है। इससे साफ है जिले की 75 प्रतिशत आबादी प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना पर निर्भर है। कार्ड धारक वीरेंद्र पांडेय, विजय शुक्ला, अतुल और उदयराज ने बताया कि प्रधानमंत्री की निशुल्क अनाज वितरण योजना बेहद कारगर है। इस योजना का लाभ प्रत्येक घर तक पहुंच रहा है। इस योजना का लाभ लेने के लिए लोगों ने कार्ड तो कटवा दिया, लेकिन यूनिट की संख्या बढ़वाने पर विशेष जोर दिया है।
जिला पूर्ति अधिकारी राजीव शुक्ला ने बताया कि मई 2021 से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के द्वितीय चरण की शुरूआत हुई है। अब महीने में दो बार अनाज का वितरण हो रहा है। पहले राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अनाज का नियमित वितरण होता है। बाद में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का वितरण होता है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में प्रत्येक महीने गेेहूं और चावल मिला कर करीब साढे़ छह हजार मीट्रिक टन अनाज का वितरण निशुल्क होता है। जून,जुलाई और अगस्त में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत होने वाला नियमित अनाज वितरण भी निशुल्क हो रहा है। दोनों योजनाओं का मिलाकर 13 हजार मीट्रिक अनाज का वितरण निशुल्क हो रहा है। ई - पॉस मशीन से आधार प्रमाणीकरण के उपरांत ही अनाज का वितरण हो रहा है। पात्रता के दायरे में आने वाले 94. 56 प्रतिशत लोग योजना का लाभ उठा रहे हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का लाभ नवंबर तक मिलेगा।
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बढ़ गई यूनिट की संख्या, पात्रता के दायरे में आने वाले 94. 56 प्रतिशत लोग उठा रहे लाभ
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत बंट रहा निशुल्क अनाज
दोनों योजनाओं में हर माह करीब 13 हजार मीट्रिक टन अनाज को हो रहा वितरण
शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत निशुल्क अनाज वितरण शुरू होते ही जिले में कार्ड धारकों की संख्या घट गई और यूनिट बढ़ गई। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, पात्रता के दायरे में आने वाले 94. 56 प्रतिशत लोग योजना का लाभ उठा रहे हैं।
जिले में पहले 3,30,845 कार्ड धारक और यूनिट की संख्या 12.67 लाख थी। मार्च 2020 में कोरोना संक्रमण के बाद लोगों को भोजन की दिक्कत न हो इसके लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना शुरू की गई। मई 2021 से योजना का द्वितीय चरण शुरू हुआ। योजना प्रति यूनिट तीन किलोग्राम गेहूं और दो किलोग्राम चावल का वितरण निशुल्क किया जा रहा है।
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सत्यापन में जिले में कार्ड धारकों की संख्या 3,30,745 हो गई। जबकि यूनिट की संख्या 12,65,819 हो गई। मुफ्त अनाज का वितरण जब यूनिट के आधार पर शुरू हुआ तो कार्ड धारकों की संख्या घटकर 3,24,116 हो गई। वहीं यूनिट की संख्या बढ़कर 13,24,427 हो गई। इससे साफ है कि 6629 कार्ड धारक घट गए और करीब 58 हजार यूनिट बढ़ गई।
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जिले की आबादी करीब 18 लाख है। जबकि मुफ्त अनाज लेने वालों की संख्या 13,24,427 है। इससे साफ है जिले की 75 प्रतिशत आबादी प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना पर निर्भर है। कार्ड धारक वीरेंद्र पांडेय, विजय शुक्ला, अतुल और उदयराज ने बताया कि प्रधानमंत्री की निशुल्क अनाज वितरण योजना बेहद कारगर है। इस योजना का लाभ प्रत्येक घर तक पहुंच रहा है। इस योजना का लाभ लेने के लिए लोगों ने कार्ड तो कटवा दिया, लेकिन यूनिट की संख्या बढ़वाने पर विशेष जोर दिया है।
जिला पूर्ति अधिकारी राजीव शुक्ला ने बताया कि मई 2021 से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के द्वितीय चरण की शुरूआत हुई है। अब महीने में दो बार अनाज का वितरण हो रहा है। पहले राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अनाज का नियमित वितरण होता है। बाद में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का वितरण होता है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में प्रत्येक महीने गेेहूं और चावल मिला कर करीब साढे़ छह हजार मीट्रिक टन अनाज का वितरण निशुल्क होता है। जून,जुलाई और अगस्त में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत होने वाला नियमित अनाज वितरण भी निशुल्क हो रहा है। दोनों योजनाओं का मिलाकर 13 हजार मीट्रिक अनाज का वितरण निशुल्क हो रहा है। ई - पॉस मशीन से आधार प्रमाणीकरण के उपरांत ही अनाज का वितरण हो रहा है। पात्रता के दायरे में आने वाले 94. 56 प्रतिशत लोग योजना का लाभ उठा रहे हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का लाभ नवंबर तक मिलेगा।