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Lakhimpur Kheri Violence Case: गोरखपुर-बस्ती मंडल में सपा, कांग्रेस और आप ने दिया धरना, भाकियू ने किया प्रदर्शन

Mon, 04 Oct 2021 06:13 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर/बस्ती मंडल।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर/बस्ती मंडल। Published by: vivek shukla Updated Mon, 04 Oct 2021 06:13 PM IST
सार

सुबह 10 बजे ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में धरना दिया। सपा कार्यकर्ता अखिलेश यादव की गिरफ्तारी का भी विरोध कर रहे थे।

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Lakhimpur Kheri Violence Case News: Gorakhpur Opposition parties protest against Lakhimpur Kheri incident in Gorakhpur
लखीमपुर खीरी हिंसा मामला: गोरखपुर-बस्ती मंडल में धरना-प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

लखीमपुर खीरी कांड के विरोध में सोमवार को गोरखपुर-बस्ती मंडल में विपक्षी दल सड़क पर उतर गए। धरना-प्रदर्शन के चलते गोलघर में जाम लगा रहा। सुबह 10 बजे ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में धरना दिया। सपा कार्यकर्ता अखिलेश यादव की गिरफ्तारी का भी विरोध कर रहे थे। कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार से इस्तीफे की मांग की। वहीं आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी विरोध में जुलूस निकाला और कलेक्ट्रेट में धरना दिया।
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आप कार्यकर्ता इस घटना के लिए भाजपा सरकार को दोषी ठहरा रहे थे। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने भी नगर निगम और कचहरी चौराहा पर प्रदर्शन किया। इसके अलावा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कचहरी चौराहे के पास सड़क जाम कर दिया। आंदोलन के चलते पूरे शहर में जाम की स्थिति बनी रही।
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देवरिया में जगह-जगह धरना प्रदर्शन, एक दर्जन सपा नेता हिरासत में

Lakhimpur Kheri Violence Case News: Gorakhpur Opposition parties protest against Lakhimpur Kheri incident in Gorakhpur
लखीमपुर खीरी हिंसा मामला: गोरखपुर-बस्ती मंडल में धरना-प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला
लखीमपुर खीरी कांड के विरोध सपा कार्यकर्ताओं ने जिले में जगह- जगह  धरना प्रदर्शन किया। पुलिस ने दर्जन भर सपा नेताओं को हिरासत में लिया है। सुबह जैसे ही सपा नेताओं का जमावड़ा शहर में लगने लगा, प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करने लगे और शहर के कचहरी चौराहे पर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान सपा नेताओं और  पुलिस की धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पुलिस ने. करीब एक दर्जन सपा नेताओं को हिरासत में ले लिया। शहर में भारी फोर्स तैनात कर दी गई हैं। उधर, किसान भी आक्रोशित हो गए हैं। पुलिस के लिए इन्हें संभालना मुश्किल हो गया हैं।

सिद्धार्थनगर: खीरी कांड के विरोध में एनएच पर सपा ने किया प्रदर्शन

Lakhimpur Kheri Violence Case News: Gorakhpur Opposition parties protest against Lakhimpur Kheri incident in Gorakhpur
लखीमपुर खीरी हिंसा मामला: सिद्धार्थनगर में धरना-प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला।

सिद्धार्थनगर में लखीमपुर खीरी में हुए कांड और पीड़ितों से मिलने जा रहे सपा मुखिया अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में सपा कार्यकर्ता सोमवार को कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर गेट के सामने एनएच-233 पर धरने पर बैठ गए। सपाइयों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मृत किसानों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की मांग की। साथ ही सपा मुखिया अखिलेश यादव को रिहा करने की मांग उठाई। कार्यकर्ताओं के सड़क पर बैठ जाने से एक घंटा से अधिक तक आवागमन में लोगों को परेशानी हुई। इस दौरान पुलिस को 280 सपा कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी। प्रदर्शन में महिला पुलिस कर्मियों ने महिला कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। सपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करके पुलिस लाइंस ले जाया गया, जहां शाम को लिखा-पढ़ी करके छोड़ दिया गया।

धरने के दौरान सपा जिलाध्यक्ष लालजी यादव ने कहा कि भाजपा सरकार अत्याचार कर रही है। विरोध कर रहे किसानों की हत्या कर दी गई। सरकार की जितनी भी निंदा की जाए, कम है। उन्होंने कहा कि मृतक के परिजनों से मिलने जा रहे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया, उन्हें जल्द रिहा किया जाए। मृत किसानों परिवारों आर्थिक सहायता देने के साथ ही सरकारी नौकरी दी जाए। दोषियों की गिरफ्तारी की जाए। कहा कि किसानों पर अत्याचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पूर्व विधायक विजय पासवान, सपा नेता उग्रसेन सिंह, रामकुमार उर्फ चिन्कू यादव, पूर्व विधायक अनिल सिंह, वीरेंद्र तिवारी, कन्हैया कनौजिया ने सरकार को बर्दाश्त करने की मांग की। लगभग एक घंटे चले विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस टीम ने सभी सपा नेताओं को गाड़ी में भरकर पुलिस लाइंस ले गई। वहां लिखा-पढ़ी हुई और देर शाम को सपा कार्यकर्ताओं को छोड़ा गया।

आवागमन में हुई परेशानी
सपा कार्यकर्ताओं के सड़क जाम पर धरने पर बैठ जाने के कारण आम जनता को परेशानियों से जूझना पड़ा। राहगीरों से कार्यकर्ताओं की कई बार तीखी बहस भी हुई। वहीं गेट के सामने बैठ जाने से दोनों तरह के लोगों को जेल रोड हाते हुए इधर से उधर भेजा गया। उनके हटने के बाद लोगों ने राहत महसूस की।

कई धड़े में दिखे सपा कार्यकर्ता
कलेक्ट्रेट गेट के सामने सपा के प्रदर्शन में कार्यकर्ता कई धड़े में बटे नजर आए। हर तरफ खुद को संभावित दावेदार अपने कार्यकर्ताओं के साथ नारेबाजी करते हुए दिखे। कोई एक-दूसरे से बात नहीं करता था। गिरफ्तारी देने को लेकर पहले एक-दूसरे को भेजने के लिए मुंह देखते नजर आए।

पुलिस लाइंस पहुंचे विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष
सपा कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी किए जाने की जानकारी मिलने के बाद विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय भी पुलिस लाइंस पहुंचे। उनके पहुंचने के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करके विरोध जताया।

इनकी हुई थी गिरफ्तारी
सपा नेता मोनू दुबे, कमरुज्जमा खान, गरीब दास, यूथ ब्रिगेड के पूर्व प्रदेश सचिव खुर्शीद अहमद खान, जिला पंचायत सदस्य अनीता दुबे, अयोध्या साहू, युवजन सभा के प्रदेश सचिव शुभांगी भारत, अंबिकेश श्रीवास्तव, विष्णु कुमार, जावेद खान, शकील शाह, जोखन चौधरी, अब्दुल कलाम सिद्दीकी, वीरेंद्र तिवारी, गोपाल प्रसाद, सुरेश यादव, शैलेंद्र शर्मा, हरिनारायण यादव, अबू बकर डब्लू सिंह सहित 280 कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी।

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संतकबीरनगर: प्रदर्शन कर रहे सपा और भाकियू कार्यकर्ताओं से पुलिस की तीखी झड़प

लखीमपुर की घटना से नाराज सपा और भाकियू कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर प्रदर्शन किया। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को मुख्य गेट पर ही रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। गेट से न हटने पर पुलिस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइंस आई। इस दौरान सपा नेता जयराम पांडेय का कुर्ता भी फट गया। कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी हुई। देेर शाम निजी मुचलके पर दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया।

लखीमपुर में किसानों की मौत के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पीड़ित किसानों के परिवार से मिलने लखीमपुर जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें लखनऊ में ही गिरफ्तार कर लिया। इससे नाराज सपा कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष गौहर अली खां के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंच गए। इसी तरह से भाकियू कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष जनार्दन मिश्र के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर पहुंच गए। पुलिस ने दोनों संगठनों के लोगों को मुख्य गेट पर रोक दिया।

इस दौरान पुलिस ने उन्हें वापस जाने के लिए कहा तो सपा और भाकियू कार्यकर्ता गेट पर ही धरने पर बैठ गए और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। सपा जिलाध्यक्ष गौहर अली खां ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था एकदम ध्वस्त है। सपा नेता जयराम पांडेय ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री एवं राज्य सरकार को बर्खास्त किया जाए। जिला उपाध्यक्ष केडी यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में अराजकता चरम पर है। पूूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष कुमार यादव ने कहा कि लखीमपुर की घटना में शामिल गृह राज्य मंत्री के बेटे को गिरफ्तार किया जाए।

जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव, सपा नेता सुनील सिंह और आलोक यादव सोनू ने कहा कि योगी सरकार ने तानाशाही रवैया अपनाया है। ऐसी सरकार को सत्ता में रहने का हक नहीं है। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया पर वे नही माने और धरने से नहीं हटे। इसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर सपा नेताओं को हिरासत में ले लिया और जबरन बसों में बैठाकर कोतवाली लाई। सपा नेता जयराम पांडेय की पुलिस से झड़प भी हुई और उनका कुर्ता फट गया। भाकियू जिलाध्यक्ष जनार्दन मिश्र ने कहा कि घटना की जितनी निंदा की जाए वह कम है। किसानों के परिजनों को एक-एक करोड़ सहायता व परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए।

सपा के इन कार्यकर्ताओं ने दी गिरफ्तारी

जिलाध्यक्ष गौहर अली खां, सपा नेता जयराम पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष यादव, जिला उपाध्यक्ष केडी यादव, राम दरश यादव, पूर्व प्रत्याशी आलोक यादव, सुनील सिंह, पूर्व विधायक अब्दुल कलाम, पूर्व विधायक अलगू चौहान, पूर्व जिलाध्यक्ष लोरिक यादव, कोमल यादव, जिला पंचायत सदस्य शैलेंद्र यादव, जिला पंचायत सदस्य हनुमान कन्नौजिया, राहुल यादव बादल, श्याम जी विश्वकर्मा, चंद्रभूषण पांडेय, विनोद यादव, प्रमोद यादव, अजीम खां, एखलाख अहमद, मनोज राय, हाजी इमामुद्दीन, पवन छापड़िया, महेंद्र प्रताप यादव,शकुंतला यादव, मालती यादव, प्रिया पाठक, संतोष दास, अजीत सिंह यादव, संजय यादव, राजाराम, जावेद अहमद, मनोहर सिंह, ऋषि यादव समेत 82 कार्यकर्ता शामिल रहे।

भाकियू के इन कार्यकर्ताओं की हुई गिरफ्तारी
जिलाध्यक्ष जनार्दन मिश्र, मारतेंद्र प्रताप सिंह, सुभाष चंद किसान, ब्रह्मादीन किसान, रामकेवल वर्मा, रमाशंकर यादव, दयाशंकर विश्वकर्मा, रामटहल चौरसिया, भोला गुप्ता, धर्मेंद्र कुमार त्रिपाठी, इंद्रेश कुमार, राम सागर, छोटेलाल चौरसिया समेत 50 कार्यकर्ता शामिल रहे।

चप्पे-चप्पे पर तैनात रही पुलिस
संतकबीरनगर। लखीमपुर की घटना के बाद सपा, भाकियू, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के धरना प्रदर्शन व जुलूस निकाले जाने की सूचना पर प्रशासन सक्रिय हो गया था। जगह-जगह पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। मेंहदावल बाईपास, समय जी तिराहा, पुलिस लाइंस के पास, कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर काफी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। इसके साथ ही कई थानों की पुलिस भी बुला ली गई थी। एसडीएम राजनारायण त्रिपाठी, सीओ अंबरीश मिश्र, कोतवाल अनिल कुमार, एसओ बेलहर संतोष मिश्र, इंस्पेक्टर श्रीप्रकाश यादव, एसआई धर्मंद्र सिंह, एसआई बलिराम पांडेय, एसआई रजनीश राय समेत अन्य पुलिस कर्मी लगातार आंदोलन पर नजर रख रहे थे।

 

जुलूस निकाल रहे कांग्रेस कार्यकर्ता हिरासत में, रिहा

लखीमपुर की घटना और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर में जुलूस निकाला। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को मुखलिसपुर तिराहे पर रोक लिया और उन्हें हिरासत में लेकर कोतवाली आई। इस दौरान पुलिस की कार्यकर्ताओं से झड़प भी हुई। देर शाम निजी मुचलके पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रवीण चंद पांडेय ने कहा कि लखीमपुर की घटना में पीड़ित परिवार से मिलने जा रही कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी को सीतापुर में पुलिस द्वारा बिना किसी नोटिस के अकारण हिरासत में ले लिया गया। इसके अलावा उनके साथियों के साथ पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार एवं मारपीट की गई।

उन्होंने कहा कि वे लोग राहुल और प्रियंका गांधी के सिपाही हैं। योगी सरकार के इस तानाशाही रवैया से डरने वाले नहीं हैं। देश हित में संघर्ष और किसान हित में संघर्ष कांग्रेस पार्टी का इतिहास रहा है। हम इसकी लड़ाई लड़ते रहेंगे और अगर प्रियंका गांधी की रिहाई योगी सरकार तत्काल नहीं करती है, तो इस सरकार को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में जनता इसका जवाब देगी। गिरफ्तारी देने वालों में जिला उपाध्यक्ष दिलशाद अफसर, महेंद्र कन्नौजिया, शांती देवी, नीलम चतुर्वेदी, मीनू सिंह, अजय सिंह, सुनील पांडेय, विजय कुमार शुक्ला, भुनेश्वर भारती,  चंद्र प्रकाश पांडेय, परवेज अख्तर, प्रशांत सिंह, नमन सिंह, नीरज राय, अशोक आर्य, मोइन अंसारी, राजू गौंड, शशि शर्मा, कौशिल्या देवी, शाहीन, शोभित चौबे, नूरूल हसन, रंभा देवी, गुड्डू उपाध्याय, बिट्टू सिंह आदि कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। कोतवाली पुलिस ने देर शाम कांग्रेस जिलाध्यक्ष समेत 80 कार्यकर्ताओं को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया।

आप ने प्रदर्शन कर सीबीआई जांच की मांग की
लखीमपुर की घटना से नाराज आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने पूरे घटना की सीबीआई जांच की मांग की। इस बाबत राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा।

जिलाध्यक्ष रमेश चंद्र यादव ने कहा कि तानाशाही सरकार का अंत निश्चित है, इस सरकार में किसान-नौजवान और युवा सभी परेशान हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार आते ही किसानों पर लादे गए सभी मुकदमे वापस होंगे, 24 घंटे बिजली मुफ्त और उनके अनाज का उचित दाम दिया जाएगा। महासचिव आलोक श्रीवास्तव ने कहा कि भगवान राम, रहीम, बुद्ध, महावीर और सूफी संतों की धरती पर अशांति फैलाकर दमनकारी नीति के तहत जनता का शोषण किया जा रहा है। लखीमपुर खीरी की घटना की जितनी भी निंदा की जाए कम है।

सौम्येन्द्र प्रताप श्रीवास्तव ने कहा कि किसानों के ऊपर हुए अत्याचार को आम जनता सहन नहीं करेगी। हमारी मांग है कि पीड़ित परिजनों को एक-एक करोड़ मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। इस दौरान सुधीर सिंह, राजेंद्र प्रसाद पाल, अनुराग जायसवाल, राम गोपाल तिवारी, शुभम वर्मा, अजय कुमार कन्नौजिया, जनार्दन यादव, ब्रह्मदेव सिंह, जीतू कुमार, प्रतिमा यादव, अनिता कुमारी, रोशन जहां, सगीर अहमद आदि मौजूद रहे।


प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया
संतकबीरनगर। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के कार्यकर्ताओं ने लखीमपुर की घटना के विरोध में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान राज्यपाल को संबोधित चार सूत्री मांगपत्र अपर एसडीएम को सौंपा।
किसान सभा के जिलाध्यक्ष दुर्विजय यादव ने कहा कि संपूर्ण भारत किसानों की समस्याओं से जूझ रहा है। किसान बनाम सरकार में जंग छिड़ी है। लखीमपुर में भाजपा नेताओं द्वारा किसानों के ऊपर जानलेवा हमला किया गया। इसमें कई किसान मारे गए। किसानों के परिजनों को सांत्वना देने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव जाने वाले थे। पुलिस ने उन्हें घर पर ही नजरबंद कर दिया। उन्होंने कहा कि गृह राज्य मंत्री को तत्काल बर्खास्त किया जाए। दोषी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही घटना की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिजनों को एक-एक करोड़ की सहायता दी जाए। इस दौरान जिलाध्यक्ष शिव कुमार यादव, अखिलेश यादव, कोषाध्यक्ष आदित्य शुक्ल, महासचिव सूरज राय आदि मौजूद रहे। संवाद 
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