ऑपरेशन शिकंजा: गोरखपुर में 28 मुकदमों में 63 को आजीवन कारावास, पुलिस ने कोर्ट में पैरवी कर कराई सजा
हत्या व दुष्कर्म के मामलों में सजा दिलाने में पुलिस को कामयाबी मिली। ऑपरेशन शिकंजा के तहत पुलिस ने कोर्ट में पैरवी कर सजा कराई।
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जानकारी के मुताबिक, अक्तूबर 2021 से मार्च 2022 के बीच हत्या, दुष्कर्म, दहेज हत्या में बड़े मामलों की पुलिस ने कोर्ट में पैरवी की। हर तारीख पर पुलिस कोर्ट में मौजूद होकर साक्ष्यों के साथ पैरवी की तो सजा भी होने लगी। हत्या के 19 मामलों में 55 आरोपियों को पुलिस ने जेल भेजा था।
इसमें से 50 को आजीवन कारावास और एक को 10 साल की सजा हुई, वहीं चार बेगुनाह साबित हुए। दुष्कर्म, पॉक्सो के छह मामलों में छह आरोपी थे। इसमें से एक को आजीवन कारावास और पांच को 10 साल तक की सजा हुई। दहेज हत्या के तीन मामलों में छह आरोपी थे, जिसमें पांच को आजीवन कारावास और एक को 10 साल की सजा कोर्ट ने सुनाई।
यह है ऑपरेशन शिकंजा
पुलिस पिछले कई महीने से लगातार ऑपरेशन शिकंजा चला रही है। जिसके तहत जिला न्यायालय गोरखपुर में जघन्य अपराधों में गंभीरता पूर्वक कार्रवाई कर तेजी से मुकदमों का निस्तारण किया गया। हत्या व महिला संबंध अपराधों में प्रभावी प्रयास करते करते हुए मॉनीटरिंग सेल, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी, विशेष लोक अभियोजक, संयुक्त निदेशक अभियोजक व पैरोकारों ने प्रभावी पैरवी की। गवाहों को समय से बयान दर्ज कराया और मजबूत साक्ष्य पेश किया।
एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने कहा कि गंभीर अपराध के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस ऑपरेशन शिकंजा के तहत पैरवी कर रही है। कोर्ट में लगातार पैरवी का असर है कि हत्या, दुष्कर्म, दहेज हत्या जैसे मामलों में ज्यादातर आरोपितों को आजीवन करावास की सजा हुई है। आगे भी पुलिस की यह मुहिम जारी रहेगी।