{"_id":"614c0c718ebc3efb4e59a806","slug":"only-educational-institutions-in-gorakhpur-will-pass-test-will-get-benefit-of-scholarship-and-fee-reimbursement","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर: छात्रवृत्ति-शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ उसे ही जो जांच में हो पास, जानिए क्या हैं प्रमुख बिंदु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर: छात्रवृत्ति-शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ उसे ही जो जांच में हो पास, जानिए क्या हैं प्रमुख बिंदु
Thu, 23 Sep 2021 10:41 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 23 Sep 2021 10:41 AM IST
सार
पांच सदस्यीय कमेटी 19 बिंदुओं पर स्कूलों कॉलेजों के मानक पूरे हैं या नहीं जांचेगी। छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति मांगने वाले इंटरमीडिएट से लेकर पैरामेडिकल, इंजीनियरिंग कॉलेजों की भी जांच होगी।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर जिले में जो शिक्षण संस्थान जांच में पास होंगे, उन्हें ही छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिलेगा। डीएम विजय किरन आनंद ने 19 बिंदुओं पर जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। जिन शिक्षण संस्थानों की जांच होगी, उनमें निजी इंटरमीडिएट कॉलेजों से लेकर निजी पैरामेडिकल-मेडिकल एवं इंजीनियरिंग शिक्षण संस्थान भी शामिल हैं। डीएम का मानना है कि कुछ निजी शिक्षण संस्थाएं मानक विहीन तरीके से संचालित रहते हुए, छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की मांग कर रही हैं।
जानकारी के मुताबिक संबंधित शिक्षण संस्थाएं मानक के अनुसार संचालित हो रही हैं या नहीं इसकी जांच के लिए 19 बिंदु तैयार किए गए हैं। जांच कमेटी को सभी बिंदुओं पर अलग-अलग सत्यापन कर रिपोर्ट देनी होगी। इस परीक्षा से पास होने के बाद ही संबंधित कॉलेजों के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति दी जाएगी। डीएम ने बताया कि जांच कमेटी में जिन पांच अफसरों को शामिल किया गया है, उन्हें अलग-अलग तरह के शिक्षण संस्थाओं की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी को निजी पैरामेडिकल/मेडिकल एवं इंजीनियरिंग शिक्षण संस्थान की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी/ जिला प्रोबेशन अधिकारी को निजी क्षेत्र के औद्योगिक शिक्षण संस्थान, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी/जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी को निजी क्षेत्र के बीएस एवं बीटीसी/डीएलएड शिक्षण संस्थान, जिला विद्यालय निरीक्षक को निजी इंटरमीडिएट कॉलेज और क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी को निजी स्नातक शिक्षण संस्थान की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विज्ञापन
जांच के प्रमुख बिंदु
शिक्षण संस्थान में संचालित कोर्स, कोर्सवार मान्यता, कोर्सवार स्वीकृत सीटों की कुल संख्या, कोर्सवार स्वीकृत फीस, शिक्षण संस्थानों में फर्नीचर, कक्षा एवं अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता, शिक्षकों के स्वीकृत पद व कार्यरत शिक्षकों की संख्या, लैब, लाइब्रेरी की वस्तुस्थिति, छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले छात्रों की वर्गवार संख्या (2019-20 व 2020-21), छात्रवृत्ति प्राप्त छात्र-छात्राओं की संख्या, छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले ऐसे छात्रों की संख्या, जिनकी उपस्थिति 75 फीसदी से कम थी, उनका रजिस्ट्रेशन, नाम, कोर्स, ईयर सहित विवरण समेत 19 बिंदु पर जांच कर दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक संबंधित शिक्षण संस्थाएं मानक के अनुसार संचालित हो रही हैं या नहीं इसकी जांच के लिए 19 बिंदु तैयार किए गए हैं। जांच कमेटी को सभी बिंदुओं पर अलग-अलग सत्यापन कर रिपोर्ट देनी होगी। इस परीक्षा से पास होने के बाद ही संबंधित कॉलेजों के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति दी जाएगी। डीएम ने बताया कि जांच कमेटी में जिन पांच अफसरों को शामिल किया गया है, उन्हें अलग-अलग तरह के शिक्षण संस्थाओं की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विज्ञापन
जिला समाज कल्याण अधिकारी को निजी पैरामेडिकल/मेडिकल एवं इंजीनियरिंग शिक्षण संस्थान की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी/ जिला प्रोबेशन अधिकारी को निजी क्षेत्र के औद्योगिक शिक्षण संस्थान, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी/जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी को निजी क्षेत्र के बीएस एवं बीटीसी/डीएलएड शिक्षण संस्थान, जिला विद्यालय निरीक्षक को निजी इंटरमीडिएट कॉलेज और क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी को निजी स्नातक शिक्षण संस्थान की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विज्ञापन
जांच के प्रमुख बिंदु
शिक्षण संस्थान में संचालित कोर्स, कोर्सवार मान्यता, कोर्सवार स्वीकृत सीटों की कुल संख्या, कोर्सवार स्वीकृत फीस, शिक्षण संस्थानों में फर्नीचर, कक्षा एवं अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता, शिक्षकों के स्वीकृत पद व कार्यरत शिक्षकों की संख्या, लैब, लाइब्रेरी की वस्तुस्थिति, छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले छात्रों की वर्गवार संख्या (2019-20 व 2020-21), छात्रवृत्ति प्राप्त छात्र-छात्राओं की संख्या, छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले ऐसे छात्रों की संख्या, जिनकी उपस्थिति 75 फीसदी से कम थी, उनका रजिस्ट्रेशन, नाम, कोर्स, ईयर सहित विवरण समेत 19 बिंदु पर जांच कर दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है।