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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   On second day also ambulance drivers boycotted work in Gorakhpur

गोरखपुर: दूसरे दिन भी एंबुलेंस चालकों ने किया कार्य बहिष्कार, 700 से अधिक मरीज हुए परेशान

Wed, 28 Jul 2021 02:59 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 28 Jul 2021 02:59 PM IST
सार

जिला महिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचीं पिपराइच की गीता ने बताया कि जांच के लिए महिला अस्पताल आना था। इसके लिए 102 नंबर एंबुलेंस को कॉल करने पर किसी ने रिसीव नहीं किया। मजबूरी में बाइक पर बैठकर आना पड़ा जो असुविधाजनक था।

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On second day also ambulance drivers boycotted work in Gorakhpur
एंबुलेंस। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पांच सूत्री मांगों के संबंध में एंबुलेंस कर्मियों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। इसकी वजह से दो दिनों के अंदर 700 से अधिक मरीजों को एंबुलेंस की सुविधा का लाभ नहीं मिल सका है। सबसे अधिक परेशानी ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को हुई। प्रसव सुविधा के लिए 102 एंबुलेंस को परिजन कॉल करते रहे, लेकिन कोई भी जवाब नहीं मिला।

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जिला महिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचीं पिपराइच की गीता ने बताया कि जांच के लिए महिला अस्पताल आना था। इसके लिए 102 नंबर एंबुलेंस को कॉल करने पर किसी ने रिसीव नहीं किया। मजबूरी में बाइक पर बैठकर आना पड़ा जो असुविधाजनक था।
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कुछ ऐसी ही समस्या खोराबार की रहने वाली इसरावती ने भी बताई। बताया कि 102 नंबर एंबुलेंस से जांच के लिए जिला अस्पताल और सीएचसी पर जाने की सुविधा है। लेकिन कॉल करने पर फोन नहीं उठा। इसकी वजह से बाइक पर आना पड़ा।
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 इसी तरह 108 एंबुलेंस का इस्तेमाल इमरजेंसी में मरीजों को सरकारी अस्पताल में पहुंचाने के लिए किया जाता है। लेकिन इसका इस्तेमाल पिछले दो दिनों से मरीज नहीं कर पा रहे हैं। जबकि प्रतिदिन 108 एंबुलेंस के लिए 150 से अधिक मरीजों की कॉल जाती है। वहीं 102 पर प्रसव पीड़िताओं का 200 से अधिक कॉल आती है।

 

दूसरे दिन भी दिया धरना, विधायक को सौंपा ज्ञापन

सहजनवां में एंबुलेंस कर्मी मुरारी इंटर कॉलेज परिसर में डटे हुए हैं। दूसरे दिन भी स्वास्थ्य सुविधाएं पूरी तरह से बदहाल रहीं। मरीजों को एंबुलेंस सुविधा न मिलने पर निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा है। इस बीच एंबुलेंस चालकों ने सहजनवां विधायक शीतल पांडेय को ज्ञापन भी सौंपा। एंबुलेंस चालक जिलाध्यक्ष संजय यादव ने कहा कि एलएस पर कार्यरत सभी चालकों को कंपनी बदलने पर बहाल रखा जाए। कंपनी बदलने पर वेतन में किसी तरह की कटौती न की जाए।

नेशनल हेल्थ मिशन के अधीन कर एंबुलेंस संचालन भी स्वास्थ्य विभाग करें। जिससे कंपनी बदलने पर नौकरी सुरक्षित रह सके। प्रदर्शन करने वालों में उपाध्यक्ष पवन पांडेय, महामंत्री राजाराम यादव, कोषाध्यक्ष थार मोहम्मद, राजकुमार, शैलेश  कुमार, उमेश यादव, राजाराम, आर मुहम्मद, सदर यादव, पवन सिंह, इंद्रजीत, विकास तिवारी, शैलेश कुमार, हिम्मत सिंह, उमाकांत, सनोज कुमार, बृजेश यादव, संतोष यादव, अभिषेक कुमार, अजय आदि एंबुलेंस चालक मौजूद रहे।

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