Gorakhpur News: अब बिना एंबुलेंस लिखे वाहन से मरीज की खरीद-फरोख्त पकड़ी
बृहस्पतिवार की रात मेडिकल चौकी इंचार्ज विवेक मिश्रा हमराहियों के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान उन्हें कैंपस में पता चला कि एक मरीज को लेकर बिना एंबुलेंस लिखी जीप महराजगंज गई है और उसके आने पर दूसरे मरीज को भेजा जाएगा। इस सूचना पर परिसर में पुलिस सक्रिय हो गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज से एक मरीज को महराजगंज लेकर गए वाहन (जीप) को पुलिस ने बृहस्पतिवार की रात में सीज कर दिया। बताया जा रहा है कि यह जीप एक नर्स के रिश्तेदार की है, जिसकी मदद से मरीजों को प्राइवेट नर्सिंग होम भेजा जा रहा है। बड़ी बात यह है कि वाहन पर एंबुलेंस नहीं लिखा है, जिससे प्राइवेट गाड़ी बताकर मरीजों को इधर-उधर किया जा रहा है। चालक को पुलिस ने 50 हजार के निजी मुचलके पर छोड़ा है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, बृहस्पतिवार की रात मेडिकल चौकी इंचार्ज विवेक मिश्रा हमराहियों के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान उन्हें कैंपस में पता चला कि एक मरीज को लेकर बिना एंबुलेंस लिखी जीप महराजगंज गई है और उसके आने पर दूसरे मरीज को भेजा जाएगा। इस सूचना पर परिसर में पुलिस सक्रिय हो गई।
इसी बीच एक मरीज के तीमारदार से बात करता चालक और पास में ही खड़ी प्राइवेट एंबुलेंस नजर आई। पुलिस के नजदीक जाने पर चालक ने पहले तो भागने की कोशिश की, लेकिन पकड़ा गया। पुलिस ने उसे चौकी पर भेजा और एंबुलेंस को सीज कर दिया। एंबुलेंस चालक की पहचान गुलरिहा इलाके के मेडिकल कॉलेज के पास निवासी अशोक कुमार के रूप में हुई।
9 मई को मेडिकल कॉलेज गेट पर एंबुलेंस माफिया और पुलिस के बीच हाथापाई हो गई थी। इसके बाद से अब तक पुलिस 32 एंबुलेंस सीज कर चुकी है। सात दिन पहले भी पुलिस ने दो एंबुलेंस को सीज किया था। पकड़े जाने पर एंबुलेंस को सीज करने के साथ ही पुलिस चालक से 50 हजार रुपये का जुर्माना भी वसूलती है।