गोरखपुर: दो महीने पहले भी गोरखपुर आई थी एनआईए टीम, अबकी पूरी तैयारी से आए अफसर; की पूछताछ
शशांक के पिता नित्यानंद 10 वर्ष पहले नौकरी की तलाश में गोरखपुर आए थे। सिंघड़िया के आदर्शनगर स्थित बंद नमकीन फैक्टरी को खरीद कर उसी में रहने लगे थे। छह वर्ष पहले नित्यानंद की मौत हो गई, जिसके बाद शशांक पंजाब चला गया। वहां वह गोल्डी व लॉरेंस बिश्नोई के साथ काम करने लगा।
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शशांक के पिता नित्यानंद 10 वर्ष पहले नौकरी की तलाश में गोरखपुर आए थे। सिंघड़िया के आदर्शनगर स्थित बंद नमकीन फैक्टरी को खरीद कर उसी में रहने लगे थे। छह वर्ष पहले नित्यानंद की मौत हो गई, जिसके बाद शशांक पंजाब चला गया। वहां वह गोल्डी व लॉरेंस बिश्नोई के साथ काम करने लगा। उनके लिए असलहा सप्लाई करने लगा।
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बिहार और गोरखपुर पुलिस एनआईए के आने से पहले सिंघड़िया में शशांक पांडेय के उस मकान में गई थी, जहां वह रहा करता था। बताया जा रहा है कि वर्तमान में वहां पर किरायेदार हैं। चार किरायेदारों के आधार कार्ड की फोटो कॉपी टीम ने लिया है। बाद में इसे एनआईए टीम को सुपुर्द कर दिया गया। इसके अलावा गोरखपुर में उसके आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाला गया है। यहां पर उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला है।
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बाद में एनआईए टीम भी यहीं पर गई थी। लोगों का कहना है कि वह गरीब था। कभी लगा नहीं कि वह बहुत बड़ा अपराधी है। अधिकांश लोग उसके भाई राहुल से ही मिले थे, कभी शशांक को नहीं देखे थे। किरायेदार दयान, आकाश आदि से बात की।