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गोरखपुर: बेतरतीब खड़ी गाड़ियां कौन उठाए, तय नहीं कर पा रहा नगर निगम
Mon, 28 Aug 2023 02:51 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 28 Aug 2023 02:51 PM IST
सार
मुख्य अभियंता संजय सिंह चौहान का कहना है कि निविदा की प्रक्रिया में फर्में एक दूसरे के खिलाफ शिकायत करती हैं। जिस आधार पर शिकायतें आ रही हैं, उन्हें जांचा जा रहा है। जांच के बाद नियमानुसार जिस फर्म का नाम आएगा, क्रेन सर्विस उसे दे दी जाएगी।
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गोलघर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर शहर की सड़कों पर बेतरतीब खड़े होने वाले वाहनों को कौन सी फर्म की क्रेन उठाएगी, तीन महीने बाद भी नगर निगम तय नहीं कर सका है। ऐसे में गोलघर समेत प्रमुख बाजारों में वाहन एक बार फिर जहां-तहां खड़े किए जाने लगे हैं।
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क्रेन सेवा के लिए ढाई महीने पहले जिस फर्म को निविदा जारी की गई थी, 15 दिनों बाद उसे निरस्त कर दिया। एक जुलाई को पुन: निविदा के 14 दिन बाद इसे खोला गया। टेक्निकल बिड खुले हुए एक महीने से अधिक हो गए , लेकिन ठेका किसे दिया जाए, यह अभी तय नहीं हो पाया।
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नगर निगम ने क्रेन सर्विस के लिए निविदा निकाली थी। निविदा पाने वाली फर्म के लोग शहर के मुख्य मार्गों की सड़कों पर दाएं-बाएं खड़ीं गाड़ियों को उठाकर पार्किंग में जाम कराते थे। इसमें जुर्माना भी जमा करना होता था।
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इससे गोलघर से लेकर विजय चौक और आसपास के इलाकों में सड़कों पर बेतरतीब खड़ी होने वाली गाड़ियां दिखनी कम हो गई थीं, लेकिन क्रेन सर्विस अचानक बंद हो गई। जून में इसके लिए फिर निविदा निकाली गई। इसमें पांच फर्मों ने दावेदारी की। सभी प्रपत्रों की जांच के बाद चार फर्मों को रद्द कर एक फर्म की दावेदारी स्वीकार कर ली गई।
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नगर आयुक्त ने टेक्निकल और फाइनेंसियल बिड में जिस फर्म ने अर्हता प्राप्त की, उसे निविदा जारी कर दिया। इसी बीच दूसरी फर्म ने शिकायत करना शुरू कर दिया। नगर निगम ने स्वीकृत निविदा की पुन: निविदा कर दी। इसी के बाद से फर्म का चयन नहीं हो सका है।
मुख्य अभियंता संजय सिंह चौहान का कहना है कि निविदा की प्रक्रिया में फर्में एक दूसरे के खिलाफ शिकायत करती हैं। जिस आधार पर शिकायतें आ रही हैं, उन्हें जांचा जा रहा है। जांच के बाद नियमानुसार जिस फर्म का नाम आएगा, क्रेन सर्विस उसे दे दी जाएगी।
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नगर आयुक्त ने टेक्निकल और फाइनेंसियल बिड में जिस फर्म ने अर्हता प्राप्त की, उसे निविदा जारी कर दिया। इसी बीच दूसरी फर्म ने शिकायत करना शुरू कर दिया। नगर निगम ने स्वीकृत निविदा की पुन: निविदा कर दी। इसी के बाद से फर्म का चयन नहीं हो सका है।
मुख्य अभियंता संजय सिंह चौहान का कहना है कि निविदा की प्रक्रिया में फर्में एक दूसरे के खिलाफ शिकायत करती हैं। जिस आधार पर शिकायतें आ रही हैं, उन्हें जांचा जा रहा है। जांच के बाद नियमानुसार जिस फर्म का नाम आएगा, क्रेन सर्विस उसे दे दी जाएगी।