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नगर निगम: तीन कर्मियों का फर्जी तरीके से निकाल लिया वेतन, अब कमेटी करेगी जांच
Thu, 14 Jul 2022 12:49 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 14 Jul 2022 12:49 PM IST
सार
सीएलसी कर्मचारी कयामुद्दीन ने नगर आयुक्त से शिकायत की थी। आरोप था कि उनका वेतन फर्जी तरीके से निकाल लिया जाता है। नगर आयुक्त ने जोन कर्मचारियों से संबंधी कार्य देखने वाले कनिष्ठ लिपिक राजन को तलब किया। लिपिक ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
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गोरखपुर नगर निगम।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
गोरखपुर नगर निगम में दो स्थायी और एक सीएलसी के सफाई कर्मचारी का वेतन फर्जी तरीके से निकाले जाने का मामला सामने आया है। नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने एक लिपिक के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ ही तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन भी कर दिया।
जोन एक में तैनात स्थायी सफाई कर्मचारी आजाद और सदरुन के साथ सीएलसी कर्मचारी कयामुद्दीन ने नगर आयुक्त से शिकायत की थी। आरोप था कि उनका वेतन फर्जी तरीके से निकाल लिया जाता है। नगर आयुक्त ने जोन कर्मचारियों से संबंधी कार्य देखने वाले कनिष्ठ लिपिक राजन को तलब किया। लिपिक ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
इसपर मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई। साथ ही स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत राजन को कान्हा उपवन का काम देखने के लिए लगा दिया गया। वहीं, राजन की जगह कर्मचारियों से संबंधी काम की जिम्मेदारी कान्हा उपवन में कार्यरत कनिष्ठ लिपिक वकील सिंह को दे दी गई। नगर आयुक्त ने बताया कि मामला गंभीर है। सप्ताह भर में जांच रिपोर्ट मांगी गई है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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जोन एक में तैनात स्थायी सफाई कर्मचारी आजाद और सदरुन के साथ सीएलसी कर्मचारी कयामुद्दीन ने नगर आयुक्त से शिकायत की थी। आरोप था कि उनका वेतन फर्जी तरीके से निकाल लिया जाता है। नगर आयुक्त ने जोन कर्मचारियों से संबंधी कार्य देखने वाले कनिष्ठ लिपिक राजन को तलब किया। लिपिक ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
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इसपर मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई। साथ ही स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत राजन को कान्हा उपवन का काम देखने के लिए लगा दिया गया। वहीं, राजन की जगह कर्मचारियों से संबंधी काम की जिम्मेदारी कान्हा उपवन में कार्यरत कनिष्ठ लिपिक वकील सिंह को दे दी गई। नगर आयुक्त ने बताया कि मामला गंभीर है। सप्ताह भर में जांच रिपोर्ट मांगी गई है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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