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गोरखपुर: गोरखनाथ विश्वविद्यालय और बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बीच समझौता, मिलकर करेंगे काम

Wed, 12 Jan 2022 03:40 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 12 Jan 2022 03:40 PM IST
सार

महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. प्रदीप राव ने बताया कि कोविड के बढ़ते मामलों के बीच इस एमओयू के साइन हो जाने से मरीजों के इलाज में काफी मदद मिलेगी।

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MoU between Gorakhnath University and BRD Medical College
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : Pixabay

विस्तार

शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में नए आयाम को छू रहे गोरखपुर में मंगलवार को एक और अहम कड़ी जुड़ गई। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय और बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने चिकित्सा व शिक्षा के लिए साथ मिलकर काम करने का फैसला लिया।

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इसके लिए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी हो गया। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति मेजर जनरल (डॉ.) अतुल वाजपेयी और बीआरडी मेडिकल कॉलेज की ओर से प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने एमओयू पर दस्तखत किए।
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महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. प्रदीप राव ने बताया कि कोविड के बढ़ते मामलों के बीच इस एमओयू के साइन हो जाने से मरीजों के इलाज में काफी मदद मिलेगी। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय अपने 200 बेड के अस्पताल, एलोपैथ और आयुर्वेद के करीब 50 डॉक्टरों की टीम के साथ बीआरडी मेडिकल कॉलेज और एम्स गोरखपुर के साथ मिलकर काम करेगा।
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जल्द ही जिला चिकित्सालय और आयुष विश्वविद्यालय के साथ भी ऐसा ही करार किया जाएगा। इस दौरान बीआरडी के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ.अमरेश सिंह और बायोकेमेस्ट्री के डॉ. राजकुमार यादव भी मौजूद रहे।  

अस्पतालों का बनेगा समूह

डॉ. प्रदीप राव ने बताया कि समझौतों के जरिए गोरखपुर में चिकित्सा संस्थानों का समूह बनाया जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि यदि किसी एक संस्था में मरीज जाता है और वहां बेड उपलब्ध नहीं है तो जिस दूसरी संस्था में बेड उपलब्ध है, वहां उसे भर्ती करा दिया जाएगा। इसी तरह यदि एलोपैथी की चिकित्सा ले रहे किसी मरीज को आयुर्वेद की भी सहायता की आवश्यकता है, तो जहां ये सुविधा उपलब्ध है, वहां से उसे मिल जाएगी।

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