खुशखबर: MMMUT को मिला नैक का ए ग्रेड, राज्यपाल और सीएम ने दी बधाई
ए ग्रेड पाने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय MMMUT बना है। इसकी बधाई राज्यपाल और सीएम ने दी है। पहली बार के मूल्यांकन में ही देश के चुनिंदा विश्वविद्यालयों में शामिल हो गया।
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नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रीडेशन काउंसिल (नैक) ने शैक्षिक, शोध और सुविधाओं सहित अन्य मानकों की गुणवत्ता परखने बाद मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) को ए ग्रेड दिया है। यह पहला मौका है, जब प्रदेश के किसी राज्य या तकनीकी विश्वविद्यालय को ए ग्रेड पाने का गौरव हासिल हुआ है। प्रदेश में 34 राज्य व तकनीकी विश्वविद्यालय हैं। इस उपलब्धि पर राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुलपति प्रो. जेपी पांडेय को बधाई दी है।
एक दिसंबर 2013 में इंजीनियरिंग कॉलेज से विश्वविद्यालय में तब्दील होने वाले संस्थान ने पहली बार नैक मूल्यांकन के लिए आवेदन किया था। अब प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय देश के उन चुनिंदा विश्वविद्यालयों में शामिल हो गया है, जिसे पहले ही प्रयास में ए ग्रेड मिला है। मूल्यांकन के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ी मेहनत की थी। इसके लिए विश्वविद्यालय की ओर से नैक के सात मापदंडों को पूरा करने के लिए तीन-तीन सदस्यों वाली सात कमेटियां बनाई गई थीं। हर विभाग से दो-दो नोडल अधिकारी नामित किए गए थे। विभागाध्यक्षों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई थी। कुलपति, वित्त नियंत्रक, रजिस्ट्रार और परीक्षा नियंत्रक को मिलाकर तैयारी के लिए कुल 60 विशेषज्ञ लगाए गए थे।
विश्वविद्यालय ने बीते वर्ष 26 जून को आवेदन किया और सेल्फ स्टडी रिपोर्ट 19 अगस्त को नैक की वेबसाइट पर अपलोड की गई थी। इसके बाद नैक की ओर से रिपोर्ट का मूल्यांकन किया गया। रिपोर्ट के जिन-जिन तथ्यों को लेकर नैक की ओर से आपत्ति की गई, विश्वविद्यालय ने उनका तत्काल निस्तारण किया। रिपोर्ट में लिखे तथ्यों के भौतिक सत्यापन के लिए बीते सात जून को नैक टीम गोरखपुर आई। छह सदस्यीय टीम ने तीन दिनों तक परिसर की व्यवस्था का बारीकी से मूल्यांकन किया और रिपोर्ट तैयार कर नैक की वेबसाइट पर अपलोड कर दी। इसके पांच दिनों बाद मंगलवार को परिणाम आ गया।
इन सात मानकों पर खरा उतरा विश्वविद्यालय
अध्ययन-अध्यापन व मूल्यांकन, पाठ्यक्रम व सेलेबस, शोध-नवाचार व विस्तार गतिविधियां, अवस्थापना एवं सुविधाएं, ट्रेनिंग व प्लेसमेंट, प्रशासनिक व्यवस्था, नेतृत्व व प्रबंधक और संस्थागत मूल्य एवं परंपराएं।
तीन महत्वपूर्ण चरण होते हैं
नैक मूल्यांकन की प्रक्रिया में तीन महत्वपूर्ण चरण होते हैं। पहला चरण सेल्फ स्टडी रिपोर्ट (एसएसआर) जमा करने से संबंधित है, जिसे एमएमएमयूटी ने अगस्त 2021 में पूरा किया। दूसरा चरण संस्थान द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों और विवरण के सत्यापन से संबंधित होता है, एमएमएमयूटी ने इसे जनवरी 2022 में पार कर लिया था। तीसरे चरण में नैक द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ टीम ने विश्वविद्यालय में 7 से 9 जून 2022 के बीच भ्रमण किया था।
ए ग्रेड मिलने से यह होगा फायदा
गोरखपुर। एमएमएमयूटी को नैक की ए ग्रेडिंग मिलने से कई फायदे हुए हैं। एक तरफ गुणवत्ता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बन गई है, वहीं डिजिटल यूनिवर्सिटी बनने की अर्हता भी पूरी हो गई है। यानी अब एमएमएमयूटी ऑनलाइन कोर्स भी शुरू कर सकता है। इसके अलावा, राष्ट्रीय योजनाओं का भी लाभ मिलेगा। मसलन, यूजीसी और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटी) से प्रोजेक्ट शुरू करने, संसाधन बढ़ाने और शोध के क्षेत्र में ग्रांट मिलने लगेगा।
एमएमएमयूटी कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि पहली बार के मूल्यांकन में ही विश्वविद्यालय को ‘ए’ ग्रेड मिलना बड़ी सफलता है। यह हमारी टीम की कड़ी मेहनत का नतीजा है। इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी उत्साहित हैं।