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वोटर अभियान: सोशल मीडिया ने आसान की राह, वोटर बनने को आए आवेदनों में 70 फीसदी ऑनलाइन भरे गए
Fri, 19 Nov 2021 01:50 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 19 Nov 2021 01:50 PM IST
सार
एक नवंबर से चल रहे मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान में सिर्फ वोटर बनने के लिए जितने आवेदन मिले हैं, उनमें 70 फीसदी आवेदन ऑनलाइन भरे गए हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
चुनाव प्रचार के लिए सिर्फ राजनीतिक पार्टियां ही तकनीक और सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं बढ़ा रहीं, बल्कि निर्वाचन आयोग और प्रशासनिक महकमे ने भी इसका उपयोग बढ़ाया है। वोटर बनने से लेकर अपना व अपने परिजनों का नाम वोटर लिस्ट में तलाशने आदि के लिए भी अब लोग, बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के चक्कर लगाने के बजाए आयोग की तरफ से बनाए गए एप, वेबसाइट का सहारा ले रहे हैं। इनके इस्तेमाल में यूथ आगे हैं।
एक नवंबर से चल रहे मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान में सिर्फ वोटर बनने के लिए जितने आवेदन मिले हैं, उनमें 70 फीसदी आवेदन ऑनलाइन भरे गए हैं। एक नवंबर से अब तक वोटर बनने के लिए करीब 16 हजार आवेदन आए हैं, इनमें 11 हजार से ज्यादा आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं। इनमें भी 53 फीसदी ने निर्वाचन आयोग की तरफ से तैयार वोटर हेल्पलाइन एप (वीएचए) का इस्तेमाल किया है, जबकि कुछ ने आयोग की वेबसाइट का।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार सिंह के मुताबिक वोटर बनने के लिए युवाओं में ज्यादा उत्साह दिखाई पड़ रहा है। वहीं अधिक से अधिक लोग वोटर बन सके, यूथ व महिला वोटरों की सहभागिता बढ़ाने के लिए उन्हें जागरूक किया जा सके, इसके लिए सोशल मीडिया का भी सहारा लिया जा रहा है। इस बार ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यू-ट्यूब का इस्तेमाल करने के साथ ही चुनावी पाठशाला जैसे कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
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जेंडर रेशियो सुधारने की चल रही कवायद
वोटर अभियान के दौरान यूथ के साथ-साथ महिलाओं को वोटर बनाने पर ज्यादा जोर है। जिले की वर्तमान आबादी के मुताबिक वोटरों की संख्या में महिलाओं की भागीदारी कम है। जिले का जेंडर रेशियों 944 की बजाए 845 है। जिले में इस समय 3513284 मतदाता हैं। इनमें 1925627 पुरुष, जबकि 1587657 महिला मतदाता हैं। वर्तमान में जिले की आबादी करीब 51 लाख 46 हजार होने का अनुमान है। युवाओं की संख्या भी बढ़ी है।
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एक नवंबर से चल रहे मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान में सिर्फ वोटर बनने के लिए जितने आवेदन मिले हैं, उनमें 70 फीसदी आवेदन ऑनलाइन भरे गए हैं। एक नवंबर से अब तक वोटर बनने के लिए करीब 16 हजार आवेदन आए हैं, इनमें 11 हजार से ज्यादा आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं। इनमें भी 53 फीसदी ने निर्वाचन आयोग की तरफ से तैयार वोटर हेल्पलाइन एप (वीएचए) का इस्तेमाल किया है, जबकि कुछ ने आयोग की वेबसाइट का।
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उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार सिंह के मुताबिक वोटर बनने के लिए युवाओं में ज्यादा उत्साह दिखाई पड़ रहा है। वहीं अधिक से अधिक लोग वोटर बन सके, यूथ व महिला वोटरों की सहभागिता बढ़ाने के लिए उन्हें जागरूक किया जा सके, इसके लिए सोशल मीडिया का भी सहारा लिया जा रहा है। इस बार ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यू-ट्यूब का इस्तेमाल करने के साथ ही चुनावी पाठशाला जैसे कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
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जेंडर रेशियो सुधारने की चल रही कवायद
वोटर अभियान के दौरान यूथ के साथ-साथ महिलाओं को वोटर बनाने पर ज्यादा जोर है। जिले की वर्तमान आबादी के मुताबिक वोटरों की संख्या में महिलाओं की भागीदारी कम है। जिले का जेंडर रेशियों 944 की बजाए 845 है। जिले में इस समय 3513284 मतदाता हैं। इनमें 1925627 पुरुष, जबकि 1587657 महिला मतदाता हैं। वर्तमान में जिले की आबादी करीब 51 लाख 46 हजार होने का अनुमान है। युवाओं की संख्या भी बढ़ी है।
इस नाम से सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सक्रिय है प्रशासन
उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि ट्विटर पर एकाउंट बनाया गया है। इसपर 50 हजार फालोवर बनाने का लक्ष्य भी रखा गया है। इसपर चुनाव, मतदाता पुनरीक्षण से जुड़ी सभी सूचनाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी तरह यू ट्यूब पर सुनो गोरखपुर के नाम से चैनल बनाया गया है। यहां 10 हजार सब्सक्राइबर बनाने का लक्ष्य है। इस चैनल पर प्रशासन की ओर से जागरूकता वाले वीडियो अपलोड किए जा रहे हैं। आम लोग भी मतदाता जागरूकता से जुड़े रुचिकर वीडियो इस चैनल पर डालने के लिए उपलब्ध करा सकते हैं। इसके साथ ही जिला निर्वाचन कार्यालय गोरखपुर का फेसबुक पेज भी बनाया गया है। यहां भी सभी सूचनाएं उपलब्ध रहेंगी। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने जिले के लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया के इन सभी प्लेटफार्म से जुड़े ताकि वोटर अभियान को सफल बनाने के साथ ही मजबूत लोकतंत्र में हर कोई अपनी सहभागिता दर्ज करा सके।
शिक्षण संस्थानों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा, बनाए जाएंगे 150 ईएलसी
यूथ को वोटर बनाने के लिए शिक्षण संस्थानों में भी मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। विश्वविद्यालय, डिग्री कालेज एवं इंटर कालेज में 150 इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ईएलसी) बनाए जाएंगे। प्रत्येक ईएलसी का एक वाट्सएप ग्रुप होगा, इसमें उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार सिंह को भी जोड़ा जा सकेगा। इसी तरह 1350 अवेयरनेस फोरम (वीएएफ) का भी गठन होगा। सभी ग्राम पंचायतों, नगर निगम व नगर पंचायतों के वार्डों में इसका गठन होगा। कोविड काल में गठित निगरानी समितियों को ही इसमें परिवर्तित किया जाएगा और हर पीएएफ में 250 से अधिक लोगों को जोड़ा जाएगा।
कराई जाएगी चुनावी पाठशाला
उच्च प्राथमिक विद्यालय एवं प्राथमिक विद्यालयों में 2500 चुनावी पाठशाला का गठन किया जाएगा। प्रत्येक पाठशाला के वाट्सएप ग्रुप होंगे। वोटर हेल्पलाइन एप (वीएचए) को भी 10 लाख लोगों के मोबाइल में डाउनलोड कराने का लक्ष्य रखा गया है। इस एप के माध्यम से आसानी से मतदाता बना जा सकता है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम फाइनेंस राजेश कुमार सिंह ने बताया कि वोटर अभियान को सफल बनाने के साथ ही लोगों को वोटर बनने और मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। लोग इसका इस्तेमाल भी खूब कर रहे हैं। एक नवंबर से चल रहे वोटर अभियान में अब तक वोटर बनने के लिए जितने आवेदन मिले हैं उनमें करीब 70 फीसदी आवेदन ऑनलाइन आए हैं। ज्यादातर ने आयोग द्वारा तैयार वोटर हेल्पलाइन एप के जरिए आवेदन किया है।
शिक्षण संस्थानों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा, बनाए जाएंगे 150 ईएलसी
यूथ को वोटर बनाने के लिए शिक्षण संस्थानों में भी मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। विश्वविद्यालय, डिग्री कालेज एवं इंटर कालेज में 150 इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ईएलसी) बनाए जाएंगे। प्रत्येक ईएलसी का एक वाट्सएप ग्रुप होगा, इसमें उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार सिंह को भी जोड़ा जा सकेगा। इसी तरह 1350 अवेयरनेस फोरम (वीएएफ) का भी गठन होगा। सभी ग्राम पंचायतों, नगर निगम व नगर पंचायतों के वार्डों में इसका गठन होगा। कोविड काल में गठित निगरानी समितियों को ही इसमें परिवर्तित किया जाएगा और हर पीएएफ में 250 से अधिक लोगों को जोड़ा जाएगा।
कराई जाएगी चुनावी पाठशाला
उच्च प्राथमिक विद्यालय एवं प्राथमिक विद्यालयों में 2500 चुनावी पाठशाला का गठन किया जाएगा। प्रत्येक पाठशाला के वाट्सएप ग्रुप होंगे। वोटर हेल्पलाइन एप (वीएचए) को भी 10 लाख लोगों के मोबाइल में डाउनलोड कराने का लक्ष्य रखा गया है। इस एप के माध्यम से आसानी से मतदाता बना जा सकता है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम फाइनेंस राजेश कुमार सिंह ने बताया कि वोटर अभियान को सफल बनाने के साथ ही लोगों को वोटर बनने और मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। लोग इसका इस्तेमाल भी खूब कर रहे हैं। एक नवंबर से चल रहे वोटर अभियान में अब तक वोटर बनने के लिए जितने आवेदन मिले हैं उनमें करीब 70 फीसदी आवेदन ऑनलाइन आए हैं। ज्यादातर ने आयोग द्वारा तैयार वोटर हेल्पलाइन एप के जरिए आवेदन किया है।