UP News: गोरखपुर में 404 बेटियों का सामूहिक विवाह, पुजारी ने मंत्रोचार के बीच शादी कराई तो मौलवी ने पढ़ा निकाह
कोरोना संकट की वजह से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का आयोजन लंबे समय बाद किया गया। पहले मई में विवाह होना था, फिर जून हो गया। आखिरकार वह घड़ी आ ही गई, जब वर-वधू एक दूजे के हो गए। सामूहिक वैवाहिक के गवाह पुलिस, प्रशासनिक अफसर व जनप्रतिनिधि बने हैं। महराजगंज से आए छह ब्राह्मण पुरोहितों ने सामूहिक रूप से सनातन धर्म के मुताबिक वैवाहिक अनुष्ठान को पूर्ण कराया।
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गोरखपुर में रामगढ़ताल किनारे महंत दिग्विजयनाथ पार्क का नजारा शुक्रवार को सामाजिक सद्भाव का गवाह बना। समाज कल्याण विभाग ने 404 बेटियों का सामूहिक विवाह कराया। एक ही मंडप में पुजारी ने शादी के मंत्र पढ़े तो मौलवी ने निकाह कराया।
विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक, 393 बेटियों की शादी हुई है। जुमे को 11 मुस्लिम लड़कियों का निकाह हुआ। जनप्रतिनिधि, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने कन्यादान करके विदाई की है।
कोरोना संकट की वजह से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का आयोजन लंबे समय बाद किया गया। पहले मई में विवाह होना था, फिर जून हो गया। आखिरकार वह घड़ी आ ही गई, जब वर-वधू एक दूजे के हो गए। सामूहिक वैवाहिक के गवाह पुलिस, प्रशासनिक अफसर व जनप्रतिनिधि बने हैं। महराजगंज से आए छह ब्राह्मण पुरोहितों ने सामूहिक रूप से सनातन धर्म के मुताबिक वैवाहिक अनुष्ठान को पूर्ण कराया।
निकाह की प्रक्रिया मौलाना रियाजुद्दीन, मुफ्ती अजहर शम्सी, मुफ्ती मेराज अहमद ने पूरी कराई। निकाहनामा भी तत्काल तैयार कराया। वैवाहिक समारोह की ड्रोन कैमरे से फोटोग्राफी कराई गई। फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई। सेल्फी प्वाइंट भी बना था। सहभोज भी हुआ।
ये मिले उपहार
कढ़ाई वाली साड़ी- ब्लाउज, डेलीयूज साड़ी, पेटीकोट, चुनरी, कुर्ता पैजाम, दूल्हे की पगड़ी, माला, फेटा, चांदी के पायल (35 ग्राम), चांदी की बिछिया (6ग्राम), कुकर तीन लीटर, लोटा, थाली, कटोरी, चम्मच, गिलास, बक्शा, श्रृंगार दानी सौंदर्य प्रसाधन के साथ।
पंजीकरण कराकर नहीं आए 28 जोड़े
शादी के लिए 432 जोड़ों ने पंजीकरण कराया था, लेकिन ऐन वक्त पर 28 जोड़े नदारद हो गए। बताया जा रहा है कि एक युवक निकाह के लिए तैयार हुआ था, लेकिन शादी स्थल पर नहीं पहुंच सका। लड़की व उसके परिजन इंतजार करते रहे। इसी तरह और भी जोड़े नहीं आए हैं। कई जोड़े ऐसे भी थे, जिनके पास पर्याप्त दस्तावेज नहीं थे। अनुदान राशि प्राप्त करने के चक्कर में एक दूसरे से शादी रचाना चाह रहे थे, लेकिन सत्यापन में फंसने के डर से नहीं आए।
शादी से खुश
जिन लोगों ने सामूहिक शादी में अपने जीवन साथी के मांग में सिंदूर भरा, वह खुश हैं। उनका कहना है कि शादी धूमधाम से हुई है। विधायक, एसएसपी और डीएम सीडीओ शादी में आए। आशीर्वाद भी दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस अनूठी मुहिम से गरीब जनता का कल्याण हुआ है। हर जरूरतमंद की आसानी से शादी हो जा रही है।
कन्या के बैंक खाते में भेजे गए रुपये
योजना के तहत प्रति लाभार्थी पर 51 हजार रुपये खर्च किए गए। 35 हजार लाभार्थी कन्या के खाते में सीधे भेजी गए। 10 हजार का सामान और 6 हजार रुपये प्रति लाभार्थी आयोजन पर खर्च किया गया।
लाल रंग ओढ़ी के चुनरिया जाली रे बिटिया
जहां विवाह का कार्यक्रम था, वहां का नजारा मनोहारी था। पंडाल सजाया गया था। हर जोड़े के बैठने के लिए अलग से व्यवस्था थी। बगल में शादी के सभी सामान रखे गए। ब्राहमणों के निर्देश के अनुसार, दुल्हा-दुल्हन अनुष्ठान कर रहे थे। महिलाएं अलग-अलग समूहों में बैठकर वैवाहिक गीत भी गा रही थीं। मंच से जब लोक गायक प्रमोद यादव ने गीत गाए तो आयोजन में चार चांद लग गए। लाल रंग ओढ़ी के चुनरियां जाली रे बिटिया तो लोगों ने खूब तालियां बजाईं।
इनकी रही मौजूदगी
विधायक विपिन सिंह, विमलेश पासवान, महेंद्र पाल सिंह, मेयर सीताराम जायसवाल, ऋषि मोहन वर्मा,ब्लॉक प्रमुख शिव प्रसाद जायसवाल, सांसद प्रतिनिधि समरेंद्र विक्रम सिंह, डीएम कृष्णा करुणेश, एसएसपी डॉ विपिन ताडा, सीडीओ इंद्रजीत सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी आशुतोष पांडेय, जिला कार्यक्रम अधिकारी हेमंत सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी सर्वजीत सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी हिमांशु शेखर ठाकुर, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी संदीप मौर्य, जिला समाज कल्याण अधिकारी विकास वेद प्रकाश मिश्र।