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'वायुमंडलीय परतों को क्षति पहुंचा रहीं हैं कई गैसें'
Wed, 03 Feb 2021 09:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 03 Feb 2021 09:46 AM IST
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महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
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मानवीय कृत्यों से उत्सर्जित हुई कई गैसें हमारे वायुमंडल की परतों को नुकसान पहुंचा रही हैं। इससे पृथ्वी का तापमान दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। ये बातें महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज जंगल धूसड़ में रसायन विज्ञान विभाग की ओर से ‘वायुमंडल की संरचना’ विषय पर आयोजित व्याख्यान में बतौर मुख्य वक्ता कॉलेज के भूगोल विभाग के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार चौधरी ने कहीं।
उन्होंने कहा कि पृथ्वी के चारों ओर एक विशिष्ट प्रकार की वायुमंडलीय परत है, जो कई किलोमीटर तक फैली हुई है। वायुमंडल में हो रहे परिवर्तन के कारण विभिन्न प्रकार की गैसों का मिश्रण प्राप्त होता है, जिनका स्वभाव रंगहीन, गंधहीन एवं स्वादहीन होता है। बताया कि वायुमंडल में ट्रोपोस्फीयर, मीजोस्फीयर, स्ट्रेटोस्फीयर और आयनोस्फीयर परतें होती हैं।
भौतिकवादी संसाधनों जैसे-सुपरसोनिक जेटविमानों से निकली हुई नाइट्रोजन डाई-आक्सॉइड, एयर कंडिशनर एवं रेफ्रिजरेटर इत्यादि से निकलने वाली क्लोरो-फ्लोरो कार्बन इन परतों को क्षति पंहुचा रही हैं। कार्यक्रम का संचालन रसायन विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रामसहाय ने तथा आभार ज्ञापन रसायन विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. शिवकुमार बर्नवाल ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक एवं रसायन विज्ञान विभाग के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि पृथ्वी के चारों ओर एक विशिष्ट प्रकार की वायुमंडलीय परत है, जो कई किलोमीटर तक फैली हुई है। वायुमंडल में हो रहे परिवर्तन के कारण विभिन्न प्रकार की गैसों का मिश्रण प्राप्त होता है, जिनका स्वभाव रंगहीन, गंधहीन एवं स्वादहीन होता है। बताया कि वायुमंडल में ट्रोपोस्फीयर, मीजोस्फीयर, स्ट्रेटोस्फीयर और आयनोस्फीयर परतें होती हैं।
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भौतिकवादी संसाधनों जैसे-सुपरसोनिक जेटविमानों से निकली हुई नाइट्रोजन डाई-आक्सॉइड, एयर कंडिशनर एवं रेफ्रिजरेटर इत्यादि से निकलने वाली क्लोरो-फ्लोरो कार्बन इन परतों को क्षति पंहुचा रही हैं। कार्यक्रम का संचालन रसायन विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रामसहाय ने तथा आभार ज्ञापन रसायन विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. शिवकुमार बर्नवाल ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक एवं रसायन विज्ञान विभाग के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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