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Gorakhpur News: ब्लड के अभाव में नहीं चल रही कंपोनेंट यूनिट की मशीन

Tue, 07 May 2024 11:55 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Tue, 07 May 2024 11:55 PM IST
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Machine of component unit is not running due to lack of blood
-लंबी प्रक्रिया के बाद जारी हुआ लाइसेंस, मशीन भी इंस्टॉल
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-20 यूनिट रिजर्व रहने के बाद ही चल सकता है कंपोनेंट यूनिट
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में कंपोनेंट यूनिट लाइसेंस मिलने के बाद संचालित नहीं हो पाया है। इसकी वजह लाइसेंस मिलने के बाद से अब तक ब्लड बैंक में पर्याप्त मात्रा में खून मौजूद नहीं हो पाना है। बता दें कि पिछले एक माह से ब्लड बैंक पूरी तरह से सूख गया है।
कंपोनेंट यूनिट की मशीन का इंस्टॉलेशन भी हो गया है। इसे चलाने के लिए 20 यूनिट खून की जरूरत होती है, जो अभी तक पूरा नहीं हो सका है। जनपद में डेंगू, मलेरिया, आग से जलने आदि के पीड़ितों के मामले काफी संख्या में आते हैं। इन पीड़ितों को रक्त चढ़ाने की जरूरत पड़ती है, लेकिन कई पीड़ितों को सहयोगी तत्व चढ़ाने की जरूरत होती है। इसी को देखते हुए ब्लड कंपोनेंट यूनिट की सुविधा मेडिकल कॉलेज को दी गई है।
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इसे दुर्भाग्य कहा जाए या विभागीय लापरवाही, जबसे कंपोनेंट यूनिट का लाइसेंस मिला तबसे अभी तक ब्लड बैंक में 20 यूनिट खून एक साथ मौजूद ही नहीं हो सका। इससे लोगों को असुविधा हो रही है। हालांकि, जिसको खून की जरूरत होती है, उन्हें ग्रुप मिलने पर तत्काल दे दिया जाता है।
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क्या है कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट
ब्लड में चार कंपोनेंट होते हैं। इनमें रेड ब्लड सेल (आरबीसी), प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट शामिल हैं। सेपरेशन यूनिट में ब्लड को घुमाया (मथा) जाता है। इससे ब्लड परत दर परत (लेयर बाई लेयर) हो जाता है और आरबीसी, प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट अलग-अलग हो जाते हैं। जरूरत के मुताबिक इनको निकाल लिया जाता है। निकाले गए रक्त के प्रत्येक तत्व की अलग-अलग जीवन अवधि होती है। एक यूनिट रक्त तीन से चार लोगों की जरूरत पूरी कर सकता है।


कंपोनेंट यूनिट के लिए लाइसेंस मिल गया है, मशीन भी इंस्टाल हो गई है, खून मिलते ही इसका संचालन शुरु कर दिया जाएगा। इससे माध्यम से एक यूनिट खून से चार लोगों की जान बचाई जा सकती है।
डॉ. मनोज तिवारी, ब्लड बैंक प्रभारी
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