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Gorakhpur News: मेडिकल एंड नर्सिंग कॉलेज के एडमिशन व रिजल्ट में फर्जीवाड़ा
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पांच छात्रों ने प्रबंधक के खिलाफ झंगहा थाने में दर्ज कराया केस
जीएनएम और डीफार्मा करने वाले विद्यार्थियों को दिए गए फर्जी अंकपत्र
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मेडिकल एंड नर्सिंग कॉलेज के एडमिशन व रिजल्ट में फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। झंगहा इलाके के गोबडौर चौराहे पर मां तरकुलही देवी पैरामेडिकल एंड नर्सिंग कॉलेज से जीएनएम और डीफार्मा करने वाले पांच छात्रों ने वहां के प्रबंधक पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को थाने में केस दर्ज कराया है। वहीं, पुलिस ने जब जांच शुरू की तो पता चला कि वह कॉलेज अब अस्तित्व में भी नहीं है। पुलिस ने प्रबंधक से संपर्क करने का प्रयास किया तो मोबाइल बंद मिला। पुलिस अब पूछताछ के लिए आरोपी प्रबंधक की तलाश में लगी है।
झंगहा गोबडौर निवासी छात्र मनीष यादव, बृजेश, कंचन यादव, मनीष यादव और राजकुमार ने कॉलेज के प्रबंधक विमल विश्वकर्मा के खिलाफ केस दर्ज कराया है। छात्रों ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2022 में मां तरकुलही देवी पैरामेडिकल एंड नर्सिंग कॉलेज से डीफार्मा और जीएनएम कोर्स करने के लिए प्रबंधक विमल विश्वकर्मा से मुलाकात की। आरोप है कि प्रबंधक ने छल करके जीएनएम कोर्स में 75 हजार रुपये और डीफार्मा के लिए 70 हजार रुपये फीस ली। संस्थान में दाखिला देकर पढ़ाते हुए वार्षिक परीक्षा कराई और रिजल्ट रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आया।
छात्रों ने बताया कि जब स्काॅलरशिप का फाॅर्म भरने गए तो राज्य सरकार की सूची में संस्थान का नाम ही नहीं था। सभी छात्र तत्काल प्रबंधक से संपर्क किए। तब प्रबंधक ने गुमराह करते हुए कहा कि घबराइए नहीं, दिक्कत दूर हो जाएगी, अगले सत्र में दोनों वर्षों की स्काॅलरशिप भी मिल जाएगी। छात्रों ने बताया कि जब वे खुद से संस्थान के बारे में पता किए तब जानकारी हुई कि कूटरचित दस्तावेज के सहारे आर्थिक लाभ के लिए प्रबंधक द्वारा कॉलेज चलाया जा रहा है।
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दोस्त है पुलिस, कोई कुछ नहीं कर पाएगा
आरोप है कि साल बर्बाद होने के बाद सभी छात्र प्रबंधक से रुपये वापस मांगने लगे। तब प्रबंधक ने कहा कि पुलिस उसकी दोस्त है। अगर कहीं भी शिकायत की तो केस दर्ज कराकर हमेशा के लिए भविष्य खराब कर दूंगा। इस बात से छात्र डर गए। फिर हिम्मत दिखाते हुए छात्रों ने जुलाई में पुलिस ऑफिस जाकर एसपी से मुलाकात कर प्रार्थनापत्र दिया। छात्रों का कहना है कि संस्थान का बैनर और अन्य सामान हटाया जा रहा है। कार्रवाई से बचने के लिए प्रबंधक ऐसा कर रहे हैं।
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वर्जन-
इस मामले में प्रबंधक को पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था। वह नहीं आए। केस दर्ज कर लिया गया है। सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरोपी की तलाश कर उसे जेल भिजवाया जाएगा।
- जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी उत्तरी
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जीएनएम और डीफार्मा करने वाले विद्यार्थियों को दिए गए फर्जी अंकपत्र
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मेडिकल एंड नर्सिंग कॉलेज के एडमिशन व रिजल्ट में फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। झंगहा इलाके के गोबडौर चौराहे पर मां तरकुलही देवी पैरामेडिकल एंड नर्सिंग कॉलेज से जीएनएम और डीफार्मा करने वाले पांच छात्रों ने वहां के प्रबंधक पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को थाने में केस दर्ज कराया है। वहीं, पुलिस ने जब जांच शुरू की तो पता चला कि वह कॉलेज अब अस्तित्व में भी नहीं है। पुलिस ने प्रबंधक से संपर्क करने का प्रयास किया तो मोबाइल बंद मिला। पुलिस अब पूछताछ के लिए आरोपी प्रबंधक की तलाश में लगी है।
झंगहा गोबडौर निवासी छात्र मनीष यादव, बृजेश, कंचन यादव, मनीष यादव और राजकुमार ने कॉलेज के प्रबंधक विमल विश्वकर्मा के खिलाफ केस दर्ज कराया है। छात्रों ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2022 में मां तरकुलही देवी पैरामेडिकल एंड नर्सिंग कॉलेज से डीफार्मा और जीएनएम कोर्स करने के लिए प्रबंधक विमल विश्वकर्मा से मुलाकात की। आरोप है कि प्रबंधक ने छल करके जीएनएम कोर्स में 75 हजार रुपये और डीफार्मा के लिए 70 हजार रुपये फीस ली। संस्थान में दाखिला देकर पढ़ाते हुए वार्षिक परीक्षा कराई और रिजल्ट रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आया।
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छात्रों ने बताया कि जब स्काॅलरशिप का फाॅर्म भरने गए तो राज्य सरकार की सूची में संस्थान का नाम ही नहीं था। सभी छात्र तत्काल प्रबंधक से संपर्क किए। तब प्रबंधक ने गुमराह करते हुए कहा कि घबराइए नहीं, दिक्कत दूर हो जाएगी, अगले सत्र में दोनों वर्षों की स्काॅलरशिप भी मिल जाएगी। छात्रों ने बताया कि जब वे खुद से संस्थान के बारे में पता किए तब जानकारी हुई कि कूटरचित दस्तावेज के सहारे आर्थिक लाभ के लिए प्रबंधक द्वारा कॉलेज चलाया जा रहा है।
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दोस्त है पुलिस, कोई कुछ नहीं कर पाएगा
आरोप है कि साल बर्बाद होने के बाद सभी छात्र प्रबंधक से रुपये वापस मांगने लगे। तब प्रबंधक ने कहा कि पुलिस उसकी दोस्त है। अगर कहीं भी शिकायत की तो केस दर्ज कराकर हमेशा के लिए भविष्य खराब कर दूंगा। इस बात से छात्र डर गए। फिर हिम्मत दिखाते हुए छात्रों ने जुलाई में पुलिस ऑफिस जाकर एसपी से मुलाकात कर प्रार्थनापत्र दिया। छात्रों का कहना है कि संस्थान का बैनर और अन्य सामान हटाया जा रहा है। कार्रवाई से बचने के लिए प्रबंधक ऐसा कर रहे हैं।
वर्जन-
इस मामले में प्रबंधक को पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था। वह नहीं आए। केस दर्ज कर लिया गया है। सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरोपी की तलाश कर उसे जेल भिजवाया जाएगा।
- जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी उत्तरी