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Radha Ashtami: आज मनाया जा रहा है राधा अष्टमी, जानिए कैसे जन्मोत्सव मानकर करें पूजन अर्चन
Tue, 14 Sep 2021 06:02 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 14 Sep 2021 06:02 AM IST
सार
पंडित बृजेश पांडेय के अनुसार, राधा अष्टमी की पूजा सभी दुखों को दूर करने वाली मानी जाती है। मान्यता है कि राधा अष्टमी का व्रत सभी प्रकार के पापों को दूर करता है। सुहागिन स्त्रियां इस दिन व्रत रखकर राधा जी की विशेष पूजा करती हैं।
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राधा अष्टमी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर में राधा अष्टमी का पर्व 14 सितंबर, मंगलवार को मनाया जा रहा है। इस बार यह पर्व भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि ज्येष्ठा नक्षत्र और आयुष्मान योग में मनाया जा रहा है।
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राधा अष्टमी का महत्व
पंडित बृजेश पांडेय के अनुसार, राधा अष्टमी की पूजा सभी दुखों को दूर करने वाली मानी जाती है। मान्यता है कि राधा अष्टमी का व्रत सभी प्रकार के पापों को दूर करता है। सुहागिन स्त्रियां इस दिन व्रत रखकर राधा जी की विशेष पूजा करती हैं। इस दिन पूजा करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। राधा अष्टमी का पर्व जीवन में आने वाली धन की समस्या को भी दूर करता है।
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राधा अष्टमी पूजा विधि
पंडित शरद चंद्र मिश्रा के अनुसार, राधा अष्टमी के दिन प्रातः काल स्नान आदि से निवृत होकर मंडप बनाएं। उसके नीचे नीचे तांबे का कलश स्थापित करें। कलश पर तांबे का पात्र रखें और इस पर राधाजी की मूर्ति स्थापित कर उसका श्रृंगार करें। इसके बाद राधाजी का विधि-विधान से पूजन करें। दोपहर मध्यान्ह 12:00 बजे राधा रानी क्या जन उत्सव मनाए आरती कर पूरे दिन उपवास रखें। अगले दिन सुहागिन महिलाओं को या ब्रहामणों को भोजन कराकर व्रत का पारण करें।
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