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165 साल बाद बना है ऐसा संयोग, पितृ पक्ष के एक माह बाद होगा नवरात्र
Thu, 27 Aug 2020 03:02 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 27 Aug 2020 03:02 PM IST
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पितृपक्ष।
- फोटो : अमर उजाला
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165 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है कि पितृपक्ष के एक माह बाद नवरात्र होगा। इस बार नवरात्र पितृपक्ष समाप्त होने के साथ प्रतिपदा से नहीं बल्कि इसके एक माह बाद शुरू होगा। हर साल पितृ पक्ष में अमावस्या के अगले दिन प्रतिपदा से नवरात्र प्रारंभ हो जाता था। लेकिन इस बार श्राद्ध समाप्त होते ही एक महीने का अधिमास लग जाएगा। इस बीच सभी शुभ कार्य वर्जित रहेंगे। ज्योतिषाचार्यो के मुताबिक करीब 165 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है।
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मां पीतांबरा जनकल्याण ज्योतिष केंद्र महराजगंज के आचार्य दिवाकर मणि त्रिपाठी ने बताया कि पंचांग के अनुसार इस बार अश्विन माह में पितृपक्ष 3 सितंबर से शुरू होकर 17 सितंबर तक रहेगा। इस बीच पितरों को तर्पण किया जाता है। इस बार अधिमास लगने से नवरात्र और पितृपक्ष के बीच एक माह का अंतर होगा। अश्विन मास में मलमास लगना और एक माह बाद नवरात्र का आरंभ होना, ऐसा संयोग करीब 165 वर्ष बाद बना है।
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उन्होंने बताया कि मलमास को शुद्ध नहीं माना जाता है। इस बीच शुभ कार्य वर्जित होते हैं। इस काल में पूजन, व्रत उपवास एवं साधना का विशेष महत्व होता है। क्योंकि इस अवधि में देव सो जाते हैं। देवोत्थान एकादशी के बाद ही देव जागृत होते हैं। इस वर्ष 17 सितंबर को पितृपक्ष समाप्त होगा। इसके साथ ही नवरात्र के स्थान पर अधिमास आएगा और 18 अक्तूबर से नवरात्र शुरू होगा।
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अधिमास के बारे में जाने
सूर्य वर्ष 365 दिन एवं छह घंटे का होता है। जबकि एक चंद्र वर्ष 354 दिनों का माना जाता है। दोनों वर्षा के बीच करीब 11 दिन का अंतर होता है। यह अंतर प्रत्येक तीन वर्ष में करीब एक माह के बराबर हो जाता है। इसी अंतर को दूर करने के लिए हर तीन साल में एक चंद्रमास अतिरिक्त आता है, जिसे अधिमास का नाम दिया गया है।
पुरूषोत्तम मास में राशियों पर असर
मां पीतांबरा जनकल्याण ज्योतिष केंद्र के संरक्षक डॉ. ओम प्रकाश मणि त्रिपाठी ने बताया कि पुरुषोत्तम मास में प्रत्येक राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा। मेष राशि वालों के लिए यह महीना शारीरिक सुख समृद्धि भाइयों के लिए शुभ और नए उमंगों वाला होगा।
वृष राशि वालों के लिए यह महीना सामान्य सुखप्रद आय में कमी, घर परिवार में किसी नए समाचार से खुशी का माहौल रहेगा। मिथुन राशि वालों के लिए यह पुरुषोत्तम मास समस्त वांछित कार्यों की सिद्धि देने वाला रहेगा। आय में वृद्धि किसी नए वाहन की प्राप्ति कराएगा।
कर्क राशि वालों के लिए यह महीना शारीरिक कष्ट देगा और अनावश्यक व्यय कराएगा तथा मित्रों से अनबन की स्थिति बन सकती है। सिंह राशि वालों के लिए यह महीना शारीरिक स्वास्थ्य धन लाभ किसी अच्छे कार्य व्यवसाय की प्राप्ति कराएगा।
कन्या राशि वालों के लिए यह महीना शारीरिक कष्ट से भरा था लेकिन महीने का अंतिम सप्ताह सुखदाई रहेगा। तुला राशि वालों के लिए यह महीना शारीरिक कष्ट देगा। वृश्चिक राशि वालों के लिए यह महीना शारीरिक स्वास्थ्य आय में वृद्धि तथा सुख संपत्ति देने वाला होगा।
धनु राशि वालों के लिए सामान्य शारीरिक सुख पत्नी को कष्ट कथा धनागम कराएगा। मकर राशि वालों के लिए यह माह पूर्ण शारीरिक सुख और हर तरह के सुख की प्राप्ति कराएगा। कुंभ राशि वालों के लिए यह माह कष्टकारी होगा। मीन राशि वालों के लिए यह माह सर्व सुख प्रदान करने वाला सत्कर्म कराने वाला होगा।
सूर्य वर्ष 365 दिन एवं छह घंटे का होता है। जबकि एक चंद्र वर्ष 354 दिनों का माना जाता है। दोनों वर्षा के बीच करीब 11 दिन का अंतर होता है। यह अंतर प्रत्येक तीन वर्ष में करीब एक माह के बराबर हो जाता है। इसी अंतर को दूर करने के लिए हर तीन साल में एक चंद्रमास अतिरिक्त आता है, जिसे अधिमास का नाम दिया गया है।
पुरूषोत्तम मास में राशियों पर असर
मां पीतांबरा जनकल्याण ज्योतिष केंद्र के संरक्षक डॉ. ओम प्रकाश मणि त्रिपाठी ने बताया कि पुरुषोत्तम मास में प्रत्येक राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा। मेष राशि वालों के लिए यह महीना शारीरिक सुख समृद्धि भाइयों के लिए शुभ और नए उमंगों वाला होगा।
वृष राशि वालों के लिए यह महीना सामान्य सुखप्रद आय में कमी, घर परिवार में किसी नए समाचार से खुशी का माहौल रहेगा। मिथुन राशि वालों के लिए यह पुरुषोत्तम मास समस्त वांछित कार्यों की सिद्धि देने वाला रहेगा। आय में वृद्धि किसी नए वाहन की प्राप्ति कराएगा।
कर्क राशि वालों के लिए यह महीना शारीरिक कष्ट देगा और अनावश्यक व्यय कराएगा तथा मित्रों से अनबन की स्थिति बन सकती है। सिंह राशि वालों के लिए यह महीना शारीरिक स्वास्थ्य धन लाभ किसी अच्छे कार्य व्यवसाय की प्राप्ति कराएगा।
कन्या राशि वालों के लिए यह महीना शारीरिक कष्ट से भरा था लेकिन महीने का अंतिम सप्ताह सुखदाई रहेगा। तुला राशि वालों के लिए यह महीना शारीरिक कष्ट देगा। वृश्चिक राशि वालों के लिए यह महीना शारीरिक स्वास्थ्य आय में वृद्धि तथा सुख संपत्ति देने वाला होगा।
धनु राशि वालों के लिए सामान्य शारीरिक सुख पत्नी को कष्ट कथा धनागम कराएगा। मकर राशि वालों के लिए यह माह पूर्ण शारीरिक सुख और हर तरह के सुख की प्राप्ति कराएगा। कुंभ राशि वालों के लिए यह माह कष्टकारी होगा। मीन राशि वालों के लिए यह माह सर्व सुख प्रदान करने वाला सत्कर्म कराने वाला होगा।