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Gorakhpur: दो महीने बाद भी नहीं मिली किट मशीनें साबित हो रहीं बेकार, दावा किया गया था 56 तरह की होगी जांच
Thu, 01 Dec 2022 10:59 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 01 Dec 2022 10:59 AM IST
सार
जांच मशीन के जरिए शरीर की स्क्रीनिंग होती है। इसमें ब्लड प्रेशर, शुगर, वजन, लंबाई, शरीर का तापमान, शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा, बॉडी मास इंडेक्स, मेटाबॉलिक एज, बॉडीफैट, डिहाइड्रेशन, पल्स रेट, मसल मास आदि की जानकारी मिल जाती है। इसके अलावा पैथोलॉजी टेस्ट की भी सुविधा है।
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एटीएम हेल्थ मशीन।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
मरीजों की सुविधा के लिए जिले के आठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में लगाई गईं जांच मशीनें (हेल्थ एटीएम) पैथोलॉजी जांच किट नहीं मिलने की वजह से बेकार साबित हो रही हैं। लगाते समय दावा किया गया था कि मशीन से 56 तरह की जांच हो सकेगी। फिलहाल बीपी-शुगर जैसी सामान्य जांचें ही हो पा रही हैं। मरीजों को मजबूरी में महंगी जांचें निजी लैब से करानी पड़ रही हैं।
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चरगांवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 14 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच मशीन (हेल्थ एटीएम) का उद्घाटन किया था। तब उन्होंने कहा था कि अब लोगों को 56 तरह की जांच कराने के लिए कहीं भटकना नहीं पड़ेगा। बताया जा रहा है कि मशीन उपलब्ध कराने वाली कंपनी की तरफ से जांच किट नहीं दी गई है। यही नहीं, कंपनी की ओर से एक भी कर्मचारी को प्रशिक्षित भी नहीं किया गया है।
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चरगांवा के चंद्रशेखर चौरसिया ने बताया कि जांच मशीन से अब तक खून की जांच की सुविधा नहीं मिली है। मशीन लगने के बाद शुगर, बीपी, वजन जैसी सामान्य जांचें हो पा रही हैं। गुलरिहा के प्रमोद कुमार ने बताया कि जांच के लिए निजी केंद्रों पर जाना पड़ रहा है। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि मशीन को चलाने की जानकारी आम आदमी को नहीं दी जा रही है।
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मशीन से होनी वाली जांचें
जांच मशीन के जरिए शरीर की स्क्रीनिंग होती है। इसमें ब्लड प्रेशर, शुगर, वजन, लंबाई, शरीर का तापमान, शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा, बॉडी मास इंडेक्स, मेटाबॉलिक एज, बॉडीफैट, डिहाइड्रेशन, पल्स रेट, मसल मास आदि की जानकारी मिल जाती है। इसके अलावा पैथोलॉजी टेस्ट की भी सुविधा है। इसमें ग्लूकोज, हीमोग्लोबिन, लिपिड प्रोफाइल, डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, यूरिन टेस्ट, गर्भावस्था, टाइफाइड, एचआईवी ईसीजी, टीएलसी, डीएलसी जैसी जांचें शामिल हैं। यह मशीन महज पांच से सात मिनट में रिपोर्ट देती है, लेकिन सुविधा शुरू न होने से लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
इन केंद्रों पर लगी है जांच मशीन
चरगांवा पीएचसी के अलावा पीपीगंज, महावीर छपरा, डेरवा, सरदारनगर, उरुवा, खजनी और खोराबार में जांच मशीनें (हेल्थ एटीएम) लगाई गई हैं।
सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने कहा कि गोरखपुर जिले के आठ स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच मशीनें लगाई गई हैं। इन केंद्रों पर मशीनों से सामान्य जांचें हो रही हैं। अब तक कंपनी की तरफ से पैथोलॉजी जांच के लिए किट नहीं मिली है। किट मिलते ही जांच शुरू की जाएगी।
इन केंद्रों पर लगी है जांच मशीन
चरगांवा पीएचसी के अलावा पीपीगंज, महावीर छपरा, डेरवा, सरदारनगर, उरुवा, खजनी और खोराबार में जांच मशीनें (हेल्थ एटीएम) लगाई गई हैं।
सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने कहा कि गोरखपुर जिले के आठ स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच मशीनें लगाई गई हैं। इन केंद्रों पर मशीनों से सामान्य जांचें हो रही हैं। अब तक कंपनी की तरफ से पैथोलॉजी जांच के लिए किट नहीं मिली है। किट मिलते ही जांच शुरू की जाएगी।