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गोरखनाथ मंदिर: मेले का लुत्फ उठा रहे शहर के लोग, रोशनी से जगमगा रहा मंदिर
Wed, 08 Jan 2020 11:28 AM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Wed, 08 Jan 2020 11:28 AM IST
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गोरखनाथ मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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गोरखनाथ मंदिर में लगने वाले खिचड़ी मेला के लिए दुकानें सज गई हैं। खिचड़ी मेला से पहले ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। बड़ी संख्या में शहर के लोग पहुंचकर मेला का लुत्फ उठा रहे हैं।
वैसे तो मेले की औपचारिक शुरुआत मकर संक्रांति से होती है, लेकिन एक सप्ताह पूर्व ही मेला अपनी रौ में दिख रहा है। मेला प्रभारी जय प्रकाश सिंह ने बताया कि मेला परिसर में कई प्रकार के झूले, चर्खी, सौंदर्य प्रसाधन, घरेलू सामान, खजला और चाट-पकौड़ों की दुकानें सज गई हैं।
अलग-अलग दुकानों में रोजमर्रा की जरूरत की करीब हर चीज मौजूद हैं। लोग मेले का आनंद लेने पहुंचने भी लगे हैं। मंगलवार को गोरखनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए भी खासी भीड़ जुटी। बच्चों और बड़ों ने मेले में लगे ब्रेक डांस व ड्रैगन, टोरा-टोरा, जंपिंग मिक्की माउस, नांव, मौत का कुंआ आदि का आनंद लेना भी शुरू कर दिया है। ज्यादातर दुकानदारों ने अपने तय स्थान पर प्रतिष्ठान सजा लिया है। कुछ इसे अंतिम रूप दे रहे हैं।
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मेले में साठ फीसदी दुकानें अल्पसंख्यकों को
मेला प्रभारी जयप्रकाश सिंह ने बताया कि मेले में लगभग एक हजार दुकानें लगी हैं। इसमें साठ फीसदी दुकानें अल्पसंख्यकों को आवंटित की गई है। उन्होंने बताया कि अल्पसंख्यकों को ज्यादा दुकाने देने की परंपरा ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ के समय से चली आ रही है जो अभी भी जारी है।
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वैसे तो मेले की औपचारिक शुरुआत मकर संक्रांति से होती है, लेकिन एक सप्ताह पूर्व ही मेला अपनी रौ में दिख रहा है। मेला प्रभारी जय प्रकाश सिंह ने बताया कि मेला परिसर में कई प्रकार के झूले, चर्खी, सौंदर्य प्रसाधन, घरेलू सामान, खजला और चाट-पकौड़ों की दुकानें सज गई हैं।
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अलग-अलग दुकानों में रोजमर्रा की जरूरत की करीब हर चीज मौजूद हैं। लोग मेले का आनंद लेने पहुंचने भी लगे हैं। मंगलवार को गोरखनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए भी खासी भीड़ जुटी। बच्चों और बड़ों ने मेले में लगे ब्रेक डांस व ड्रैगन, टोरा-टोरा, जंपिंग मिक्की माउस, नांव, मौत का कुंआ आदि का आनंद लेना भी शुरू कर दिया है। ज्यादातर दुकानदारों ने अपने तय स्थान पर प्रतिष्ठान सजा लिया है। कुछ इसे अंतिम रूप दे रहे हैं।
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मेले में साठ फीसदी दुकानें अल्पसंख्यकों को
मेला प्रभारी जयप्रकाश सिंह ने बताया कि मेले में लगभग एक हजार दुकानें लगी हैं। इसमें साठ फीसदी दुकानें अल्पसंख्यकों को आवंटित की गई है। उन्होंने बताया कि अल्पसंख्यकों को ज्यादा दुकाने देने की परंपरा ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ के समय से चली आ रही है जो अभी भी जारी है।