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गोरखपुर: कस्तूरबा की बेटियां सीखेंगी दिमागी स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का गुर, तीन महीने का होगा प्रशिक्षण
Sun, 08 Aug 2021 07:21 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 08 Aug 2021 07:21 PM IST
सार
स्कूल शिक्षा विभाग ने की तैयारी, तीन महीने का देंगे प्रशिक्षण
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कस्तूरबा विद्यालय की छात्राएं। (फाइल फोटो)
- फोटो : Social media
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विस्तार
परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत किशोरियों को दिमागी स्वास्थ्य, कम्युनिकेशन स्किल, कॉमन इमोशनल एंड बिहेवियर प्रॉब्लम्स सरीखे जागरूकता के पाठ पढ़ाए जाएंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने किशोरियों के सशक्तीकरण के लिए शिक्षण के साथ प्रशिक्षण की योजना शुरू की है। तीन माह तक शिक्षिकाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद शिक्षिकाएं 10-14 वर्ष की छात्राओं को प्रशिक्षण देंगी।
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महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने राज्य के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रशिक्षण के लिए सक्रिय एवं दक्ष शिक्षिका का चयन करके राज्य परियोजना कार्यालय को सूचित करें। मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा एवं कानूनी जागरूकता पर आधारित प्रशिक्षण सत्र संचालित किए जाएंगे।
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पहले चरण में जिले के 20 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में से 100 बालिकाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उसके बाद अन्य विद्यालयों में कार्यक्रम शुरू होगा। प्रशिक्षण के माध्यम से छात्राएं अपने अधिकार एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक होंगी।
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ऑनलाइन होगा प्रशिक्षण
प्रत्येक कस्तूरबा विद्यालय की चयनित एक शिक्षिका को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। 50- 50 शिक्षिकाओं के दो बैच बनाए जाएंगे। सप्ताह में तीन दिन 3-3 घंटे का प्रशिक्षण सत्र होगा। नामित शिक्षिका को प्रशिक्षण के सभी सत्रों में प्रतिभाग करना अनिवार्य है।