गोरखपुर में पिटबुल का हमला: मासूम ने बयां किया दर्द, बोला- अंकल ने जानबूझ कर छोड़ दिया कुत्ता
आठ वर्षीय बच्चा उत्कर्ष बेतियाहाता स्थित स्कूल में कक्षा तीन का छात्र है। बुधवार को पड़ोस में रहने वाले गौरव यादव ने पिटबुल छोड़ दिया, जिसने पीठ और पैर पर हमला कर दिया। बच्चे की शोर सुनकर परिवार के लोग पहुंचे तो पिटबुल ने छोड़ा।
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उधर, आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। घटना की जांच के लिए सीओ कैंट ने टीम गठित कर दी है। खबर है कि पुलिस ने पिटबुल के पंजीकरण की जांच कर उसे जब्त करने के लिए नगर निगम को पत्र लिखा है। जानकारी के मुताबिक, बुधवार शाम में रामअवतार मिश्रा के बेटे उत्कर्ष को पिटबुल ने काटा था। समय से पिता पहुंच गए और विरोध करने पर पिटबुल का मालिक गौरव यादव उसे लेकर चला गया।
इस घटना से डरा उत्कर्ष अब इतना डर गया है कि वह उस पिटबुल के आसपास रहना ही नहीं चाहता है। कक्षा तीन का छात्र उत्कर्ष बताता है कि वह पिटबुल के बारे में अच्छे से जानता है कि वह खतरनाक कुत्ता है, इस वजह से उससे दूरी बनाकर रहता था। लेकिन, जानबूझ कर कुत्ते को छोड़ा गया, जिसकी वजह से उसने उसे काट लिया। प्रभारी निरीक्षक कैंट शशिभूषण राय ने बताया कि केस दर्ज है। आरोपी गौरव को हिरासत में लिया गया है।
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हमले के बाद कमरे में कैद हुआ पिटबुल
बच्चे पर हमले के बाद पिटबुल को कमरे में कैद कर दिया गया है। उसका असल मालिक गौरव यादव तो फरार है, लेकिन उसके घरवाले पिटबुल को बाहर नहीं निकले दे रहे हैं। उधर, उत्कर्ष की मां अंजली मिश्रा ने मांग की कि इस खतरनाक नस्ल के कुत्ते को पकड़ना चाहिए। अंजली ने कहा कि उन्हें जानवरों से दुश्मनी नहीं, लेकिन खतरनाक नस्ल के कुत्ते नहीं पालने चाहिए। इससे किसी की जान जा सकती है। बेटा बहुत डरा है। अगर समय से उसके पिता नहीं पहुंचते तो उसके साथ कोई भी अनहोनी हो सकती थी।
पिटबुल खतरनाक नस्ल, नगर निगम में पंजीकरण नहीं
ट्रांसपोर्ट नगर के जिस गौरव यादव ने पिटबुल पाला है, उसका नगर निगम में पंजीकरण नहीं है। जबकि, दुनिया के सबसे खतरनाक कुत्तों में पिटबुल शामिल है। इस नस्ल के कुत्ते अपने आक्रामक रवैये के लिए जाने जाते हैं। अन्य कुत्ते इतने खतरनाक घाव नहीं देते जितने इनकी वजह से घाव आते हैं, इसलिए पिटबुल ज्यादा बदनाम हैं।
नोएडा, गाजियाबाद में पिटबुल का हमला सामने आने के बाद प्रदेश सरकार ने नियमों को और सख्त कर दिया है। नियमों को न मानने वाले मालिकों का कुत्ता जब्त करने के साथ ही कुत्ते के व्यवहार के लिए मालिक को जिम्मेदार माना जाएगा। प्रमुख सचिव नगर विकास की ओर से सभी निकायों को कुत्तों के पंजीकरण से संबंधित पूर्व में आदेश भी किया जा चुका है। इसके तहत हिंसक होने पर उसे जब्त किया जाना चाहिए।
41 देशों में प्रतिबंध, उत्तर प्रदेश के कई जिले में भी सख्त नियम
दुनिया के करीब 41 देशों में पिटबुल पालने पर प्रतिबंध है। विदेश में प्रतिबंध के चलते पिटबुल और रेटविलर जैसी खतरनाक प्रजाति के कुत्तों का आयात भारत में पिछले कुछ वर्षों में बढ़ा है। हालांकि, गाजियाबाद, नोएडा समेत देश के अन्य शहरों में इन कुत्तों के हमलों की घटनाओं के बाद देश के पंचकुल, गाजियाबाद समेत अन्य शहरों में भी इन कुत्तों को पालने पर प्रतिबंध है, तो कई जगह नियम सख्त है।
यह हुआ था
आजमगढ़ जिले गंभीरपुर थानाक्षेत्र स्थित खरेला गांव के मूल निवासी रामअवतार मिश्रा ट्रांसपोर्टनगर में किराए पर मकान लेकर परिवार के साथ रहते हैं। उनका आठ वर्षीय बच्चा उत्कर्ष बेतियाहाता स्थित स्कूल में कक्षा तीन का छात्र है। बुधवार को पड़ोस में रहने वाले गौरव यादव ने पिटबुल छोड़ दिया, जिसने पीठ और पैर पर हमला कर दिया। बच्चे की शोर सुनकर परिवार के लोग पहुंचे तो पिटबुल ने छोड़ा। पुलिस ने आरोपी गौरव के खिलाफ पालतू पशु को लेकर लापरवाही और मानव जीवन को खतरे में डालने की धाराओं में केस दर्ज किया है।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि बच्चे पर पिटबुल के हमला करने के मामले में कैंट थाने में केस दर्ज है। घटना की जांच के लिए एक टीम गठित कर दी गई है। नगर निगम को भी पुलिस की ओर से पंजीकरण जांचने और कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया।
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि मालिक के घर में पिटबुल को बंद किया जाएगा और कुत्ते के मालिक पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।