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अब जिम्मेदारों पर भी होगी कार्रवाई: नौ साल से लगा रहे थे दौड़, चंद घंटों में हो गई वरासत

Fri, 17 Sep 2021 08:18 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 17 Sep 2021 08:18 PM IST
सार

कमिश्नर के निर्देश पर निर्विवाद वरासत, जाति-आय प्रमाणपत्रों के लिए दो तहसीलों में शुरू हुआ कैंप, दो दिन के कैंप के बाद भी इन गांवों में कोई मामला लंबित रहा तो लेखपाल, कानूनगो पर होगी कार्रवाई।

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inherited in few hours had been running for nine years in gorakhpur
डीएम विजय किरन आनंद। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर में नौ साल से वरासत के लिए दौड़ लगा रहे पिपराइच के लखेसरा के भूपेंद्र का काम शुक्रवार को चंद घंटों में ही हो गया। वहीं कमरूनिशा और भगवंत का भी पांच साल बाद खतौनी में नाम दर्ज हो गया। व्यवस्था में यह बदलाव कमिश्नर रवि कुमार एनजी और डीएम विजय किरन आनंद की संजीदगी के बाद दिखाई पड़ा। अब इन फरियादियों को दौड़ाने वालों को भी चिह्नित कर उनपर कार्रवाई की जाएगी।  

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दरअसल कमिश्नर रवि कुमार एनजी एक नई पहल के तहत रोजाना 10-10 गांवों के प्रधानों से गांव की समस्याओं को लेकर संवाद कर रहे हैं। इस दौरान कई प्रधानों ने यह शिकायत की कि वरासत, जाति, आय आदि मामलों को लेकर उनके गांव के कई ग्रामीण परेशान हैं। कभी लेखपाल नहीं मिलते तो कभी कानूनगो। इसे गंभीरता से लेते हुए कमिश्नर ने ऐसे गांवों की सूची तैयार कराई और डीएम को पूरा वाकया बताते हुए उनसे कैंप लगाकर मामलों का निस्तारण कराने को कहा।
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डीएम ने भी बिना समय गवाएं न केवल संबंधित गांवों में कैंप की तारीख घोषित कर दी बल्कि अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगा दी। निगरानी के लिए नोडल अफसर भी तैनात कर दिए। पहले चरण में सदर के 31 और चौरीचौरा तहसील के छह गांवों में शुक्रवार से दो दिवसीय कैंप की शुरुआत हुई। यह सिलसिला आगे दूसरी तहसीलों में भी जारी रहेगा।
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लंबे समय से वरासत, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र के लटके मामले शुक्रवार से निपटने शुरू हो गए। सदर के खोराबार, पिपराइच, भटहट, चरगांवा ब्लॉक में पहुंचे अधिकारियों और कर्मचारियों ने गंभीरता से फरियादियों की समस्याओं को सुना और मौके पर ही निर्विवाद वरासत समेत अन्य मामलों का निस्तारण कराया। सभी गांवों में सर्वाधिक मामले वरासत के ही आए।

चौरीचौरा में वरासत के 28 मामले निस्तारित

चौरीचौरा तहसील क्षेत्र के करीब छह गांवों में चौपाल लगाकर वहां भी निर्विवाद वरासत, जाति, आय और निवास आदि प्रमाण पत्रों के मामले निस्तारित किए गए। तहसील क्षेत्र के भटगावां, बहरामपुर, भैंसहा, सोनबरसा खुर्द, रामनगर करजहा और रुद्रापुर में लगाए गए चौपाल के दौरान वरासत से संबंधित 28 लंबित आवेदनों का निस्तारण किया गया।

जाति प्रमाण पत्र के 82, निवास प्रमाण पत्र के 83 और आय प्रमाण पत्र के 81 आवेदन पत्रों को जांच के लिए दर्ज किया गया। एसडीएम अनुपम मिश्र, तहसीलदार वीरेंद्र गुप्ता, नायब तहसीलदार अलका सिंह, राजस्व निरीक्षक और हल्का लेखपाल इस अभियान में शामिल होकर मामलों का निस्तारण कराने में लगे रहे। कैंप में ग्रामीणों को यह जानकारी भी दी गई कि तहसील से जुड़े काम कैसे कराए जा सकते हैं।

कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने कहा कि पंचायतों की समस्याओं को जानने के लिए प्रधानों से संवाद किया जा रहा है। इस दौरान कई प्रधानों की तरफ से शिकायत मिल रही थी कि वरासत, आय, जाति और निवास आदि के छोटे-छोटे मामलों को लेकर भी तमाम ग्रामीण परेशान हैं।  शिकायतों के निस्तारण के लिए गांव में ही कैंप लगाने के लिए डीएम को कहा गया है। सदर और चौरीचौरा तहसील में इसे शुरू करा दिया गया है। जल्द ही दूसरे तहसीलों में भी कैंप आयोजित किया जाएगा।

डीएम विजय किरन आनंद ने कहा कि सदर और चौरीचौरा तहसील में कैंप शुरू करा दिया गया है। पहले दिन अच्छी रिपोर्ट मिली। कई लोगों के लंबित मामले निस्तारित कराए गए हैं।  सभी को कहा गया है कि संजीदगी से मामलों का निस्तारण कराएं ताकि लोगों को बेवजह अधिकारियों के यहां आने की जरूरत न पड़े। जानबूझकर मामलों को लंबित रखने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।  

 

निगरानी के लिए इन्हें बनाया गया नोडल अधिकारी

अपर आयुक्त न्यायिक, अपर आयुक्त प्रशासन, अपर आयुक्त न्यायिक द्वितीय, सहायक कलेक्टर, उप जिलाधिकारी सदर, डिप्टी कलेक्टर, मुख्य राजस्व अधिकारी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, तहसीलदार न्यायिक सदर, अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम, अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय तथा उप जिलाधिकारी चौरी चौरा को नोडल नामित किया गया है।

इन गांवों में अभियान के तहत लगा कैंप
सदर तहसील के ब्लॉक पिपराइच के महुअवा खुर्द, लखेसरा, रामपुर खुर्द, सोनबर्सा खुर्द, रुद्रापुर, रामनगर कड़जहां, केवटली, हरपुर, मठीया, रामूडीहां, भटहट ब्लॉक के भिसवा, बैलो, औरंगाबाद, बूढ़ाडीह, रसूलपुर झुंगिया, इस्लामपुर, रामपुर खुर्द, चरगांवा ब्लॉक का नाहरपुर, जंगल नाकिन, बालापार, खोराबार ब्लॉक का साहूकोल उर्फ मिर्जापुर, सोनवे लहसड़ी, डूहिया, लालपुर टीकर, मोतीराम अड्डा, खिरवनिया, नौवा अव्वल, पोछिया ब्रम्हस्थान, रामपुरा और प्यासी। इसी तरह सरदारनगर ब्लॉक के भटगांवा, बहरामपुर, भैसवा।

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