यूक्रेन पर हमला: घबराहट हो रही, पर एक-दूसरे को दिलासा दे रहे हैं भारतीय छात्र, घरवालों की चिंता चरम पर
रामजानकीनगर के आकाश, सोनबरसा के संदीप, बिछिया के मनु श्रीवास्तव, बरगदवां की मानसी, आजाद चौक के हरिमोहन यूक्रेन में रह कर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं।
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यूक्रेन पर रूसी सेना के हमले के बाद बृहस्पतिवार को पूर्वांचल के डेढ़ सौ से ज्यादा परिवारों की चिंता का ताप चरम पर पहुंच गया है। इन परिवारों के बच्चे यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। बम के धमाके यूक्रेन में हो रहे हैं, लेकिन दिलों की धड़कनें मेडिकल के इन छात्रों के परिवारों की भारत में बढ़ रही है। ज्यादातर छात्रों ने फ्लाइट के टिकट बुक करा लिए हैं, लेकिन वापसी की राह अभी मुश्किल नजर आ रही है।
शहर की बिछिया कॉलोनी में रहने वाले अतुल श्रीवास्तव के बेटे मनुशरण श्रीवास्तव यूक्रेन के बिनिस्तिया नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र हैं। अतुल का पूरा परिवार अनहोनी की आशंका में डरा-सहमा है। व्हाट्सएप कॉल पर लगातार बातचीत हो रही है।
अतुल ने बताया कि गुरुवार सुबह जबसे हमले की तस्वीरें टीवी पर हम लोगों ने देखी है, चिंता बढ़ गई है। दोपहर में बेटे से बातचीत हुई है। उसने बताया कि ज्यादातर लोग पोलैंड व टर्की में शरण लेने के लिए जा रहे हैं। एटीएम पर भारी भीड़ लगी हुई है। लोग जरूरत के सामान खरीदने में जुटे हुए हैं। अतुल कहते हैं, अब ईश्वर से यही प्रार्थना है बेटा सकुशल घर वापस आ जाए।
यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र और उनके अभिभावक बोले
(यूक्रेन से व्हाट्सएप कॉल पर बातचीत) बिछिया निवासी एमबीबीएस छात्र मनुशरण श्रीवास्तव ने कहा कि पहले मैं हॉस्टल में रहता था, अब इंदौर में रहने वाले दोस्त प्रत्यूष के साथ फ्लैट ले लिया हूं। गोरखपुर के सोनबरसा निवासी संदीप सिंह भी मेरे साथ पढ़ते हैं। जहां हम लोग रहते हैं, उसके पास ही सुबह बम धमाका हुआ। बम की आवाज सुनकर सभी लोग सहम गए। पास में ही एक बिगशॉप खुली थी। वहां जाकर अंडे, ड्राई ब्रेड, नूडल्स, चावल सहित अन्य जरूरत के सामान लाया हूं। एटीएम में दो घंटे लाइन में लगा था, तब जाकर रुपये निकाल पाया। 26 फरवरी की फ्लाइट का टिकट बुक कराया है। अभी तक फ्लाइट कैंसिल होने का मैसेज नहीं आया है। उम्मीद है कि घर सकुशल जल्द पहुंच जाऊंगा।
आजाद चौक (बेटे से बातचीत के अंश) निवासी सज्जन गुप्ता ने कहा कि बेटा हरिमोहन कुमार यूक्रेन में एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष का छात्र है। बेटे से सुबह ही बात हुई है, उसने बताया कि हर तरफ अफरा-तफरी मची है। अब ऑनलाइन कक्षाएं भी बंद हो गई हैं। 27 फरवरी का टिकट बुक कराया है। खारकीव में पूर्वांचल के बहुत सारे छात्र एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। सभी लोग अब एक-दूसरे को दिलासा दे रहे हैं। बेटे को मैंने भी बहुत समझाया है कि हौसला बनाए रखे। सरकार से अनुरोध है कि मदद करके यूक्रेन में फंसे बच्चों को सकुशल वापस ले आए।
खारकीव में फंसे हैं रामजानकीनगर के आकाश
शहर के रामजानकी नगर मोहल्ले में रहने वाले अजीत सिंह के बेटे आकाश सिंह यूक्रेन के शहर खारकीव में फंसे हैं। वह नेशनल मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र हैं। अजीत ने बताया कि सुबह ही बेटे से बात हुई है। यूक्रेन के जिस मेडिकल कॉलेज में उनका बेटा पढ़ता है, वहां यूपी के करीब 40 छात्र पढ़ते हैं। गोरखपुर-बस्ती मंडल के ही 15 छात्र शामिल हैं। सभी एक-दूसरे के संपर्क में भी हैं। उन्होंने बताया कि उनके साथ बरगदवां निवासी मानसी, अयोध्या निवासी अमन ग्रोवर और सिद्धार्थनगर निवासी फिरोज व हैदर भी पढ़ाई कर रहे हैं।
शहर के निवेशकों ने गंवाए दो सौ करोड़ रुपये
रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण शेयर बाजार गिरने से जिले के निवेशकों को करीब दो सौ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में निवेशकों के सलाहकारी सैनिक विहार निवासी ओपी सिंह के अनुसार जनपद में डेढ़ लाख से अधिक निवेशक हैं। इन निवेशकों ने आईटी, बैंकिंग, ऑटो मोबाइल, इन्फ्रास्ट्रक्चर, मेटल, कमोडिटी, इंजीनियरिंग आदि सेक्टरों में निवेश किया है। सेंसिटिव सिक्सटी (सेंसेक्स) 2,702 अंक गिरा तो नेशनल फिफ्टी (निफ्टी) 815 अंकों से अधिक गिरा। उनका अनुमान है कि शेयर बाजार गिरने से जनपद के एक लाख निवेशकों का दो सौ करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान आईटी और बैंकिंग सेक्टर में निवेश करने वालों का हुआ है। आशंका जताई कि यदि युद्ध नहीं रुका तो शुक्रवार को शेयर बाजार में और भी गिरावट हो सकती है।