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Yogi Adityanath: सीएम योगी से आईएमए पदाधिकारियों ने की मुलाकात, मुख्यमंत्री ने दिया सील सेंटरों को खोलने का आश्वासन

Mon, 04 Jan 2021 01:56 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 04 Jan 2021 01:56 PM IST
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CM Yogi Adityanath: IMA Officers met CM Yogi Adityanath in case of Negligence in checking unborn baby in gorakhpur
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आईएमए पदाधिकारियों ने की मुलाकात - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर में गर्भस्थ शिशु की जांच में लापरवाही के मामले में सील अल्ट्रासाउंड सेंटरों और चारों डॉक्टरों पर केस दर्ज होने का मामला रविवार को मुख्यमंत्री तक पहुंच गया। गोरखनाथ मंदिर में मुलाकात करने पहुंचे इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के पदाधिकारियों को सीएम ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच के लिए नया मेडिकल बोर्ड गठित किया जाएगा।
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सील किए गए अल्ट्रासाउंड सेंटरों को खोले जाने के मामले में मुख्यमंत्री ने कहा कि नियम के दायरे में हर संभव मदद की जाएगी। आईएमए अध्यक्ष डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और सचिव डॉ. वीएन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रशासन ने अचानक चार अल्ट्रासाउंड सेंटर सील कर दिया। चार डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है। जबकि जिस मेडिकल बोर्ड के आधार पर कार्रवाई की गई है, उसमें कोई विशेषज्ञ नहीं था। गर्भस्थ शिशु के फोर लिंब (दोनों हाथ पैर) की स्थिति को पकड़ने में अल्ट्रासाउंड मशीन केवल 18 प्रतिशत ही सक्षम होती है। ऐसी स्थिति में डॉक्टरों का कोई दोष नहीं है।
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मुख्यमंत्री ने डीएम से जाना प्रकरण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आईएमए पदाधिकारियों को आश्वासन दिया है कि मामले की जांच के लिए नया मेडिकल बोर्ड गठित किया जाएगा। मेडिकल बोर्ड में विशेषज्ञ शामिल रहेंगे। सीएम ने सील सेंटरों को खोलने का भी आश्वासन दिया। सीएम ने आईएमए के पदाधिकारियों से कहा कि डॉक्टरों और मरीजों के बीच बेहतर संवाद होना जरूरी है, क्योंकि डॉक्टरों पर मरीज भगवान जितना भरोसा करते हैं। इसलिए मरीजों के साथ समन्वय बेहतर होना चाहिए। इस दौरान डॉ. आरपी त्रिपाठी, डॉ. डीके सिंह, डॉ. अजय शुक्ला, डॉ. शशांक कुमार, डॉ. एसएस शाही, उत्तर प्रदेश नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. एके चतुर्वेदी, सचिव डॉ. धर्मेंद्र राय मौजूद रहे।
 
गर्भस्थ शिशु के मामले की पूरी जानकारी मुख्यमंत्री ने डीएम के विजयेंद्र पांडियन से जानी। बताया जाता है कि इसके बाद आईएमए के पदाधिकारियों को मिलने के लिए बुलाया गया। पदाधिकारियों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने डीएम को मामले में निष्पक्ष जांच कराने का निर्देश दिया है।
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