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Gorakhpur News: अगर बाहर की जांच लिखें तो कारण समेत सूचना दें चिकित्साधिकारी
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- पैथालॉजिकल सिस्टम सुदृढ़ीकरण के लिए आयोजित ओरिएंटेशन व स्किल ट्रेनिंग वर्कशॉप में बोले सीएमओ
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जिले की 22 ग्रामीण सीएचसी-पीएचसी और 10 नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों के लिए सभी आवश्यक जांचों की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। किसी भी प्राथमिक या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को बाहर की जांच न लिखी जाए। यदि किसी कारणवश बाहर की जांच लिखी जाती है, तो इसकी तत्काल सूचना दें, जिससे कि व्यवस्था को ठीक कराया जा सके।
यह बातें सीएमओ डॉ. राजेश कुमार झा ने बृहस्पतिवार को ''''पैथालॉजिकल सिस्टम स्ट्रेंथनिंग'''' के लिए आयोजित ओरिएंटेशन एंड स्किल ट्रेनिंग वर्कशॉप में कहीं। सीएमओ ने कहा कि प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से मरीजों को संक्रमणमुक्त माहौल में क्वालिटी टेस्टिंग और सटीक रिपोर्टिंग मिल सकेगी। सरकारी अस्पतालों में जांच सेवाएं निजी केंद्रों से बेहतर हों, यह सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो मरीज को निजी केंद्र भेजने की बजाय उच्च चिकित्सा संस्थान को संदर्भित करें।
सीएमओ ने यह भी निर्देश दिए कि यदि किसी जांच मशीन में खराबी आती है तो तुरंत सूचना दी जाए, ताकि मरीजों की जांच में बाधा न आए। कार्यशाला में प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए। इस अवसर पर डीपीएम पंकज आनंद, डीसीपीएम रिपुंजय पांडेय आदि उपस्थित रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जिले की 22 ग्रामीण सीएचसी-पीएचसी और 10 नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों के लिए सभी आवश्यक जांचों की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। किसी भी प्राथमिक या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को बाहर की जांच न लिखी जाए। यदि किसी कारणवश बाहर की जांच लिखी जाती है, तो इसकी तत्काल सूचना दें, जिससे कि व्यवस्था को ठीक कराया जा सके।
यह बातें सीएमओ डॉ. राजेश कुमार झा ने बृहस्पतिवार को ''''पैथालॉजिकल सिस्टम स्ट्रेंथनिंग'''' के लिए आयोजित ओरिएंटेशन एंड स्किल ट्रेनिंग वर्कशॉप में कहीं। सीएमओ ने कहा कि प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से मरीजों को संक्रमणमुक्त माहौल में क्वालिटी टेस्टिंग और सटीक रिपोर्टिंग मिल सकेगी। सरकारी अस्पतालों में जांच सेवाएं निजी केंद्रों से बेहतर हों, यह सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो मरीज को निजी केंद्र भेजने की बजाय उच्च चिकित्सा संस्थान को संदर्भित करें।
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सीएमओ ने यह भी निर्देश दिए कि यदि किसी जांच मशीन में खराबी आती है तो तुरंत सूचना दी जाए, ताकि मरीजों की जांच में बाधा न आए। कार्यशाला में प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए। इस अवसर पर डीपीएम पंकज आनंद, डीसीपीएम रिपुंजय पांडेय आदि उपस्थित रहे।
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