घर में रहकर जल्द दे रहे हैं कोरोना को मात, यहां 80 प्रतिशत से अधिक मरीजों ने जीती जंग
होम आइसोलेशन की सुविधा ने काफी हद तक कोरोना के भय को खत्म किया है। यही वजह है घर पर स्वास्थ्य लाभ कर रहे मरीज मानकों का पालन कर महज सात से आठ दिनों में बेहतर महसूस कर रहे हैं। जिले के 80 प्रतिशत से अधिक मरीजों ने होम आइसोलेशन में रहकर कोरोना को मात दी है। 1800 से अधिक मरीज अभी आइसोलेट हैं।
सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि बिना लक्षण वाले (अलक्षिणक) मरीजों को होम आइसोलेशन की अनुमति दी जा रही है। घर का माहौल उनके स्वस्थ होने की गति को तेज कर रहा है। उनकी सुविधा के लिए रैपिड रिस्पांस टीम भी लगाई गई है, जो समय-समय पर मरीजों के घरों पर जाकर उनकी सेहत के बारे में जान रही है।
सीएमओ ने बताया कि अब तक 8400 से अधिक मरीज होम आइसोलेशन में रहकर ठीक हो चुके हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सा विभाग के अध्यक्ष डॉ. तपस बताते हैं कि मरीज अस्पताल में असहज महसूस करते हैं। वहीं घर पर उन्हें मानसिक रूप से ज्यादा आराम मिलता है। यही वजह है कि मरीज जल्दी ठीक हो जा रहे हैं।
लापरवाही न करें
सीएमओ ने बताया कि होम आइसोलेशन में हैं और सांस लेने में परेशानी, शरीर में ऑक्सीजन की कमी, सीने में लगातार दर्द, मानसिक भ्रम, बोलने में दिक्कत हो रही है, तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। 60 साल से ऊपर के मरीज होम आइसोलेशन में न रहें।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
देखभाल करने के लिए एक व्यक्ति होना चाहिए। वह कोविड प्रोटोकॉल का पूरा पालन करें। डॉक्टर के अनुसार ही दवा का सेवन करें। कोविड कंट्रोल रूम पर अपने स्वास्थ्य की जानकारी दें। मरीज हर समय ट्रिपल लेयर मास्क पहनें।